हत्याकांड का खुलासा: बुलंदशहर में भाड़े के शूटरों ने झोलाछाप को उतारा था मौत के घाट, नौ लाख में हुई थी डील, ऐसे खुला मामला
घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी संतोष कुमार सिंह बताया कि गिरफ्तार तीन आरोपियों से हत्याकांड में प्रयोग की गई पिस्टल व कारतूस भी बरामद किए हैं। आठ मई को गुलावठी क्षेत्र में थाना हाफिजपुर के गांव कुराना निवासी झोलाछाप शादाब की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि रंजिश के चलते अशरफी उर्फ सरफराज ने उन्हें शादाब की हत्या की सुपारी दी थी।
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बुलंदशहर के थाना गुलावठी में दिन दहाड़े क्लीनिक में घुसकर झोलाछाप की हत्या भाड़े के शूटरों से कराई गई थी। इसके लिए आरोपियों ने नौ लाख रुपये में तीन शूटर भाड़े पर बुलाए थे। अब पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुये दो शूटरों समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयोग के गए हथियार को भी बरामद कर लिया है। बताया जा रहा है कि वारदात के दौरान एक बदमाश को भी गोली लगी थी।
आठ मई को गुलावठी क्षेत्र में थाना हाफिजपुर के गांव कुराना निवासी झोलाछाप शादाब की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गए थे। बाद में मृतक के भाई मोहम्मद अबरार की शिकायत पर असरफी उर्फ शरफराज, इमरान, आसिफ व तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो शूटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्रत्येक शूटर को तीन लाख रुपये देने की हुई थी डील
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने हत्याकांड में प्रयोग की गई पिस्टल व कारतूस भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार शूटर समीन निवासी थाना बहनाई, जिला बदायूं और वासिद निवासी थाना उस्मानपुर दिल्ली ने सुपारी लेकर हत्याकांड को अंजाम देना स्वीकार किया है। बताया जा रहा है कि दोनों शूटर दिल्ली के छेनू गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि आरोपी अशरफी उर्फ सरफराज ने उन्हें शादाब की हत्या की सुपारी दी थी। इसके लिए तीन लाख प्रति शूटर की धनराशि तय हुई थी।
हत्याकांड के लिए हथियार भी अशरफी उर्फ सरफराज ने ही उपलब्ध कराए थे। वारदात के दौरान बदमाश समीर भी साथियों की गोली लगने से घायल हुआ था। दिल्ली में उपचार के दौरान जब पुलिस मौके पर पहुंची तो बदमाशों ने पुलिस को बताया था कि गुलावठी में एक शादी समारोह के दौरान उसे गोली लगी थी। इस पर दिल्ली पुलिस आरोपी समीर को साथ लेकर गुलावठी में जांच के लिए पहुंची थी। जहां पर शादी के दौरान गोली लगने की बात झूठी मिली और शादाब हत्याकांड की कहानी सामने आई थी। इस पर पुलिस ने आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने पूरा खुलासा कर दिया।
भाई की हत्या की पैरवी करने पर दी थी सुपारी
मार्च 2022 में थाना हाफिजपुर टोल प्लाजा पर गांव कुराना निवासी अशरफी उर्फ सरफराज के भाई इरफान की हत्या हुई थी। मामले में राकिब, माजिद और आकिब को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों के केस की पैरवी राकिब का भाई शादाब कर रहा था। जिसके चलते मृतक इरफान के भाई अशरफी ने शादाब की हत्या की सुपारी दी थी।
25 हजार का मिलेगा इनाम
शादाब हत्याकांड के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली गुलावठी पुलिस को एसएसपी ने 25 हजार रुपये देने की घोषणा की है। गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना प्रभारी अजय कुमार शर्मा, उप निरीक्षक तेजेंद्र कुमार समेत स्वाट टीम और थाने के अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।