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Bulandshahar News: प्रधान व सचिव ने विकास कार्यों के भुगतान में बरती अनियमितता, नोटिस जारी
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बुलंदशहर। ग्राम पंचायत जालखेड़ा में कराए गए विकास कार्यों के भुगतान में प्रधान व सचिव द्वारा अनियमितता बरतने का खुलासा हुआ है। डीएम के आदेश पर सचिव व प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। निर्धारित समय में नोटिस का जवाब न मिलने पर प्रधान व सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
गांव जालखेड़ा निवासी अजय कुमार राणा और प्रवीण कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रधान व सचिव पर गबन व अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। जिला पंचायती राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि जांच में गड़बड़ी सामने आई हैं। ग्राम प्रधान एलईडी स्ट्रीट लाइटों की जगह एलईडी बल्ब लगा दिए जो नियम विरुद्ध हैं। साइकिल रिक्शा के बिलों में जीएसटी कटौती नहीं की हैं। जिस फर्म से लाइट खरीदी गई हैं। उसके बिलों में भी अनियमितताएं हैं। सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा गोशाला में रखे गए केयर टेकर में किया गया है। जिसे केयर टेकर बनाया गया है वह छात्र मेडिकल का छात्र है और उसे छह हजार रुपये के हिसाब से 18 माह का मानदेय का भुगतान कर दिया है। जांच अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में सभी तथ्यों को शामिल किया है। बताया कि अन्य अनियमितताएं भी सामने आई हैं लाखों रुपये के विकास कार्य एवं उनके भुगतान में फर्जीवाड़ा पाया गया है। प्रधान व सचिव को नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। 15 दिन में जवाब नहीं मिलने पर फिर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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गांव जालखेड़ा निवासी अजय कुमार राणा और प्रवीण कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रधान व सचिव पर गबन व अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। जिला पंचायती राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि जांच में गड़बड़ी सामने आई हैं। ग्राम प्रधान एलईडी स्ट्रीट लाइटों की जगह एलईडी बल्ब लगा दिए जो नियम विरुद्ध हैं। साइकिल रिक्शा के बिलों में जीएसटी कटौती नहीं की हैं। जिस फर्म से लाइट खरीदी गई हैं। उसके बिलों में भी अनियमितताएं हैं। सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा गोशाला में रखे गए केयर टेकर में किया गया है। जिसे केयर टेकर बनाया गया है वह छात्र मेडिकल का छात्र है और उसे छह हजार रुपये के हिसाब से 18 माह का मानदेय का भुगतान कर दिया है। जांच अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में सभी तथ्यों को शामिल किया है। बताया कि अन्य अनियमितताएं भी सामने आई हैं लाखों रुपये के विकास कार्य एवं उनके भुगतान में फर्जीवाड़ा पाया गया है। प्रधान व सचिव को नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। 15 दिन में जवाब नहीं मिलने पर फिर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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