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बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, पानी से लबालब हुए खेत-खलिहान
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शिकारपुर क्षेत्र में तेज हवा से गिरी धान की फसल।
- फोटो : BULANDSHAHR
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बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, पानी से लबालब हुए खेत-खलिहान
बुलंदशहर। रविवार को मौसम ने अचानक करवट बदली और बादल मंडराने लगे। साथ ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश शुरू होते ही खासकर धान की फसल वाले किसानों की चिंता बढ़ गई। इससे खेत-खलिहान पानी से लबालब हो गए। बारिश के चलते धान की कटाई और निकासी का काम भी प्रभावित हो गया तो किसानों को फसल के नुकसान की चिंता सताने लगी है, जो फसल कट चुकी है वह पानी में भीग गईं और जो खड़ी हैं वह हवा चलने से गिर गईं, उसमें भी नुकसान हो सकता है।
बारिश के बाद अधिकतम तापमान भी कम होकर 28 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम में आर्द्रता 97 फीसदी और हवा की गति 11 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 21 डिग्री रहने की संभावना है। दूसरी ओर कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल का कहना है कि यह बारिश किसी भी मायने में सही नहीं है। जिले में बारिश कहीं झमाझम तो कहीं बूंदाबांदी तक सीमित रही। अभी भी बारिश की संभावना बन रही है। यदि और बारिश होती है तो सबसे अधिक नुकसान उन किसानों को होने की संभावना है, जिनकी धान की फसल अभी या तो कट चुकी है या फिर खेत में खड़ी है। इस बारिश से आलू और सरसों की बिजाई की तैयारी को रोक दिया है। साथ ही सब्जी की फसलाें को भी नुकसान हो सकता है।
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बुलंदशहर। रविवार को मौसम ने अचानक करवट बदली और बादल मंडराने लगे। साथ ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश शुरू होते ही खासकर धान की फसल वाले किसानों की चिंता बढ़ गई। इससे खेत-खलिहान पानी से लबालब हो गए। बारिश के चलते धान की कटाई और निकासी का काम भी प्रभावित हो गया तो किसानों को फसल के नुकसान की चिंता सताने लगी है, जो फसल कट चुकी है वह पानी में भीग गईं और जो खड़ी हैं वह हवा चलने से गिर गईं, उसमें भी नुकसान हो सकता है।
बारिश के बाद अधिकतम तापमान भी कम होकर 28 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम में आर्द्रता 97 फीसदी और हवा की गति 11 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 21 डिग्री रहने की संभावना है। दूसरी ओर कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल का कहना है कि यह बारिश किसी भी मायने में सही नहीं है। जिले में बारिश कहीं झमाझम तो कहीं बूंदाबांदी तक सीमित रही। अभी भी बारिश की संभावना बन रही है। यदि और बारिश होती है तो सबसे अधिक नुकसान उन किसानों को होने की संभावना है, जिनकी धान की फसल अभी या तो कट चुकी है या फिर खेत में खड़ी है। इस बारिश से आलू और सरसों की बिजाई की तैयारी को रोक दिया है। साथ ही सब्जी की फसलाें को भी नुकसान हो सकता है।
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