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स्कूल में छत से गिरा प्लास्टर, बाल-बाल बचे 30 बच्चे
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स्कूल में छत से गिरा प्लास्टर, बाल-बाल बचे 30 बच्चे
चोला। क्षेत्र के गांव फतेहपुर जादो स्थित बेसिक स्कूल में बृहस्पतिवार को बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान एक कमरे की छत का प्लास्टर गिर गया, जिससे कक्षा में पढ़ रहे 30 बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे के दौरान सभी बच्चे कक्ष से चीखते हुए बाहर ओर की भागे। बच्चों के शोर से शिक्षकों को हादसे का पता चला।
गांव फतेहपुर जोदा में एक ही स्थान पर प्राइमरी और जूनियर विद्यालय हैं। यहां पर 107 बच्चे अध्ययनरत हैं। प्रधानाध्यापक ललित कुमार में बताया कि स्कूल का भवन काफी पुराना हो चुका है और जर्जर हाल में है। यहां पर हर समय हादसे का डर बना रहता है। इससे कई बार विभागीय अधिकारियों को भी अवगत करवा दिया गया है लेकिन किसी ने आज तक इस समस्या को दूर करने की सुध नहीं ली है।
बृहस्पतिवार को छत का प्लास्टर गिर गया। गनीमत रही कि कोई बच्चा इसकी चपेट में नहीं आया। हादसे के बाद अब बच्चे सहमे हुए हैं। इन बच्चों की पढ़ाई अब बरामदे में कराई जा रही है। इससे विभागीय अधिकारियों को भी अवगत करवा दिया गया है। बच्चों के अभिभावक भी हादसे के बाद चिंतित हैं। उनका कहना है कि जर्जर हो चुके इस भवन में बच्चों को न पढ़ाया जाए। बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग व्यवस्था की जाए और जर्जर भवन की जगह नया भवन बनवाया जाए।
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200 से अधिक स्कूलों के भवन जर्जर
इस स्कूल में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। जिले में 200 से अधिक ऐसे स्कूल हैं, जिनके भवन जर्जर हाल हैं और वहां पर अध्ययनरत बच्चे और शिक्षक हर समय कोई हादसा न हो जाए, इसे लेकर चिंतित रहते हैं। पिछले दिनों इसी तरह का हादसा शिकारपुर क्षेत्र के गांव चित्सौन व पुंडरी के अलावा ऊंचागांव समेत कई क्षेत्रों में सामने आ चुका है। इसके बाद भी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बीएसए का आदेश भी हवा-हवाई
पिछले दिनों बीएसए ने एक आदेश जारी किया था कि इस समय बारिश का मौसम है। ऐसे में शिक्षकों को चाहिए कि वह किसी भी जर्जर भवन के कक्ष में कक्षाओं का संचालन न करें। बावजूद इसके जर्जर भवनों में कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर शिक्षकों का कहना है कि जब स्कूल में जगह ही नहीं है तो फिर बच्चों को कहां पढ़ाया जाए। इस ओर विभाग को ध्यान देना चाहिए।
विभाग के जर्जर भवनों को चिन्हित कर उन्हें ध्वस्त करने का काम जारी है। जल्द ही सभी जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त करवा दिया जाएगा। साथ ही उनके स्थान पर नए भवन और कमरे बनाने का भी काम चल रहा है। फतेहपुर जादो स्कूल की जानकारी मिल गई है। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। - वीके शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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चोला। क्षेत्र के गांव फतेहपुर जादो स्थित बेसिक स्कूल में बृहस्पतिवार को बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान एक कमरे की छत का प्लास्टर गिर गया, जिससे कक्षा में पढ़ रहे 30 बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे के दौरान सभी बच्चे कक्ष से चीखते हुए बाहर ओर की भागे। बच्चों के शोर से शिक्षकों को हादसे का पता चला।
गांव फतेहपुर जोदा में एक ही स्थान पर प्राइमरी और जूनियर विद्यालय हैं। यहां पर 107 बच्चे अध्ययनरत हैं। प्रधानाध्यापक ललित कुमार में बताया कि स्कूल का भवन काफी पुराना हो चुका है और जर्जर हाल में है। यहां पर हर समय हादसे का डर बना रहता है। इससे कई बार विभागीय अधिकारियों को भी अवगत करवा दिया गया है लेकिन किसी ने आज तक इस समस्या को दूर करने की सुध नहीं ली है।
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बृहस्पतिवार को छत का प्लास्टर गिर गया। गनीमत रही कि कोई बच्चा इसकी चपेट में नहीं आया। हादसे के बाद अब बच्चे सहमे हुए हैं। इन बच्चों की पढ़ाई अब बरामदे में कराई जा रही है। इससे विभागीय अधिकारियों को भी अवगत करवा दिया गया है। बच्चों के अभिभावक भी हादसे के बाद चिंतित हैं। उनका कहना है कि जर्जर हो चुके इस भवन में बच्चों को न पढ़ाया जाए। बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग व्यवस्था की जाए और जर्जर भवन की जगह नया भवन बनवाया जाए।
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200 से अधिक स्कूलों के भवन जर्जर
इस स्कूल में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। जिले में 200 से अधिक ऐसे स्कूल हैं, जिनके भवन जर्जर हाल हैं और वहां पर अध्ययनरत बच्चे और शिक्षक हर समय कोई हादसा न हो जाए, इसे लेकर चिंतित रहते हैं। पिछले दिनों इसी तरह का हादसा शिकारपुर क्षेत्र के गांव चित्सौन व पुंडरी के अलावा ऊंचागांव समेत कई क्षेत्रों में सामने आ चुका है। इसके बाद भी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बीएसए का आदेश भी हवा-हवाई
पिछले दिनों बीएसए ने एक आदेश जारी किया था कि इस समय बारिश का मौसम है। ऐसे में शिक्षकों को चाहिए कि वह किसी भी जर्जर भवन के कक्ष में कक्षाओं का संचालन न करें। बावजूद इसके जर्जर भवनों में कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर शिक्षकों का कहना है कि जब स्कूल में जगह ही नहीं है तो फिर बच्चों को कहां पढ़ाया जाए। इस ओर विभाग को ध्यान देना चाहिए।
विभाग के जर्जर भवनों को चिन्हित कर उन्हें ध्वस्त करने का काम जारी है। जल्द ही सभी जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त करवा दिया जाएगा। साथ ही उनके स्थान पर नए भवन और कमरे बनाने का भी काम चल रहा है। फतेहपुर जादो स्कूल की जानकारी मिल गई है। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। - वीके शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी।