फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Farmers will benefit from organic feed, financially stronger

जैविक चारे से किसान होंगे मालामाल, बहेगी दूध की गंगा

Wed, 20 Jan 2021 05:25 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Wed, 20 Jan 2021 05:25 PM IST
विज्ञापन
Farmers will benefit from organic feed, financially stronger
जैविक खेती - फोटो : pixabay

जैविक खेती जिले के किसानों को मालामाल करेगी। अभी तक जिले में करीब 1500 किसान 1050 हेक्टेयर में जैविक खेती कर रहे हैं। इससे हो रहे अच्छे मुनाफे को देखते हुए अब किसानों जैविक ढंग से चारे की खेती की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। अब डेरियों में दुधारू पशुओं के लिए जैविक साइलेज तैयार होगा। जैविक सरसों की खली खिलाई जाएगी जो पशुओं की सेहत के लिए अच्छी और दूध उत्पादन की क्षमता बढ़ाने मेें कारगर होगी।

विज्ञापन


जैविक खेती करने वाले जिले के किसान यूपी महोत्सव में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। यहां की जैविक बिरयानी और जैविक गुड़ लखनऊ में हुए इस महोत्सव में छा गया। जिले में करीब 1500 किसान जैविक तरीके से गेहूं, सरसों और आलू आदि की खेती कर रहे हैं। जैविक ढंग से उगाए गेंहूं का भूसा और सरसों की खली भी जैविक होगा। यूपी डास्प के अफसरों ने दुधारू पशुओं के लिए जैविक चारे का साइलेज बनाने के लिए किसानों से संपर्क साधा है। किसान इस जैविक चारे को डेयरियों को सप्लाई करेंगे। इससे दूध की गुणवत्ता और पौष्टिकता भी बढ़ेगी।
विज्ञापन


39 गांवों में हो रही जैविक खेती
जनपद में गंगा किनारे वाले 39 गांवों में 1500 से अधिक किसान 1050 हेक्टेयर से अधिक भूमि में जैविक खेती कर रहे हैं। जैविक तरीके से खेती करने वाले किसानों को उगने वाली फसलों से तैयार होने वाले खाद्यान्न से आमदनी भी अधिक प्राप्त हो रही है। यह किसान जैविक खेती के साथ अभी तक जैविक बिरयानी और जैविक गुड़ आदि तैयार कर रहे हैं। अब इन किसानों ने अपने दुधारू पशुओं के
विज्ञापन
विज्ञापन

लिए जैविक चारा उत्पादन की दिशा में काम बढ़ा दिया है।
 

किसानों से जैविक साइलेज, खल-बिनौले आदि के उत्पादन के लिए संपर्क किया गया है। किसान इनके जैविक उत्पादन के लिए तैयार हैं। जैविक चारा खाने वाले पशुओं की सेहत अच्छी होगी जिससे जिले में दूध का उत्पादन भी बढ़ेगा और यह दूध मानव स्वास्थ्य के लिए भी ज्यादा फायदेमंद होगा।

- डॉ. कमल सिंह, अधिकारी डास्प।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed