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Bulandshahar News: फार्मासिस्ट निलंबित, प्रभारी का स्थानांतरण
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बुलंदशहर। ऊंचागांव क्षेत्र के गंगाघाट से अधजली हालत में बरामद दवाइयां ऊंचागांव सीएचसी की हैं। जांच टीम ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी। सीएमओ ने जांच रिपोर्ट देखकर फार्मासिस्ट जसवंत को निलंबित कर दिया तो सीएचसी प्रभारी का डिबाई स्थानांतरण कर दिया है। साथ ही सीएचसी प्रभारी डॉ. शलभ भारती के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है। पांच दिन पूर्व संबंधित दवाओं को लोगों ने जलाने के बाद गंगा में बहा दिया था। इसका वीडियो वायरल होने पर सीएमओ ने जांच टीम गठित की।
ऊंचागांव क्षेत्र में मांडव ऋषि आश्रम गंगा के कच्चे घाट पर 23 नवंबर को भारी मात्रा में सरकारी दवाओं के जलाने और फिर गंगा में बहाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें कुछ एक्सपायर तो कुछ दवाएं सही थीं। वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर मंगलवार तक रिपोर्ट मांगी। एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने तीन दिन सीएचसी व गंगाघाट जाकर मामले की जांच की। जांच शुरू होने पर सीएचसी प्रभारी दवाएं अपनी न होने की बात कहकर टालते रहे। बाद में दवाओं की बैच से जांच की गई तो संबंधित दवाएं सीएचसी ऊंचागांव को वितरित होना सामने आया। वहीं, विभाग द्वारा गंगा से करीब 15 बोरे दवाएं बरामद की जा चुकी हैं। इसके बाद भी काफी मात्रा में दवा गंगा व किनारे पर पड़ी रह गईं। जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार अधजली हालत में मिली कुछ दवाओं की एक्सपायरी तिथि दो से तीन माह शेष थी, उन्हें भी जलाकर बहा दिया गया। एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। दवाएं ऊंचागांव सीएचसी की थी।
जांच रिपोर्ट मिलने पर सीएचसी ऊंचागांव पर तैनात फार्मासिस्ट जसवंत को निलंबित कर दिया है। साथ ही सीएचसी प्रभारी डॉ. शलभ भारती का स्थानांतरण डिबाई सीएचसी पर कर दिया है। सीएचसी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। और भी कुछ सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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ऊंचागांव क्षेत्र में मांडव ऋषि आश्रम गंगा के कच्चे घाट पर 23 नवंबर को भारी मात्रा में सरकारी दवाओं के जलाने और फिर गंगा में बहाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें कुछ एक्सपायर तो कुछ दवाएं सही थीं। वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर मंगलवार तक रिपोर्ट मांगी। एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने तीन दिन सीएचसी व गंगाघाट जाकर मामले की जांच की। जांच शुरू होने पर सीएचसी प्रभारी दवाएं अपनी न होने की बात कहकर टालते रहे। बाद में दवाओं की बैच से जांच की गई तो संबंधित दवाएं सीएचसी ऊंचागांव को वितरित होना सामने आया। वहीं, विभाग द्वारा गंगा से करीब 15 बोरे दवाएं बरामद की जा चुकी हैं। इसके बाद भी काफी मात्रा में दवा गंगा व किनारे पर पड़ी रह गईं। जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार अधजली हालत में मिली कुछ दवाओं की एक्सपायरी तिथि दो से तीन माह शेष थी, उन्हें भी जलाकर बहा दिया गया। एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। दवाएं ऊंचागांव सीएचसी की थी।
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जांच रिपोर्ट मिलने पर सीएचसी ऊंचागांव पर तैनात फार्मासिस्ट जसवंत को निलंबित कर दिया है। साथ ही सीएचसी प्रभारी डॉ. शलभ भारती का स्थानांतरण डिबाई सीएचसी पर कर दिया है। सीएचसी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। और भी कुछ सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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