फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   road accident

दो बेटों और बहन का अंतिम संस्कार करना है... अस्पताल से छुट्टी दे दो

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 10:21 PM IST
विज्ञापन
road accident
दो बेटों और बहन का अंतिम संस्कार करना है... अस्पताल से छुट्टी दे दो
विज्ञापन

बुलंदशहर। जिला अस्पताल में भर्ती हरेंद्र ने मंगलवार दोपहर अस्पताल प्रशासन से लिखित में डिस्चार्ज करने की अपील की। उसने कहा कि उसे दोनों बेटों और चचेरी बहन का अंतिम संस्कार करना है। अस्पताल प्रशासन ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत दे दी।
हादसे में गंभीर रूप से घायल हरेंद्र भी बेसुध हो गया था। बेटों, बहन, दोस्त और साले की मौत पर उसे गहरा सदमा लगा। अस्पताल में वह बच्चों के उपचार के लिए लोगों से मिन्नतें कर रहा था। कह रहा था कि बच्चों का इलाज करा दो, वह दोनों जल्द ही ठीक हो जाएंगे। लोगों के समझाने के बाद अपना उपचार शुरू कराया। दर्द से आराम के लिए उसे इंजेक्शन दिए गए, जिससे वह सो गया। दोपहर को होश में आने पर उसने अपने बच्चों और चचेरी बहन के अंतिम संस्कार में शामिल होने की मांग की। परिजन उसे अस्पताल से लेकर आवास पर पहुंचे तो बच्चों के शव देख वह बिलख उठा।
विज्ञापन

एक अर्थी पर विदा हुए दोनों भाई, एक साथ जलीं बुआ और भतीजों की चिताएं
शास्त्री पार्क स्थित हरेंद्र के घर से उसके दोनों पुत्रों के शव एक ही अर्थी पर ले जाए गए। दूसरी अर्थी पर उनकी बुआ शालू का शव था। तीनों शव एक साथ घर से निकले तो परिजनों का विलाप सुन वहां मौजूद हर किसी की आंखें भर आईं। काली नदी स्थित श्मशान घाट में तीनों चिताओं को एक साथ हरेंद्र के भतीजे ने मुखाग्नि दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

दीपांशू का चेहरा नहीं देख सके परिजन
हादसे में मरे दीपांशू का सिर व चेहरा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। कंधे से ऊपर का हिस्सा क्षत-विक्षत था। उसकी पहचान भी नहीं हो पा रही थी। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव घर पहुंचा लेकिन परिजन अपने लाल का अंतिम बार चेहरा तक न देख सके।
दीपांशू के चाचा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज
मृतक दीपांशू के चाचा पंकज अग्रवाल ने गुलावठी थाने पर हादसे के संबंध में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों मुख्यमंत्री ने सड़क पर वाहन न खड़ा करने की बात कही थी, बावजूद हाईवे पर कंटेनर खड़ा हुआ था। जिससे कार टकराने के बाद हादसा हुआ।
हरेंद्र को परिजन ले गए हायर मेडिकल सेंटर
बच्चों का अंतिम संस्कार होने के बाद परिजन गंभीर रूप से घायल हरेंद्र को उपचार के लिए हायर मेडिकल सेंटर ले गए हैं। जहां, उसका उपचार शुरू कर दिया गया है।
मां को नहीं पता, उजड़ गई उसकी कोख
वंश और हार्दिक की मां रिंकी की हालत भी नाजुक बनी हुई है। सुबह जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद उसे भी हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे दोनों बच्चों की मौत की सूचना नहीं दी है।

नहीं पहुंचा कोई जनप्रतिनिधि, लोगों में रोष
हादसे के बाद जिला अस्पताल और मृतकों के आवास पर किसी भी जनप्रतिनिधि के न पहुंचने से परिजनों व स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि ऐसे वक्त में भी जनप्रतिनिधि नहीं आते हैं, तो फिर वह अपनी जनता से कैसी हमदर्दी रखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed