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गेहूं तौल से वंचित किसानों का मंडी में हंगामा
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गुलावठी की नवीन मंडी में बुधवार को आरएफसी के क्रय केंद्र पर तौल शुरू कराने के लिए हंगामा करते किस?
- फोटो : BULANDSHAHR
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गेहूं तौल से वंचित किसानों का मंडी में हंगामा
बुलंदशहर जिले में गत मंगलवार को गेहूं की तौल बंद होने के बाद भी किसान रात के समय क्रय केंद्रों पर डटे रहे। बुधवार जब उनके गेहूं की तौल नहीं हुई तो किसानों ने गुलावठी, स्याना, सिकंदराबाद और औरंगाबाद मंडी में नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। गुलावठी और औरंगाबाद मंडी में किसानों के रोष को देखते हुए केंद्र के कर्मचारी भाग खड़े हुए। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक तौल शुरू नहीं हो जाती, वह ट्रैक्टर ट्रॉली में लदा गेहूं केंद्र से वापस नहीं ले जाएंगे। तौल के अंतिम दिन तक 151 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की चुकी है।
सीन-1
टोकन मिलने के बाद भी नहीं तौला गेहूं
गुलावठी के नवीन मंडी स्थित क्रय केंद्र पर तौल बंद रही। अभी तक हजारों किसानों का गेहूं नहीं तौला जा सका है। बुधवार को अनेक किसानों ने गेहूं क्रय केंद्र पर हंगामा किया। किसानों प्रेमवीर सिंह सीही, किरनपाल सिंह खंगावली, मौहम्मद खालिद खंगावली, लियाकत अली सधारनपुर आदि का कहना था कि वह कई दिनों से ट्रैक्टर ट्रॉलियों में अपना गेहूं लेकर केंद्र पर पड़े थे। उन्हें टोकन नंबर भी जारी कर दिया गया। मंगलवार को उनका गेहूं तुलने की संभावना थी, लेकिन उनका गेहूं तौला नहीं गया।
सीन-2
15 दिन बाद भी नहीं आया नंबर
सिकंदराबाद मंडी में भी किसानों ने हंगामा किया। किसानों का कहना है कि सरकारी पोर्टल पर अपने गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करा दिया था। इसके बाद उन्हें अपने गेहूं को क्रय केंद्र पर बेचने के लिए तारीख दी गई दी। दिए गए समय पर वह अपना गेहूं क्रय केंद्र पर लेकर पहुंचे थे। मगर 15 दिनों तक क्रय केंद्र पर खड़े रहने के बाद भी उनका नंबर नहीं आया। उनका गेहूं क्रय केंद्र पर ट्रालियों में भरा पड़ा है। ऐसे में वह अपने गेहूं को किसी निजी व्यापारी को बेचते हैं तो उन्हें प्रति क्विंटल 300 से 350 रूपये का नुकसान होगा।
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सीन-3
रात-दिन तौल का करते रहे इंतजार
औरंगाबाद की मंडी में गेहूं क्रय केंद्र पर टोकन मिलने के एक सप्ताह बाद भी गेहूं नही खरीदने पर गुस्साए किसानों ने हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे को देख कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। किसान समयपाल सिंह, जगमोहन सिंह, हंसराज सिंह और प्रेमराज सिंह आदि ने बताया कि उनके टोकन 15 जून से कटे पड़े हुए है, लेकिन तोल बंद होने के बाद भी आज तक उनके गेहूं नहीं खरीदा गया। अब मंडी में सस्ते दाम पर गेहूं बेचना मजबूरी होगा।
सीन-4
किसानों के साथ हुआ अन्याय
स्याना मंडी के क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद बंद किए जाने को लेकर किसानो ने गुस्सा जताते हुए किसानों ने धरना-प्रर्दशन करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाएं। भाकियू नेता वीरपाल सिंह का कहना है कि पिछले कई दिनों से किसान अपनी ट्रैक्टर ट्राली लेकर क्रय केन्द्रों पर खड़े हुए हैं व रात में भी खुले आसमान में सोने के लिए मजबूर हैं। लेकिन क्रय केन्द्राें पर उनका गेहूं नहीं तोला गया। किसानों ने क्रय केन्द्रों पर किसानों के साथ सरासर अन्याय होने की बात कही। इस दौरान किसान अनिल, मोहित राघव, यश शर्मा, सत्यप्रकाश, ओमपाल, अमर सिंह आदि मौजूद रहे।
मंडियों नहीं है गेहूं का कोई निर्धारित दाम
किसानों ने बताया कि जनपद की किसी भी मंडी में गेहूं का रेट निर्धारित नहीं है। किसी मंडी में गेहूं 1625 से 1640 तो किसी मंडी में 1720 से 1750 रुपये तक खरीदा जा रहा है। जबकि क्रय केंद्र पर गेहूं का रेट 1975 रुपये था। ऐसे में अब मंडी में गेहूं बेचने पर किसानों को 300 से 350 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ेगा।
बोले किसान
मेरे अलावा अन्य किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा दिया था तथा उन्हें टोकन नंबर भी जारी कर दिया। क्षेत्र में सैकड़ों किसानों का गेहूं अभी नहीं तुला है। सरकार को गेहूं खरीद की तिथि बढ़ानी चाहिए। - किसान प्रेमवीर सिंह।
मंडी में अब उन्हें कम दामों अपना गेहूं बेचना पड़ेगा। क्रय केंद्र पर उनका गेहूं तुल जाता तो उन्हें गेहूं के अच्छे भाव मिल सकते थे। सरकार को किसानों की चिंता नहीं है। सरकार को किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है। - किसान गौरव कुमार।
अपना गेहूं बेचने के लिए 21 अप्रैल को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया था। 12 गेहूं को क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने की तारीख दी गई थी। तभी से वह अनाज मंडी स्थित क्रय केंद्र पर खड़े हुए है। - किसान अजय कुमार।
दो माह पहले पोर्टल पर गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। क्रय केंद्र पर उन्हें गेहूं ले जाने के उन्हें आइ जून की तारीख दी गई थी। उसके बाद से ही वह अपना गेहूं बेचने के लिए मंडी स्थित क्रय पर खड़े हुए है। - किसान गुलशन कुमार।
गेहूं की खरीद के लिए शासन से 22 जून तक का समय दिया था, जो निकल गया है। अभी तक शासन से गेहूं खरीद की कोई तिथि नहीं बढ़ाई है। ऐसे में अब क्रय केंद्रों पर गेहूं की तौल नहीं हो सकती है। - जेया-ए-करीम, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।
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बुलंदशहर जिले में गत मंगलवार को गेहूं की तौल बंद होने के बाद भी किसान रात के समय क्रय केंद्रों पर डटे रहे। बुधवार जब उनके गेहूं की तौल नहीं हुई तो किसानों ने गुलावठी, स्याना, सिकंदराबाद और औरंगाबाद मंडी में नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। गुलावठी और औरंगाबाद मंडी में किसानों के रोष को देखते हुए केंद्र के कर्मचारी भाग खड़े हुए। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक तौल शुरू नहीं हो जाती, वह ट्रैक्टर ट्रॉली में लदा गेहूं केंद्र से वापस नहीं ले जाएंगे। तौल के अंतिम दिन तक 151 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की चुकी है।
सीन-1
टोकन मिलने के बाद भी नहीं तौला गेहूं
गुलावठी के नवीन मंडी स्थित क्रय केंद्र पर तौल बंद रही। अभी तक हजारों किसानों का गेहूं नहीं तौला जा सका है। बुधवार को अनेक किसानों ने गेहूं क्रय केंद्र पर हंगामा किया। किसानों प्रेमवीर सिंह सीही, किरनपाल सिंह खंगावली, मौहम्मद खालिद खंगावली, लियाकत अली सधारनपुर आदि का कहना था कि वह कई दिनों से ट्रैक्टर ट्रॉलियों में अपना गेहूं लेकर केंद्र पर पड़े थे। उन्हें टोकन नंबर भी जारी कर दिया गया। मंगलवार को उनका गेहूं तुलने की संभावना थी, लेकिन उनका गेहूं तौला नहीं गया।
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सीन-2
15 दिन बाद भी नहीं आया नंबर
सिकंदराबाद मंडी में भी किसानों ने हंगामा किया। किसानों का कहना है कि सरकारी पोर्टल पर अपने गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करा दिया था। इसके बाद उन्हें अपने गेहूं को क्रय केंद्र पर बेचने के लिए तारीख दी गई दी। दिए गए समय पर वह अपना गेहूं क्रय केंद्र पर लेकर पहुंचे थे। मगर 15 दिनों तक क्रय केंद्र पर खड़े रहने के बाद भी उनका नंबर नहीं आया। उनका गेहूं क्रय केंद्र पर ट्रालियों में भरा पड़ा है। ऐसे में वह अपने गेहूं को किसी निजी व्यापारी को बेचते हैं तो उन्हें प्रति क्विंटल 300 से 350 रूपये का नुकसान होगा।
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सीन-3
रात-दिन तौल का करते रहे इंतजार
औरंगाबाद की मंडी में गेहूं क्रय केंद्र पर टोकन मिलने के एक सप्ताह बाद भी गेहूं नही खरीदने पर गुस्साए किसानों ने हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे को देख कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। किसान समयपाल सिंह, जगमोहन सिंह, हंसराज सिंह और प्रेमराज सिंह आदि ने बताया कि उनके टोकन 15 जून से कटे पड़े हुए है, लेकिन तोल बंद होने के बाद भी आज तक उनके गेहूं नहीं खरीदा गया। अब मंडी में सस्ते दाम पर गेहूं बेचना मजबूरी होगा।
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किसानों के साथ हुआ अन्याय
स्याना मंडी के क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद बंद किए जाने को लेकर किसानो ने गुस्सा जताते हुए किसानों ने धरना-प्रर्दशन करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाएं। भाकियू नेता वीरपाल सिंह का कहना है कि पिछले कई दिनों से किसान अपनी ट्रैक्टर ट्राली लेकर क्रय केन्द्रों पर खड़े हुए हैं व रात में भी खुले आसमान में सोने के लिए मजबूर हैं। लेकिन क्रय केन्द्राें पर उनका गेहूं नहीं तोला गया। किसानों ने क्रय केन्द्रों पर किसानों के साथ सरासर अन्याय होने की बात कही। इस दौरान किसान अनिल, मोहित राघव, यश शर्मा, सत्यप्रकाश, ओमपाल, अमर सिंह आदि मौजूद रहे।
मंडियों नहीं है गेहूं का कोई निर्धारित दाम
किसानों ने बताया कि जनपद की किसी भी मंडी में गेहूं का रेट निर्धारित नहीं है। किसी मंडी में गेहूं 1625 से 1640 तो किसी मंडी में 1720 से 1750 रुपये तक खरीदा जा रहा है। जबकि क्रय केंद्र पर गेहूं का रेट 1975 रुपये था। ऐसे में अब मंडी में गेहूं बेचने पर किसानों को 300 से 350 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ेगा।
बोले किसान
मेरे अलावा अन्य किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा दिया था तथा उन्हें टोकन नंबर भी जारी कर दिया। क्षेत्र में सैकड़ों किसानों का गेहूं अभी नहीं तुला है। सरकार को गेहूं खरीद की तिथि बढ़ानी चाहिए। - किसान प्रेमवीर सिंह।
मंडी में अब उन्हें कम दामों अपना गेहूं बेचना पड़ेगा। क्रय केंद्र पर उनका गेहूं तुल जाता तो उन्हें गेहूं के अच्छे भाव मिल सकते थे। सरकार को किसानों की चिंता नहीं है। सरकार को किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है। - किसान गौरव कुमार।
अपना गेहूं बेचने के लिए 21 अप्रैल को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया था। 12 गेहूं को क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने की तारीख दी गई थी। तभी से वह अनाज मंडी स्थित क्रय केंद्र पर खड़े हुए है। - किसान अजय कुमार।
दो माह पहले पोर्टल पर गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। क्रय केंद्र पर उन्हें गेहूं ले जाने के उन्हें आइ जून की तारीख दी गई थी। उसके बाद से ही वह अपना गेहूं बेचने के लिए मंडी स्थित क्रय पर खड़े हुए है। - किसान गुलशन कुमार।
गेहूं की खरीद के लिए शासन से 22 जून तक का समय दिया था, जो निकल गया है। अभी तक शासन से गेहूं खरीद की कोई तिथि नहीं बढ़ाई है। ऐसे में अब क्रय केंद्रों पर गेहूं की तौल नहीं हो सकती है। - जेया-ए-करीम, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।