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Bulandshahar News: तत्काल के टिकट के लिए यात्रियों ने स्टेशन काउंटर के बाहर गुजारी रात
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खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट के लिए काउंटर के बाहर सोते यात्री । संवाद
खुर्जा जंक्शन। ट्रेनों में तत्काल टिकट बुक कराने के लिए यात्रियों ने स्टेशन पर काउंटर के बाहर सोकर रात गुजारी। करीब 14 घंटे पहले बृहस्पतिवार रात नौ बजे ही स्टेशन पर पहुंच गए और कतारबद्ध होकर बैठ गए। इसके बाद भी शुक्रवार को टिकट के लिए लोगों को मारामारी का सामना करना पड़ा।
दिवाली और छठ पर घर जाने वाले यात्रियों को ट्रेनों में आरक्षण नहीं मिल रहा है। रेलवे की ओर से सीतामढ़ी जाने वाली लिच्छवी एक्सप्रेस, कटिहार जाने ने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस, मालदा जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस,अलीपुरद्वार जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस और बिहार व कोलकाता जाने वाली कालका मेल में रिग्रेट (आरक्षण बंद) जारी कर दिया है।
ऐसे में बिहार व पूर्वी जिलों में जाने वाले यात्रियों के पास अब केवल तत्काल का सहारा बचा है। इसके लिए खुर्जा जंक्शन पर तत्काल की टिकट के लिए भी मारामारी हो रही है। बिहार जाने वाले मुनेंद्र ने बताया कि तत्काल का टिकट सुबह दस बजे मिलता है। उस वक्त भीड़ होती है और टिकट बनाने के लिए लंबी कतार में लगना पड़ता है। ऐसे में नौकरी में जाने में देरी हो जाती है। इसलिए बृहस्पतिवार रात को ही कतार स्टेशन पर आकर बैठ गए।
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वहीं संदीप का कहना है कि सुबह की मारामारी से बचने के लिए रात को ही स्टेशन पर आ गए थे। शुक्रवार सुबह परिवार के आठ लोगों के नाम का टिकट लेकर चले गए। इसके अलावा कुछ यात्री अलीगढ़, गाजियाबाद व दिल्ली से जाने वाली ट्रेनों में आरक्षण कराने का प्रयास कर रहे हैं।
स्टेशन अधीक्षक घनश्याम मीणा का कहना है कि आगामी त्योहार के चलते ट्रेनों जल्द आरक्षण पूरे हो गए। इसलिए ट्रेनों को रिग्रेट कर दिया है। अब यात्रियों को जनरल बोगी में ही सफर करना होगा।
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पॉटरी इकाइयों में हजारों लोग करते हैं नौकरी--
खुर्जा में संचालित लगभग 400 पॉटरी इकाईयों में 30 हजार से अधिक मजदूर काम करते हैं। इसमें अधिकांश पश्चिम बंगाल, बिहार व उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों के रहने वाले हैं। दीपावली से लेकर अगले दस दिनों तक पॉटरी इकाइयां बंद रहती हैं। इसी के चलते मजदूर अपने गांव चले जाते हैं। इसी कारण खुर्जा जंक्शन पर टिकट के लिए ज्यादा भीड़ रहती है।
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दिवाली और छठ पर घर जाने वाले यात्रियों को ट्रेनों में आरक्षण नहीं मिल रहा है। रेलवे की ओर से सीतामढ़ी जाने वाली लिच्छवी एक्सप्रेस, कटिहार जाने ने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस, मालदा जाने वाली फरक्का एक्सप्रेस,अलीपुरद्वार जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस और बिहार व कोलकाता जाने वाली कालका मेल में रिग्रेट (आरक्षण बंद) जारी कर दिया है।
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ऐसे में बिहार व पूर्वी जिलों में जाने वाले यात्रियों के पास अब केवल तत्काल का सहारा बचा है। इसके लिए खुर्जा जंक्शन पर तत्काल की टिकट के लिए भी मारामारी हो रही है। बिहार जाने वाले मुनेंद्र ने बताया कि तत्काल का टिकट सुबह दस बजे मिलता है। उस वक्त भीड़ होती है और टिकट बनाने के लिए लंबी कतार में लगना पड़ता है। ऐसे में नौकरी में जाने में देरी हो जाती है। इसलिए बृहस्पतिवार रात को ही कतार स्टेशन पर आकर बैठ गए।
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वहीं संदीप का कहना है कि सुबह की मारामारी से बचने के लिए रात को ही स्टेशन पर आ गए थे। शुक्रवार सुबह परिवार के आठ लोगों के नाम का टिकट लेकर चले गए। इसके अलावा कुछ यात्री अलीगढ़, गाजियाबाद व दिल्ली से जाने वाली ट्रेनों में आरक्षण कराने का प्रयास कर रहे हैं।
स्टेशन अधीक्षक घनश्याम मीणा का कहना है कि आगामी त्योहार के चलते ट्रेनों जल्द आरक्षण पूरे हो गए। इसलिए ट्रेनों को रिग्रेट कर दिया है। अब यात्रियों को जनरल बोगी में ही सफर करना होगा।
पॉटरी इकाइयों में हजारों लोग करते हैं नौकरी
खुर्जा में संचालित लगभग 400 पॉटरी इकाईयों में 30 हजार से अधिक मजदूर काम करते हैं। इसमें अधिकांश पश्चिम बंगाल, बिहार व उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों के रहने वाले हैं। दीपावली से लेकर अगले दस दिनों तक पॉटरी इकाइयां बंद रहती हैं। इसी के चलते मजदूर अपने गांव चले जाते हैं। इसी कारण खुर्जा जंक्शन पर टिकट के लिए ज्यादा भीड़ रहती है।