{"_id":"5ff9ea308ebc3e2e38295efc","slug":"poisonous-liquor-case-bulandshahr-news-gbd211704457","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर जनपदों तक फैला है शराब का अवैध कारोबार, आका अभी नहीं लगा हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैर जनपदों तक फैला है शराब का अवैध कारोबार, आका अभी नहीं लगा हाथ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैर जनपदों तक फैला है शराब का अवैध कारोबार, आका अभी नहीं लगा हाथ
बुलंदशहर। जीतगढ़ी में जहरीली शराब का कारोबार बीते कुछ वर्षों से फल-फूल रहा था। लेकिन, यह कारोबार गैर जनपद से मुख्य रुप से संचालित हो रहा था। पुलिस अभी तक शराब बेचने वाले और आरोपियों तक शराब पहुंचाने वाली कड़ियों को पकड़ सकी है। जबकि, शराब कहां से आ रही थी, कहां बन रही थी और कौन इस काले कारोबार का मुखिया है, ये जानना पुलिस के लिए अभी चुनौती बना हुआ है। अंतिम कड़ी के खुलने पर ही पुलिस इसका राजफाश कर सकेगी।
गौरतलब है कि अवैध शराब का काला कारोबार जनपदभर में फल-फूल रहा है। लेकिन, अब जीतगढ़ी में हुई वारदात के बाद प्रशासन की नींद टूटी है। पुलिस प्रशासन ने छह लोगों की मौत के बाद तफ्तीश शुरू की तो इसके तार दूर तक जाते नजर आ रहे हैं। पुलिस मुख्य आरोपी कुलदीप, मुकेश और यादराम को मान रही थी। जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। लेकिन, शुक्रवार शाम को कुलदीप की गिरफ्तारी के बाद यह राज खुलने शुरू हो गए हैं। आरोपी कुलदीप व अन्य लोगों से हुई पूछताछ में सामने आया है कि वह तो केवल शराब की बिक्री किया करते थे, यह शराब उन तक पहुंचाने के लिए कुछ अन्य लोग काम करते थे। उन तक शराब पहुंचाने वाले आरोपियों को गैर जनपदों में बैठे इस कारोबार के अन्य आका सप्लाई करते थे। जिसकी जानकारी अभी तक पुलिस को नहीं है। पूछताछ में आरोपियों ने कुछ तथ्य पुलिस को दिए हैं। लेकिन, यह कारोबार किस जनपद से इतना फल फूल रहा है, यह पुलिस की जांच का विषय है।
मामले में काफी अहम सुराग हाथ लगे हैं। अब तक दस आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिनमें से मुख्य रूप से तीन आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। जबकि, अन्य आरोपियों को भी जल्द ही जेल भेज दिया जाएगा। पूछताछ में अभी तक सामने आया है कि वारदात के तार गैर जनपदों से भी जुड़ रहे हैं। जल्द ही राजफाश कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
अपने खर्च पर उपचार करा रहे अजय के परिजन
सिकंदराबाद। आर्थिक सहायता की घोषणा के बाद भी नोएडा के हायर सेंटर में भर्ती अजय (30वर्ष) पुत्र विजय सिंह के परिजन उसका उपचार अपने खर्च पर ही उठा रहे हैं। परिजनों ने उसे उपचार के लिए नोएडा स्थित हायर सेंटर में भर्ती कराया था। जबकि, जिला प्रशासन ने सभी पीड़ितों का सरकारी खर्च पर उपचार कराने का परिजनों को आश्वासन दिया था। अजय के परिवार के सदस्य विकास ने बताया कि वह अपने खर्च पर ही इलाज करा रहे है। बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अस्पताल का बिल भरने के लिए वह रिश्तेदारों, परिचितों से उधार ले रहे है। वहीं, एसडीएम रविशंकर ने बताया कि वह अजय के परिजनों से बराबर संपर्क में है। उपचार के खर्च की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है।
अधिकारियों ने दिनभर गांव में किया कैंप
शराब से हुई छह मौतों के बाद जहां ग्रामीणों में गम और गुस्सा है, वहीं प्रशासन भी किसी भी प्रकार के हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। शनिवार को भी एडीएम प्रशासन रविंद्र कुमार सिंह, एसडीएम रविशंकर सिंह, सीओ नम्रता श्रीवास्तव के अलावा अन्य अधिकारी गांव में दिन भर कैंप किए रहे। वही जिले के आला अफसर हालात पर पूरी तरह से नजर बनाए रहे और गांव में मौजूद अधिकारियों से पल-पल का अपडेट लेते रहे।
अस्पताल से भाग गया था मृतक भगवत
सिकंदराबाद। शुक्रवार की सुबह शराब का सेवन करने वाले 15 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें भगवत भी शामिल था। बताया कि दोपहर के बाद भगवत किसी तरह अस्पताल कर्मियों को चकमा देकर घर भाग आया। भगवत के अस्पताल से भागने की सूचना पर अस्पताल प्रशासन में अफरातफरी मच गई। भगवत को तलाशते हुए स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस उसके घर पहुंची। जहां से उसे दोबारा उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। भगवत के पुत्र संजीव ने बताया कि उसके पिता अस्पताल से भागकर शाम के समय घर आ गए थे। घर पहुंचने पर उनकी तबीयत फिर से खराब होने लगी। उन्हें घबराहट हो रही थी। इसी दौरान अस्पताल की टीम उनके घर पहुंच गई और उसके पिता को उपचार के लिए ले गई। उपचार के दौरान मेरठ अस्पताल में शनिवार की सुबह उसके पिता की मौत हो गई।
पास में स्थित भट्ठे के मजदूर भी जीतगढ़ी से खरीदकर पीते थे शराब
सिकंदराबाद। जीतगढ़ी गांव के पास ही ईंटों का भट्ठा स्थित है। भट्ठे पर काम करने वाले लेबर भी जीतगढ़ी से ही खरीदकर शराब का सेवन करते थे। यदि जहरीली शराब की खेप भट्ठे तक पहुंच गई हो तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। हालांकि स्थानीय प्रशासन जरूरी कदम उठा रहा है। एसडीएम रविशंकर सिंह ने बताया कि भट्ठे पर स्वास्थ्य विभाग की टीम, राजस्व कर्मी, पुलिस एक व्यक्ति से शराब पीने और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी कर रहे हैं। बताया कि भट्ठे पर कार्य करने वाले किसी मजदूर का स्वास्थ्य खराब होने की अभी जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
बुलंदशहर। जीतगढ़ी में जहरीली शराब का कारोबार बीते कुछ वर्षों से फल-फूल रहा था। लेकिन, यह कारोबार गैर जनपद से मुख्य रुप से संचालित हो रहा था। पुलिस अभी तक शराब बेचने वाले और आरोपियों तक शराब पहुंचाने वाली कड़ियों को पकड़ सकी है। जबकि, शराब कहां से आ रही थी, कहां बन रही थी और कौन इस काले कारोबार का मुखिया है, ये जानना पुलिस के लिए अभी चुनौती बना हुआ है। अंतिम कड़ी के खुलने पर ही पुलिस इसका राजफाश कर सकेगी।
गौरतलब है कि अवैध शराब का काला कारोबार जनपदभर में फल-फूल रहा है। लेकिन, अब जीतगढ़ी में हुई वारदात के बाद प्रशासन की नींद टूटी है। पुलिस प्रशासन ने छह लोगों की मौत के बाद तफ्तीश शुरू की तो इसके तार दूर तक जाते नजर आ रहे हैं। पुलिस मुख्य आरोपी कुलदीप, मुकेश और यादराम को मान रही थी। जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। लेकिन, शुक्रवार शाम को कुलदीप की गिरफ्तारी के बाद यह राज खुलने शुरू हो गए हैं। आरोपी कुलदीप व अन्य लोगों से हुई पूछताछ में सामने आया है कि वह तो केवल शराब की बिक्री किया करते थे, यह शराब उन तक पहुंचाने के लिए कुछ अन्य लोग काम करते थे। उन तक शराब पहुंचाने वाले आरोपियों को गैर जनपदों में बैठे इस कारोबार के अन्य आका सप्लाई करते थे। जिसकी जानकारी अभी तक पुलिस को नहीं है। पूछताछ में आरोपियों ने कुछ तथ्य पुलिस को दिए हैं। लेकिन, यह कारोबार किस जनपद से इतना फल फूल रहा है, यह पुलिस की जांच का विषय है।
विज्ञापन
मामले में काफी अहम सुराग हाथ लगे हैं। अब तक दस आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिनमें से मुख्य रूप से तीन आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। जबकि, अन्य आरोपियों को भी जल्द ही जेल भेज दिया जाएगा। पूछताछ में अभी तक सामने आया है कि वारदात के तार गैर जनपदों से भी जुड़ रहे हैं। जल्द ही राजफाश कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
अपने खर्च पर उपचार करा रहे अजय के परिजन
सिकंदराबाद। आर्थिक सहायता की घोषणा के बाद भी नोएडा के हायर सेंटर में भर्ती अजय (30वर्ष) पुत्र विजय सिंह के परिजन उसका उपचार अपने खर्च पर ही उठा रहे हैं। परिजनों ने उसे उपचार के लिए नोएडा स्थित हायर सेंटर में भर्ती कराया था। जबकि, जिला प्रशासन ने सभी पीड़ितों का सरकारी खर्च पर उपचार कराने का परिजनों को आश्वासन दिया था। अजय के परिवार के सदस्य विकास ने बताया कि वह अपने खर्च पर ही इलाज करा रहे है। बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अस्पताल का बिल भरने के लिए वह रिश्तेदारों, परिचितों से उधार ले रहे है। वहीं, एसडीएम रविशंकर ने बताया कि वह अजय के परिजनों से बराबर संपर्क में है। उपचार के खर्च की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है।
अधिकारियों ने दिनभर गांव में किया कैंप
शराब से हुई छह मौतों के बाद जहां ग्रामीणों में गम और गुस्सा है, वहीं प्रशासन भी किसी भी प्रकार के हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। शनिवार को भी एडीएम प्रशासन रविंद्र कुमार सिंह, एसडीएम रविशंकर सिंह, सीओ नम्रता श्रीवास्तव के अलावा अन्य अधिकारी गांव में दिन भर कैंप किए रहे। वही जिले के आला अफसर हालात पर पूरी तरह से नजर बनाए रहे और गांव में मौजूद अधिकारियों से पल-पल का अपडेट लेते रहे।
अस्पताल से भाग गया था मृतक भगवत
सिकंदराबाद। शुक्रवार की सुबह शराब का सेवन करने वाले 15 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें भगवत भी शामिल था। बताया कि दोपहर के बाद भगवत किसी तरह अस्पताल कर्मियों को चकमा देकर घर भाग आया। भगवत के अस्पताल से भागने की सूचना पर अस्पताल प्रशासन में अफरातफरी मच गई। भगवत को तलाशते हुए स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस उसके घर पहुंची। जहां से उसे दोबारा उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। भगवत के पुत्र संजीव ने बताया कि उसके पिता अस्पताल से भागकर शाम के समय घर आ गए थे। घर पहुंचने पर उनकी तबीयत फिर से खराब होने लगी। उन्हें घबराहट हो रही थी। इसी दौरान अस्पताल की टीम उनके घर पहुंच गई और उसके पिता को उपचार के लिए ले गई। उपचार के दौरान मेरठ अस्पताल में शनिवार की सुबह उसके पिता की मौत हो गई।
पास में स्थित भट्ठे के मजदूर भी जीतगढ़ी से खरीदकर पीते थे शराब
सिकंदराबाद। जीतगढ़ी गांव के पास ही ईंटों का भट्ठा स्थित है। भट्ठे पर काम करने वाले लेबर भी जीतगढ़ी से ही खरीदकर शराब का सेवन करते थे। यदि जहरीली शराब की खेप भट्ठे तक पहुंच गई हो तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। हालांकि स्थानीय प्रशासन जरूरी कदम उठा रहा है। एसडीएम रविशंकर सिंह ने बताया कि भट्ठे पर स्वास्थ्य विभाग की टीम, राजस्व कर्मी, पुलिस एक व्यक्ति से शराब पीने और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी कर रहे हैं। बताया कि भट्ठे पर कार्य करने वाले किसी मजदूर का स्वास्थ्य खराब होने की अभी जानकारी नहीं है।