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आरटीआई का जवाब ‘कोरा कागज’
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:49 PM IST
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आरटीआई
- फोटो : अमर उजाला
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वन विभाग में रिटायर्ड कर्मी की भविष्य निधि में हेराफेरी का मामला सामने आया है। खास बात है यह कि रिटायर्ड कर्मी ने आरटीआई के माध्यम से जब अपने भविष्य निधि की जानकारी लेनी चाही तो उसे विभाग की ओर से कोरा कागज भेज दिया गया। वन रक्षक ने पूरे मामले की शिकायत डीएम से की है।
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वन रक्षक के पद से रिटायर्ड श्रीपाल सिंह ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि वह 31 दिसंबर 2014 को सेवानिवृत्त हुए थे। भविष्य निधि खाते में उनकी जमा धनराशि 9,35,099 रुपये थी। उन्हें सात जनवरी 2016 को 9,06,697 रुपये धनराशि दी गई।
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इसके बाद कई बार शिकायती पत्र लिखने के बाद दो अगस्त 2016 को 16 हजार रुपये और दिए गए, जबकि अभी भी उनके करीब 13 हजार रुपये बकाया हैं। आरोप है कि शिकायत करने पर अफसर धमकी देते हैं। जब इस बाबत आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई तो उन्हें आरटीआई के जवाब में कोरे कागज भेज दिए गए।
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रिटायर्ड वन रक्षक ने वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी से जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
भविष्य निधि का पूरा भुगतान किया जा चुका है। कर्मी के खाते में भुगतान दिया जा चुका है। आरटीआई में कोरे कागज नहीं भेजे गए हैं, कर्मी गलत बोल रहे हैं। कर्मी के आरोप गलत है। - अनुज कुमार सक्सेना,जिला वन अधिकारी