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Bulandshahar News: छह माह में बिखर गई एक करोड़ से बनी सड़क
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मालागढ़-बदनोरा मार्ग का निरीक्षण करते सदर विधायक
बुलंदशहर। एक करोड़ से अधिक लागत से बनी सड़क छह माह में ही गड्ढों में तब्दील हो गई। ग्रामीणों की शिकायत पर सोमवार को सदर विधायक ने सड़क का निरीक्षण किया तो निर्माण कार्य की पोल खुल गई। स्थिति यह है कि सड़क की लेयर पूरी तरह से गायब हो चुकी है और नीचे से गिट्टी निकलकर सड़क पर फैल रही है। साथ ही गड्ढों में बारिश का पानी भर रहा है।
सोमवार को सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने गांव मालागढ़-बदनोरा-ढकोली-काजीपुर के लोगों की शिकायत पर गांव के संपर्क मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पता चला कि करीब छह माह पहले ही इस सड़क को एक करोड़ से अधिक लागत से बनाया गया था। छह माह बाद ही बारिश के मौसम में सड़क पूरी तरह से टूटकर बिखर गई। विधायक प्रदीप चौधरी ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि एक बारिश में ही न केवल सड़क टूटकर बिखरी है, बल्कि सड़क में औसतन प्रत्येक एक फीट पर गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में न केवल सरकार के एक करोड़ रुपये बर्बाद हो गए, बल्कि ग्रामीणों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
मालागढ़ गांव के प्रधान जगजीवन सैनी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीणों ने दोयम दर्जे की सामग्री के प्रयोग का आरोप लगाया था। इसके बाद भी अधिकारियों ने जांच के नाम पर खानापूर्ति करते हुए ठेकेदार को लाभ पहुंचाया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क की तकनीकि जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने बताया कि सड़क केवल छह माह में टूट गई, जिसके चलते अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा।
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सोमवार को सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने गांव मालागढ़-बदनोरा-ढकोली-काजीपुर के लोगों की शिकायत पर गांव के संपर्क मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पता चला कि करीब छह माह पहले ही इस सड़क को एक करोड़ से अधिक लागत से बनाया गया था। छह माह बाद ही बारिश के मौसम में सड़क पूरी तरह से टूटकर बिखर गई। विधायक प्रदीप चौधरी ने बताया कि अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि एक बारिश में ही न केवल सड़क टूटकर बिखरी है, बल्कि सड़क में औसतन प्रत्येक एक फीट पर गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। ऐसे में न केवल सरकार के एक करोड़ रुपये बर्बाद हो गए, बल्कि ग्रामीणों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
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मालागढ़ गांव के प्रधान जगजीवन सैनी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीणों ने दोयम दर्जे की सामग्री के प्रयोग का आरोप लगाया था। इसके बाद भी अधिकारियों ने जांच के नाम पर खानापूर्ति करते हुए ठेकेदार को लाभ पहुंचाया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क की तकनीकि जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने बताया कि सड़क केवल छह माह में टूट गई, जिसके चलते अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा।
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