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250 से अधिक गांवों में 16 घंटे रहा बिजली संकट
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250 से अधिक गांवों में 16 घंटे रहा बिजली संकट
बुलंदशहर/पहासू। आंधी-बारिश के बाद जिले के 250 से अधिक गांवों के करीब 1.70 लाख लोगों को 16 घंटे से अधिक की बिजली कटौती से लोगों को जूझना पड़ा। हालात यह रहे कि भीषण गर्मी में इन गांव के लोगों को रात में लाइट जलाने और दिन में पंखा चलाने की सुविधा से भी महरूम रहना पड़ा। इन गांवों में बृहस्पतिवार शाम के समय बिजली सप्लाई चालू होने पर राहत की सांस ली।
पहासू देहात क्षेत्र में स्थित विद्युत उपकेंद्र से आस-पास के सभी गांवों में विद्युत सप्लाई होती है। बुधवार रात को आई तेज आंधी से कई जगह फाल्ट हो गए थे। जिसके चलते रात भर क्षेत्र में अंधेरा छाया रहा। पूरी रात बिजली सप्लाई चालू न होने के चलते घरों में लगे इनवर्टर भी फेल हो गए। बृहस्पतिवार सुबह भी बिजली नहीं आने पर ग्रामीण बिजली घर पहुंचे, जहां उनको फॉल्ट की जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के बनैल, जटौला, दीघी, अटेरना, साबितगढ़, सोही, कसूमी, फतिहाबाद, अल्लीपुर, महुआ, खेड़ा, वेदरामपुर, गंगागढ़, कमौना, पीतमपुर, कुंवरपुर समेत करीब 53 गांव के लोगों को बृहस्पतिवार की शाम तक ही राहत मिली। दोपहर के समय भीषण गर्मी में भी बिजली सप्लाई चालू न होने के कारण लोग परेशान रहे। इसके अलावा चित्सौन बिजलीघर से जुड़े गांव रसूलपुर और भैंसरोली में भी लोगों को बिजली की किल्लत से जूझना पड़ा।
24 घंटे बाधित रही दर्जनों गांवों की बिजली
नरौरा। क्षेत्र में आंधी-बारिश के कारण दर्जनों गांवों में 24 घंटे तक बिजली सप्लाई बाधित रही। बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर आंधी में पेड़ टूटकर लाइनों पर गिर पड़े थे, जिससे लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। नगर की सप्लाई तो सुबह में चालू कर दी गई, लेकिन रामघाट, रतनपुर व राजघाट फीडर से जुड़े दो दर्जन से अधिक गांवों में बृहस्पतिवार रात तक सप्लाई बाधित रही।
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बारिश के कारण आठ घंटे ठप रही बिजली
बुगरासी। बुधवार को कस्बे के गांवों में आठ घंटे बिजली सप्लाई बाधित रही। बिजली सप्लाई न होने से लोग रात भर मच्छरों से परेशान रहे। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे सप्लाई बाधित होने के बाद देर रात करीब 11 बजे ही सप्लाई चालू की गई थी। इसके बाद भी बिजली की आंख मिचौली जारी रही। इसके बाद बृहस्पतिवार को दिन में भी बिजली की आंख-मिचौली से उपभोक्ता परेशान रहे।
बोले लोग --
रात भर बिजली के इंतजार में घर के बाहर बैठे रहे। मच्छर अधिक होने के कारण बिना बिजली के सोना मुश्किल था। इनर्वटर भी सुबह तीन बजे बंद हो गया था। बिना बिजली सप्लाई के दिन में गर्मी से जूझना पड़ा।
- प्रेमकुमार, निवासी पहासू
रातभर बिजली गुल रहने के बाद उम्मीद थी कि सुबह स्थिति सुधर जाएगी, लेकिन दोपहर तक बिजली सप्लाई चालू न होने से लोग पसीने पसीने हो गए। सुबह से ही उमस भरी गर्मी शुरू हो गई थी।
- अंकुर गौड़, निवासी दीघी
बिजली नहीं होने के कारण दिन भर घरेलू काम प्रभावित रहे थे। इसके साथ ही पेयजल सप्लाई भी नहीं हो सकी थी। गर्मी में बिना पानी और बिजली के रहना पड़ रहा है।
- मलखान सिंह, निवासी पहासू कस्बा
आए दिन बिजली कटौती की परेशानी बढ़ रही है। रोजाना पांच से छह घंटे बिजली गुल रहती है। बुधवार रात को हुए फाल्ट को दूर करने में भी निगम के कर्मचारियों को 14 घंटे लग गए। इससे लोगों को परेशानी हुई।
- अर्पित कौशिक, निवासी जटौला
कई स्थानों पर लाइन टूटने, ब्रेकडाउन और फाल्ट के कारण लोगों को बिजली किल्लत से जूझना पड़ा। कर्मचारी दिन भर मेहनत करते हुए फाल्ट को दूर करने में जुटे थे। व्यवस्था को सुचारु कर दिया गया है।
- सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
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बुलंदशहर/पहासू। आंधी-बारिश के बाद जिले के 250 से अधिक गांवों के करीब 1.70 लाख लोगों को 16 घंटे से अधिक की बिजली कटौती से लोगों को जूझना पड़ा। हालात यह रहे कि भीषण गर्मी में इन गांव के लोगों को रात में लाइट जलाने और दिन में पंखा चलाने की सुविधा से भी महरूम रहना पड़ा। इन गांवों में बृहस्पतिवार शाम के समय बिजली सप्लाई चालू होने पर राहत की सांस ली।
पहासू देहात क्षेत्र में स्थित विद्युत उपकेंद्र से आस-पास के सभी गांवों में विद्युत सप्लाई होती है। बुधवार रात को आई तेज आंधी से कई जगह फाल्ट हो गए थे। जिसके चलते रात भर क्षेत्र में अंधेरा छाया रहा। पूरी रात बिजली सप्लाई चालू न होने के चलते घरों में लगे इनवर्टर भी फेल हो गए। बृहस्पतिवार सुबह भी बिजली नहीं आने पर ग्रामीण बिजली घर पहुंचे, जहां उनको फॉल्ट की जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के बनैल, जटौला, दीघी, अटेरना, साबितगढ़, सोही, कसूमी, फतिहाबाद, अल्लीपुर, महुआ, खेड़ा, वेदरामपुर, गंगागढ़, कमौना, पीतमपुर, कुंवरपुर समेत करीब 53 गांव के लोगों को बृहस्पतिवार की शाम तक ही राहत मिली। दोपहर के समय भीषण गर्मी में भी बिजली सप्लाई चालू न होने के कारण लोग परेशान रहे। इसके अलावा चित्सौन बिजलीघर से जुड़े गांव रसूलपुर और भैंसरोली में भी लोगों को बिजली की किल्लत से जूझना पड़ा।
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24 घंटे बाधित रही दर्जनों गांवों की बिजली
नरौरा। क्षेत्र में आंधी-बारिश के कारण दर्जनों गांवों में 24 घंटे तक बिजली सप्लाई बाधित रही। बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर आंधी में पेड़ टूटकर लाइनों पर गिर पड़े थे, जिससे लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। नगर की सप्लाई तो सुबह में चालू कर दी गई, लेकिन रामघाट, रतनपुर व राजघाट फीडर से जुड़े दो दर्जन से अधिक गांवों में बृहस्पतिवार रात तक सप्लाई बाधित रही।
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बारिश के कारण आठ घंटे ठप रही बिजली
बुगरासी। बुधवार को कस्बे के गांवों में आठ घंटे बिजली सप्लाई बाधित रही। बिजली सप्लाई न होने से लोग रात भर मच्छरों से परेशान रहे। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे सप्लाई बाधित होने के बाद देर रात करीब 11 बजे ही सप्लाई चालू की गई थी। इसके बाद भी बिजली की आंख मिचौली जारी रही। इसके बाद बृहस्पतिवार को दिन में भी बिजली की आंख-मिचौली से उपभोक्ता परेशान रहे।
बोले लोग --
रात भर बिजली के इंतजार में घर के बाहर बैठे रहे। मच्छर अधिक होने के कारण बिना बिजली के सोना मुश्किल था। इनर्वटर भी सुबह तीन बजे बंद हो गया था। बिना बिजली सप्लाई के दिन में गर्मी से जूझना पड़ा।
- प्रेमकुमार, निवासी पहासू
रातभर बिजली गुल रहने के बाद उम्मीद थी कि सुबह स्थिति सुधर जाएगी, लेकिन दोपहर तक बिजली सप्लाई चालू न होने से लोग पसीने पसीने हो गए। सुबह से ही उमस भरी गर्मी शुरू हो गई थी।
- अंकुर गौड़, निवासी दीघी
बिजली नहीं होने के कारण दिन भर घरेलू काम प्रभावित रहे थे। इसके साथ ही पेयजल सप्लाई भी नहीं हो सकी थी। गर्मी में बिना पानी और बिजली के रहना पड़ रहा है।
- मलखान सिंह, निवासी पहासू कस्बा
आए दिन बिजली कटौती की परेशानी बढ़ रही है। रोजाना पांच से छह घंटे बिजली गुल रहती है। बुधवार रात को हुए फाल्ट को दूर करने में भी निगम के कर्मचारियों को 14 घंटे लग गए। इससे लोगों को परेशानी हुई।
- अर्पित कौशिक, निवासी जटौला
कई स्थानों पर लाइन टूटने, ब्रेकडाउन और फाल्ट के कारण लोगों को बिजली किल्लत से जूझना पड़ा। कर्मचारी दिन भर मेहनत करते हुए फाल्ट को दूर करने में जुटे थे। व्यवस्था को सुचारु कर दिया गया है।
- सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम