फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   pollution

एक्यूआई 433: संकट बरकरार, तेज हवा और बारिश का इंतजार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 06 Nov 2021 11:06 PM IST
विज्ञापन
pollution
स्मॉग में लिपटा शहर। - फोटो : BULANDSHAHR
एक्यूआई 433: संकट बरकरार, तेज हवा और बारिश का इंतजार
विज्ञापन

बुलंदशहर। दिवाली के बाद लगातार दूसरे दिन भी जनपद का एक्यूआई 400 से अधिक रहा। देशभर के सबसे प्रदूषित शहरों में बुलंदशहर 433 एक्यूआई के साथ आठवें नंबर पर रहा। स्मॉग के चलते शुक्रवार और शनिवार को लोग आंखों में जलन और खांसी से परेशान रहे। चिकित्सकों ने घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दी है।
दिवाली पर बृहस्पतिवार और शुक्रवार को देर रात तक लोग आतिशबाजी करते रहे। इससे निकलने वाले धुएं से खूब वायु प्रदूषण हुआ। बृहस्पतिवार शाम से जिले का एक्यआई बढ़ना शुरू हुआ जो शनिवार तक बढ़ता रहा। शनिवार सुबह आसमान में स्मॉग की चादर छाई रही। स्मॉग के कारण लोगों को जहां सांस लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ा तो वहीं, सुबह लोग वाहनों की लाइट जलाकर निकले।
विज्ञापन

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रिपोर्ट के मुताबिक बुलंदशहर का एक्यूआई 433 रहा। पर्यावरण विद राजेंद्र पथिक ने कहा कि वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए लोगों को आगे आना होगा। पर्यावरण प्रदूषण करने की जगह पौधरोपण कर उसे स्वच्छ बना सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कूड़ा जलाने से होती है हवा जहरीली
कूड़ा जलाने, प्लास्टिक जलाने से कार्बन, कार्बन मोनो ऑक्साइड जैसी गैसें निकलती हैं जो कि वातावरण को प्रदूषित करती हैं। साथ ही फैक्ट्रियां शहर के बाहर स्थापित होने से प्रदूषण कम फैलता है। मुख्य प्रदूषण वाहनों के आवागमन से सड़क पर धूल उड़ने वाली धूल से होता है।
आंखों में जलन और सांस लेने में हुई परेशानी
जिला अस्पताल में कार्यरत डॉ. परवेंद्र ने बताया कि यह हवा सामान्य व्यक्ति के लंबे समय तक संपर्क में रहने पर बीमार बना सकती है। इसमें आंखों में जलन और सांस की बीमारी से लेकर हाइपरटेंशन और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण लोग फिलहाल सुबह-शाम की सैर न करें। घरों से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।
293 लोगों ने करवाया उपचार
सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि शनिवार को जिला अस्पताल में 3.5 घंटे ओपीडी चली। इस दौरान कुल 293 लोगों ने उपचार कराया। इसमें सांस से संबंधित, आंखों में जलन की समस्या और सर्दी व बुखार के मरीजों न उपचार कराया। बुखार से पीड़ित सात गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया है।

सबसे प्रदूषित शहरों का एक्यूआई
शहर का नाम एक्यूआई
गाजियाबाद - 466
नोएडा - 461
गुरुग्राम - 456
फरीदाबाद - 449
हापुड़/बागपत - 445
मेरठ - 438
दिल्ली - 437
बुलंदशहर - 433
(शनिवार शाम चार बजे तक)
वातावरण बदलाव के कारण एक्यूआई में लगातार इजाफा हो रहा है। वायु प्रदूषण रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही वायु प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों और फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की जाएगी। - सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed