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ग्रामीण बोले-पानी नहीं तो वोट नहीं

Wed, 27 Jul 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर Updated Wed, 27 Jul 2016 11:05 PM IST
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 rural Said water otherwise not vote
सूखे हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला

काली नदी के किनारे के रमपुरा, ढकौली और मालागढ़ समेत आठ गांवों का पानी पूरी तरह से दूषित हो चुका है। जल निगम की प्रयोगशाला में इसका खुलासा हुआ है। पेयजल गुणवत्ता की सच्चाई सामने आने से ग्रामीणों में खलबली है। वहीं, ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव 2017 में दूृषित पानी को मुद्दा बनाने की ठान ली है।

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जनपद के गांव मालागढ़, ढकौली, रमपुरा, लोगला, आंचरू कला, उस्तरा और नवादा का पानी पहले ही दूषित हो चुका है। पानी में हार्ड मेटल भी पाया गया है। अफसरों को पानी के जहरीले होने की जानकारी है। इसके बावजूद हुक्मरानों ने साफ पानी का इंतजाम नहीं किया है। साफ पानी का बंदोबस्त न होने से हजारों ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
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बता दें कि ये गांव काली नदी के आसपास बसे हुए हैं। काली नदी में आर्सेनिक और फ्लोराइड जैसे हानिकारक तत्व पाए गए हैं। नदी से इन जहरीले रसायनों का असर ग्राउंड वाटर तक पहुंच गया है। गांवों के नलों से रसायन मिला हुआ पानी निकल रहा है।
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जलनिगम की लैब की जांच में पानी के जहरीले होने की पुष्टि हो चुकी है। उस्तरा निवासी वेदपाल, मालागढ़ निवासी सचिन और ढकौली निवासी इमरान ने बताया कि इस बार विधानसभा चुनावों में विकास के साथ दूषित पानी भी चुनाव का मुद्दा होगा। जब तक गांवों में पीने को साफ पानी नहीं मिलेगा, तब तक  ग्रामीण मतदान नहीं करेंगे।

वहीं, आवास विकास प्रथम में पुरानी टंकी का पानी दूषित हो चुका है। टंकी से जहां जहां पानी की सप्लाई हो रहा वहां के लोगों का कहना है कि पानी बदबूदार आता है। कभी कभी कीड़े भी पानी में निकलते हैं।

साल भर पहले हुई थी जांच
एक साल पहले 17 गांवों में जलनिगम ने हैंडपंप से निकले पानी की सैंपलिंग कराई थी। पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट हाल ही में सार्वजनिक हुई है। इन गांवों में दूषित पानी को लेकर अमर उजाला ने मुद्दा उठाया था।

इसका पता लगाने के लिए सीडीओ ने जलनिगम के अफसरों को पानी की जांच का आदेश दिया था। निगम ने कार्रवाई नहीं की। सीडीओ ने कहा है कि कार्रवाई नहीं करने पर निगम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 


जिन गांवों में पानी दूषित हो चुका है उन गांवों में पेयजल की परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है। जल्द ही इन गांवों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। - जसजीत कौर, सीडीओ, बुलंदशहर

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