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सरकारी भवनों में लगेंगे 3200 रूफटॉफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
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सरकारी भवनों में लगेंगे 3200 रूफटॉफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
बुलंदशहर। जिले में भूगर्भ जल के अंधाधुंध दोहन के चलते डार्कजोन में शामिल हो चुके 12 ब्लॉकों को बाहर निकालने की कवायद शुरू हो गई है। इन ब्लॉकों के सरकारी भवनों में 3200 रूफटॉफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। 150 नए तालाब बनाकर बारिश का पानी एकत्रित किया जाएगा। सभी 2023 तालाबों की सफाई होगी। सभी संबंधित विभागों ने तैयारी शुरू कर दी है।
भूगर्भ जल के अंधाधुंध दोहन और जल संरक्षण व वर्षा जल संचय पर ध्यान न दिए जाने से जिले में स्थिति विस्फोटक होती जा रही है। 10 साल के अंतराल में 12 ब्लॉक डार्कजोन की श्रेणी में शामिल हो गए। भूगर्भ जल स्तर भी 200 फीट से अधिक नीचे पहुंच गया है। जो चार ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में हैं, वहां भी भूगर्भ जल लगातार गिर रहा है।
ये है जिले में ब्लॉकों की स्थिति
जिले में 16 ब्लॉक हैं। अभी तक अनूपशहर, जहांगीराबाद, लखावठी और डिबाई ही सुरक्षित श्रेणी में शामिल हैं। इनके अलावा 12 ब्लॉक बीबीनगर, दानपुर, खुर्जा, शिकारपुर, पहासू, अरनिया, ऊंचागांव, बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद, गुलावठी और स्याना डार्कजोन में शामिल हो चुके हैं।
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10 ब्लॉक में नहीं होंगे नए बोरिंग
डार्कजोन में शामिल 10 ब्लॉकों में अब किसी तरह के नए बोरिंग नहीं होंगे। अगौता, लखावठी, जहांगीराबाद, अनूपशहर, पहासू और डिबाई में ही बोरिंग हो सकेंगे। यह बोरिंग नलकूप के लिए ही किए जा सकेंगे।
250 स्थानों पर लगे हैं वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
जल संचयन के लिए जनपद में 250 स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हुए हैं। यह सिस्टम विकास भवन, सभी ब्लॉक कार्यालयों और नगरपालिका आदि में हैं लेकिन अनदेखी से बेकार पड़े हैं। अफसरों का कहना है कि जांच कर सभी को संचालित किया जाएगा।
जनपद के भूगर्भ जल स्तर को बचाने और डार्कजोन में शामिल हो चुके ब्लॉकों को बाहर निकलने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। लगातार गिर रहे जल को बचाने के लिए जल्द ही जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अन्य जरूरी काम भी किए जाएंगे।
- हरिओम, अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई विभाग
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बुलंदशहर। जिले में भूगर्भ जल के अंधाधुंध दोहन के चलते डार्कजोन में शामिल हो चुके 12 ब्लॉकों को बाहर निकालने की कवायद शुरू हो गई है। इन ब्लॉकों के सरकारी भवनों में 3200 रूफटॉफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। 150 नए तालाब बनाकर बारिश का पानी एकत्रित किया जाएगा। सभी 2023 तालाबों की सफाई होगी। सभी संबंधित विभागों ने तैयारी शुरू कर दी है।
भूगर्भ जल के अंधाधुंध दोहन और जल संरक्षण व वर्षा जल संचय पर ध्यान न दिए जाने से जिले में स्थिति विस्फोटक होती जा रही है। 10 साल के अंतराल में 12 ब्लॉक डार्कजोन की श्रेणी में शामिल हो गए। भूगर्भ जल स्तर भी 200 फीट से अधिक नीचे पहुंच गया है। जो चार ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में हैं, वहां भी भूगर्भ जल लगातार गिर रहा है।
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ये है जिले में ब्लॉकों की स्थिति
जिले में 16 ब्लॉक हैं। अभी तक अनूपशहर, जहांगीराबाद, लखावठी और डिबाई ही सुरक्षित श्रेणी में शामिल हैं। इनके अलावा 12 ब्लॉक बीबीनगर, दानपुर, खुर्जा, शिकारपुर, पहासू, अरनिया, ऊंचागांव, बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद, गुलावठी और स्याना डार्कजोन में शामिल हो चुके हैं।
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10 ब्लॉक में नहीं होंगे नए बोरिंग
डार्कजोन में शामिल 10 ब्लॉकों में अब किसी तरह के नए बोरिंग नहीं होंगे। अगौता, लखावठी, जहांगीराबाद, अनूपशहर, पहासू और डिबाई में ही बोरिंग हो सकेंगे। यह बोरिंग नलकूप के लिए ही किए जा सकेंगे।
250 स्थानों पर लगे हैं वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
जल संचयन के लिए जनपद में 250 स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हुए हैं। यह सिस्टम विकास भवन, सभी ब्लॉक कार्यालयों और नगरपालिका आदि में हैं लेकिन अनदेखी से बेकार पड़े हैं। अफसरों का कहना है कि जांच कर सभी को संचालित किया जाएगा।
जनपद के भूगर्भ जल स्तर को बचाने और डार्कजोन में शामिल हो चुके ब्लॉकों को बाहर निकलने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। लगातार गिर रहे जल को बचाने के लिए जल्द ही जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अन्य जरूरी काम भी किए जाएंगे।
- हरिओम, अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई विभाग