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तीन दिन बाद फिर बिगड़ी हवा की सेहत
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शिकारपुर रोड पर कूड़े में लगी आग के बाद उठता धुआं।
- फोटो : BULANDSHAHR
तीन दिन बाद फिर बिगड़ी हवा की सेहत
बुलंदशहर। तीन दिन राहत मिलने के बाद शहर की आबोहवा फिर से खराब हो गई है। बृहस्पतिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 333 रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव देखने को मिला। धूल और धुएं के कारण लोगों को सूखी खांसी के साथ एलर्जी की परेशानी बढ़ने लगी है। इसके कारण लोग जिला अस्पताल समेत निजी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार अभी भी कार्रवाई के नाम पर मौन साधे हैं।
दिवाली के बाद से खराब हुई शहर की हवा सुधर नहीं पा रही है। हवा में धूल के कण काफी मात्रा में बढ़ गए हैं। हवा स्थित रहने के चलते धूल के कणों के कारण आसमान में स्मॉग की चादर छाई रहती है। वायु गुणवत्ता खराब होने का प्रमुख कारण जिले में निर्माणाधीन भवन भी माने जा रहे हैं। इसके अलावा कूड़ा-कचरा आदि जलाने से भी वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब हो रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र कुमार ने बताया कि सर्दी बढ़ने और वायु प्रदूषण के कारण छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग खांसी और एलर्जी की समस्या लेकर प्रतिदिन उपचार कराने के लिए आ रहे है। वायु प्रदूषण से बचने के लिए बच्चों को बाहर न ले जाएं। सुबह-शाम टहलने से बचें। खांसी आना और सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह लेने के बाद दवा का सेवन करें।
कूड़ा जलाने पर दर्ज कराई रिपोर्ट
पालिका ईओ मनोज रस्तोगी ने बताया कि बीते दिनों भूड़ चौराहे के नजदीक एक रेस्टोरेंट के बाहर और पुलिस लाइन गेट के बाहर कूड़ा जलाने के मामले में कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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पिछले पांच दिन का एक्यूआई
दिन एक्यूआई
20 नवंबर 307
21 नवंबर 298
22 नवंबर 274
23 नवंबर 275
24 नवंबर 325
25 नवंबर 333
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बुलंदशहर। तीन दिन राहत मिलने के बाद शहर की आबोहवा फिर से खराब हो गई है। बृहस्पतिवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 333 रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव देखने को मिला। धूल और धुएं के कारण लोगों को सूखी खांसी के साथ एलर्जी की परेशानी बढ़ने लगी है। इसके कारण लोग जिला अस्पताल समेत निजी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार अभी भी कार्रवाई के नाम पर मौन साधे हैं।
दिवाली के बाद से खराब हुई शहर की हवा सुधर नहीं पा रही है। हवा में धूल के कण काफी मात्रा में बढ़ गए हैं। हवा स्थित रहने के चलते धूल के कणों के कारण आसमान में स्मॉग की चादर छाई रहती है। वायु गुणवत्ता खराब होने का प्रमुख कारण जिले में निर्माणाधीन भवन भी माने जा रहे हैं। इसके अलावा कूड़ा-कचरा आदि जलाने से भी वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब हो रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र कुमार ने बताया कि सर्दी बढ़ने और वायु प्रदूषण के कारण छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग खांसी और एलर्जी की समस्या लेकर प्रतिदिन उपचार कराने के लिए आ रहे है। वायु प्रदूषण से बचने के लिए बच्चों को बाहर न ले जाएं। सुबह-शाम टहलने से बचें। खांसी आना और सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह लेने के बाद दवा का सेवन करें।
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कूड़ा जलाने पर दर्ज कराई रिपोर्ट
पालिका ईओ मनोज रस्तोगी ने बताया कि बीते दिनों भूड़ चौराहे के नजदीक एक रेस्टोरेंट के बाहर और पुलिस लाइन गेट के बाहर कूड़ा जलाने के मामले में कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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पिछले पांच दिन का एक्यूआई
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20 नवंबर 307
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