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अखिलेश का फैसला चार घंटे बाद मुलायम ने पलटा
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Wed, 03 Feb 2016 10:52 PM IST
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ब्लाॅक प्रमुख चुनाव को लेकर वीआईपी कहे जाने वाले सिकंदराबाद ब्लाॅक में सपा बनाम सपा की जंग बन कर रह गई। बुधवार को चार घंटे प्रत्याशी बदलने को मैराथन दौड़ हुई।
अखिलेश ने दोपहर में तीन बजे घोषित प्रत्याशी पुष्पेंद्र का टिकट बदलकर मनीष भाटी को नया प्रत्याशी घोषित कर दिया, लेकिन शाम को सात बजे मुलायम सिंह ने प्रत्याशी बदलने का फैसला चेंज कर पुष्पेंद्र को ही घोषित कर डाला।
बीडीसी के चुनाव के बाद से ही यहां पूर्व ब्लाॅक प्रमुख बलबीर भाटी ने अपने पुत्र मनीष भाटी को बतौर प्रमुख पेश किया था। उनके समर्थन में सूबे के एक मंत्री और जिले के कई सपा नेता पैरवी कर रहे थे।
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जबकि एक पूर्व सांसद, एक पूर्व मंत्री और एक एमएलसी दूसरे दावेदार पुष्पेंद्र भाटी की पैरवी कर रहे थे। सपा ने पुष्पेंद्र भाटी को प्रत्याशी घोषित कर दिया था। पुष्पेंद्र को जिताने के लिए पैरवी करने वाले नेताओं की साख दांव पर लगी थी।
पूर्व प्रमुख बलबीर भाटी के सामने पुत्र की प्रमुख बनाने के लिए अस्तित्व का सवाल था। दोनों के मैदान में डटने से लड़ाई सपा बनाम सपा हो गई थी।
बुधवार दोपहर तीन बजे सपा प्रदेशाध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व घोषित पुष्पेंद्र भाटी का टिकट काट दिया और बलबीर भाटी के बेटे मनीष को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
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अखिलेश ने दोपहर में तीन बजे घोषित प्रत्याशी पुष्पेंद्र का टिकट बदलकर मनीष भाटी को नया प्रत्याशी घोषित कर दिया, लेकिन शाम को सात बजे मुलायम सिंह ने प्रत्याशी बदलने का फैसला चेंज कर पुष्पेंद्र को ही घोषित कर डाला।
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बीडीसी के चुनाव के बाद से ही यहां पूर्व ब्लाॅक प्रमुख बलबीर भाटी ने अपने पुत्र मनीष भाटी को बतौर प्रमुख पेश किया था। उनके समर्थन में सूबे के एक मंत्री और जिले के कई सपा नेता पैरवी कर रहे थे।
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जबकि एक पूर्व सांसद, एक पूर्व मंत्री और एक एमएलसी दूसरे दावेदार पुष्पेंद्र भाटी की पैरवी कर रहे थे। सपा ने पुष्पेंद्र भाटी को प्रत्याशी घोषित कर दिया था। पुष्पेंद्र को जिताने के लिए पैरवी करने वाले नेताओं की साख दांव पर लगी थी।
पूर्व प्रमुख बलबीर भाटी के सामने पुत्र की प्रमुख बनाने के लिए अस्तित्व का सवाल था। दोनों के मैदान में डटने से लड़ाई सपा बनाम सपा हो गई थी।
बुधवार दोपहर तीन बजे सपा प्रदेशाध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व घोषित पुष्पेंद्र भाटी का टिकट काट दिया और बलबीर भाटी के बेटे मनीष को प्रत्याशी घोषित कर दिया।