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पराली के बदले किसानों को गोशालाओं से मिलेगी वर्मी कंपोस्ट
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पराली के बदले किसानों को गोशालाओं से मिलेगी वर्मी कंपोस्ट
बुलंदशहर। अब गोशालाओं से मिलने वाले वर्मी कंपोस्ट के बदले किसानों को पराली देनी होगी। इस कदम से गोशालाओं में चारे की कमी को दूर किया जा सकेगा, साथ ही पराली का भी उचित प्रबंध हो जाएगा। कृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की बैठक में डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को यह निर्देश दिया।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में पराली प्रबंधन और खाद्य पदार्थों के अपशिष्टों से खाद बनाने समेत अन्य मुद्दों को लेकर बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि जिन-जिन विभागों के स्तर से किसानों को लाभान्वित/पुरस्कृत करने के लिए नाम प्रस्तावित किए जाने हैं, वह विभागीय स्तर से नवंबर 2021 तक अवश्य कृषि विभाग में उपलब्ध करवा दें। आगामी कृषि मेला में खाद्य पदार्थों के अपशिष्टों से खाद बनाने की क्त्रिस्या/विधि का प्रदर्शन कर किसानों को लाभान्वित किया जाए। इससे एक तरफ अपशिष्टों का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। पशुपालन विभाग को निर्देशित किया गया कि गौशालाओं में तैयार की जा रही वर्मी कम्पोस्ट/गोबर की खाद के बदले किसानों से गोवंशों के चारे के लिए पराली प्राप्त की जाए। साथ ही इसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार क्षेत्र एवं कृषि मेलों के माध्यम से भी कराया जाए। कृषि विभाग को निर्देशित किया कि जितने भी किसान हैं उन्हें पराली दो, खाद लो योजना के लिए प्रेरित किया जाए। बैठक में उप निदेशक कृषि आरपी चौधरी, जिला कृषि अधिकारी, मत्स्य, पशुपालन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रगतिशील किसान/ पद्मश्री भारत भूषण त्यागी एवं अन्य कृषक उपस्थित रहे।
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बुलंदशहर। अब गोशालाओं से मिलने वाले वर्मी कंपोस्ट के बदले किसानों को पराली देनी होगी। इस कदम से गोशालाओं में चारे की कमी को दूर किया जा सकेगा, साथ ही पराली का भी उचित प्रबंध हो जाएगा। कृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) की बैठक में डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को यह निर्देश दिया।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम की अध्यक्षता में पराली प्रबंधन और खाद्य पदार्थों के अपशिष्टों से खाद बनाने समेत अन्य मुद्दों को लेकर बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि जिन-जिन विभागों के स्तर से किसानों को लाभान्वित/पुरस्कृत करने के लिए नाम प्रस्तावित किए जाने हैं, वह विभागीय स्तर से नवंबर 2021 तक अवश्य कृषि विभाग में उपलब्ध करवा दें। आगामी कृषि मेला में खाद्य पदार्थों के अपशिष्टों से खाद बनाने की क्त्रिस्या/विधि का प्रदर्शन कर किसानों को लाभान्वित किया जाए। इससे एक तरफ अपशिष्टों का सदुपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। पशुपालन विभाग को निर्देशित किया गया कि गौशालाओं में तैयार की जा रही वर्मी कम्पोस्ट/गोबर की खाद के बदले किसानों से गोवंशों के चारे के लिए पराली प्राप्त की जाए। साथ ही इसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार क्षेत्र एवं कृषि मेलों के माध्यम से भी कराया जाए। कृषि विभाग को निर्देशित किया कि जितने भी किसान हैं उन्हें पराली दो, खाद लो योजना के लिए प्रेरित किया जाए। बैठक में उप निदेशक कृषि आरपी चौधरी, जिला कृषि अधिकारी, मत्स्य, पशुपालन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रगतिशील किसान/ पद्मश्री भारत भूषण त्यागी एवं अन्य कृषक उपस्थित रहे।
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