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500 चालकों में से 450 की आंखें निकलीं कमजोर
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500 चालकों में से 450 की आंखें निकलीं कमजोर
बुलंदशहर। ट्रक चालकों की लापरवाही के चलते हाईवे पर हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। पुलिस विभाग की ओर से हाईवे पर कई ट्रक चालकों की आंखों की जांच कराई गई तो अधिकांश चालकों की आंखों की रोशनी कमजोर निकली। वहीं, पुलिस अफसरों ने इस संबंध में आईरेड ऐप के विश्लेषण की भी मदद ली। साथ ही इस दौरान जनपद पुलिस ने पांच दिवसीय जांच शिविर भी प्रारंभ कर दिया है। जिसमें पुलिस विभाग की ओर से ऐसे ट्रक चालकों को निशुल्क चश्मा वितरित किया जा रहा है, जिससे कि हादसों में कमी लाई जा सके।
जिले में दिनोंदिन सड़क हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। खासतौर से हाईवे पर हर दूसरे दिन कोई न कोई हादसा हो रहा है। लगातार हादसों को देखते हुए एएसपी शशांक सिंह के द्वारा आईरेड ऐप से हादसों का डेटा हासिल कर उसका अध्ययन किया गया। डेटा का अध्ययन करने पर पता चला कि अधिकांश हादसे ट्रक एवं बड़े वाहनों से हो रहे हैं। ऐसे में चालकों की नेत्र ज्योति का कमजोर होना भी हादसों की एक वजह हो सकता है। इसके चलते सहायक पुलिस अधीक्षक द्वारा एक अभियान शुरू कर कोतवाली देहात के समीप हाईवे पर ट्रक एवं अन्य बड़े वाहनों को रोककर चालकों की आंखों की जांच कराई गई। करीब 500 चालकों की आंखों की जांच में 450 चालकों की नेत्र ज्योति कमजोर निकली। एएसपी ने बताया कि जिन चालकों की आंखें कमजोर पाई गई हैं, उनको निशुल्क चश्मे वितरित किए गए हैं। वहीं जिन चालकों की नेत्र ज्योति बेहद कमजोर निकली है, उनको अपना उपचार कराने के बाद ही वाहन चलाने के लिए कहा गया है। एएसपी ने बताया कि पुलिस की इस पहल का उद्देश्य हादसों की संख्या में कमी लाना है। जल्द ही अन्य थाना क्षेत्रों में भी यह अभियान शुरू किया जाएगा।
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बुलंदशहर। ट्रक चालकों की लापरवाही के चलते हाईवे पर हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। पुलिस विभाग की ओर से हाईवे पर कई ट्रक चालकों की आंखों की जांच कराई गई तो अधिकांश चालकों की आंखों की रोशनी कमजोर निकली। वहीं, पुलिस अफसरों ने इस संबंध में आईरेड ऐप के विश्लेषण की भी मदद ली। साथ ही इस दौरान जनपद पुलिस ने पांच दिवसीय जांच शिविर भी प्रारंभ कर दिया है। जिसमें पुलिस विभाग की ओर से ऐसे ट्रक चालकों को निशुल्क चश्मा वितरित किया जा रहा है, जिससे कि हादसों में कमी लाई जा सके।
जिले में दिनोंदिन सड़क हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। खासतौर से हाईवे पर हर दूसरे दिन कोई न कोई हादसा हो रहा है। लगातार हादसों को देखते हुए एएसपी शशांक सिंह के द्वारा आईरेड ऐप से हादसों का डेटा हासिल कर उसका अध्ययन किया गया। डेटा का अध्ययन करने पर पता चला कि अधिकांश हादसे ट्रक एवं बड़े वाहनों से हो रहे हैं। ऐसे में चालकों की नेत्र ज्योति का कमजोर होना भी हादसों की एक वजह हो सकता है। इसके चलते सहायक पुलिस अधीक्षक द्वारा एक अभियान शुरू कर कोतवाली देहात के समीप हाईवे पर ट्रक एवं अन्य बड़े वाहनों को रोककर चालकों की आंखों की जांच कराई गई। करीब 500 चालकों की आंखों की जांच में 450 चालकों की नेत्र ज्योति कमजोर निकली। एएसपी ने बताया कि जिन चालकों की आंखें कमजोर पाई गई हैं, उनको निशुल्क चश्मे वितरित किए गए हैं। वहीं जिन चालकों की नेत्र ज्योति बेहद कमजोर निकली है, उनको अपना उपचार कराने के बाद ही वाहन चलाने के लिए कहा गया है। एएसपी ने बताया कि पुलिस की इस पहल का उद्देश्य हादसों की संख्या में कमी लाना है। जल्द ही अन्य थाना क्षेत्रों में भी यह अभियान शुरू किया जाएगा।
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