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Bulandshahar News: पॉटरी उद्योग को नहीं मिली राहत, उद्यमी निराश
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बुलंदशहर/खुर्जा। केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को आम बजट की घोषणा की गई। इसमें कुछ विशेष औद्योगिक क्षेत्र के लिए कुछ खास नहीं मिला। वहीं पॉटरी उद्योग पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। जीएसटी दर अभी भी 12 प्रतिशत बनी है। जो उद्यमियों के लिए सबसे बढ़ी परेशानी है। इसके अलावा नए निवेश पर जगह के लिए कोई विचार नहीं किया गया। वहीं सोने-चांदी के आभूषण पर कर में कटौती से लोगों के साथ स्वर्णकार को राहत मिलेगी।
बोले उद्यमी-- -
पॉटरी उद्यमी बजट के आने से पहले जीएसटी दर कम होने की उम्मीद लगाते हैं, इससे कारोबार में बढ़ावा मिल सके। मगर इस बजट में भी जीएसटी को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे पॉटरी उद्योग को कुछ लाभ नहीं मिला।- रवि राणा, अध्यक्ष केपीएमए
एमएसएमई सेक्टर को बजट में कुछ विशेष लाभ नहीं मिला। यह बजट युवा और किसानों को केंद्रित किया गया है। इसमें सरकार को एमएसएमई सेक्टर के लिए भी नए निवेश या नए योजना लागू करनी चाहिए थी। नए निवेश के लिए अभी भी लोगों को जगह नहीं मिल पा रही हैं। - निखिल पोद्दार, पूर्व सचिव, केपीएमए
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बोले व्यापारी-- --
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की बहुत बड़ी एक मांग बजट में शामिल की गई। सोने और चांदी पर ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर छह फीसदी कर दी गई। इससे सोने की तस्करी रुकेगी और आम लोगों को फायदा होगा। - हेमंत वर्मा, डायरेक्टर इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन उप्र
केंद्र सरकार का बजट औसत है। हमेशा की तरह मध्यम वर्ग को ध्यान में नहीं रखा गया। व्यापारी के लिए जीएसटी में राहत देना बहुत आवश्यक था। जीएसटी की दरों में भी परिवर्तन नहीं किया गया। - दीपू गर्ग, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश
बोले उद्यमी-- --
बजट सामान्य और अच्छे के बीच का है। इससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी, उद्योगों को भी राहत मिलेगी, लेकिन बजट अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। लोगों और उद्यमियों ने सरकार से बहुत उम्मीद की थी।-- - अमित कौशल, जीएम, श्री सीमेंट
बजट में कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा है। आने वाले समय में जब बारीकियां स्पष्ट होंगी तो स्थिति स्पष्ट होगी। एमएसएमई समेत अन्य योजनाओं के लिए घोषणाएं करने के साथ ही अमल करने का भी मन होना चाहिए। यदि घोषणाओं पर अमल ठीक से कराया जाए तो इसका लोगों को लाभ मिलेगा।-- - संदीप अग्रवाल, अध्यक्ष, सिकंदराबाद इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन
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बोले उद्यमी
पॉटरी उद्यमी बजट के आने से पहले जीएसटी दर कम होने की उम्मीद लगाते हैं, इससे कारोबार में बढ़ावा मिल सके। मगर इस बजट में भी जीएसटी को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इससे पॉटरी उद्योग को कुछ लाभ नहीं मिला।- रवि राणा, अध्यक्ष केपीएमए
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एमएसएमई सेक्टर को बजट में कुछ विशेष लाभ नहीं मिला। यह बजट युवा और किसानों को केंद्रित किया गया है। इसमें सरकार को एमएसएमई सेक्टर के लिए भी नए निवेश या नए योजना लागू करनी चाहिए थी। नए निवेश के लिए अभी भी लोगों को जगह नहीं मिल पा रही हैं। - निखिल पोद्दार, पूर्व सचिव, केपीएमए
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बोले व्यापारी
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की बहुत बड़ी एक मांग बजट में शामिल की गई। सोने और चांदी पर ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर छह फीसदी कर दी गई। इससे सोने की तस्करी रुकेगी और आम लोगों को फायदा होगा। - हेमंत वर्मा, डायरेक्टर इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन उप्र
केंद्र सरकार का बजट औसत है। हमेशा की तरह मध्यम वर्ग को ध्यान में नहीं रखा गया। व्यापारी के लिए जीएसटी में राहत देना बहुत आवश्यक था। जीएसटी की दरों में भी परिवर्तन नहीं किया गया। - दीपू गर्ग, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश
बोले उद्यमी
बजट सामान्य और अच्छे के बीच का है। इससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी, उद्योगों को भी राहत मिलेगी, लेकिन बजट अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। लोगों और उद्यमियों ने सरकार से बहुत उम्मीद की थी।
बजट में कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा है। आने वाले समय में जब बारीकियां स्पष्ट होंगी तो स्थिति स्पष्ट होगी। एमएसएमई समेत अन्य योजनाओं के लिए घोषणाएं करने के साथ ही अमल करने का भी मन होना चाहिए। यदि घोषणाओं पर अमल ठीक से कराया जाए तो इसका लोगों को लाभ मिलेगा।