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एक क्लिक पर मिलेगा 33 बीमारियों के मरीजों का ब्योरा
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एक क्लिक पर मिलेगा 33 बीमारियों के मरीजों का ब्योरा
बुलंदशहर। मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए कोरोना का रिकॉर्ड रखने वाले कोविन पोर्टल की तरह एक और पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इससे हर सीएचसी-पीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक में प्रतिदिन 33 बीमारियों के उपचार को आने वाले मरीजों का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इस पोर्टल से सरकार को हेल्थ पॉलिसी बनाने में भी लाभ मिलेगा।
कोविड मरीजों के लिए कोविन पोर्टल बनाया गया था। जिस पर सभी कोविड मरीजों का डाटा एकत्र किया गया। इसी तरह अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भारत सरकार द्वारा इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉरमेशन प्लेटफॉर्म (आईएचएपी) पोर्टल बनाया गया है। इस पर मरीजों को कौन सी बीमारी है और उसका किस सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है। उसका सारा रिकॉर्ड रहेगा। जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जो लोग इलाज कराने आते हैं, उन्हें क्या-क्या बीमारियां हो रही हैं। इनकी 33 बीमारियों का डाटा प्रतिदिन अपडेट किया जाएगा।
ये है योजना
जिला डाटा मैनेजर विजय यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने इंटीग्रटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इस पोर्टल पर हर छोटे-बड़े केस को पंजीकृत करना होगा। मरीज को कौन सी बीमारी है और उसका इलाज किस सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहा है, मरीज का नाम, पता व मोबाइल नंबर आदि की सूचना भी पोर्टल पर अपलोड होगी।
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इन बीमारियों की अपडेट होगी सूचना
शुरुआत में पोर्टल पर हेपेटाइटिस, डेंगू, चिकनगुनिया, डिप्थीरिया, बुखार, मानसिक रोग, कालाजार, फाइलेरिया, कैंसर, हृदय रोग, गुर्दा रोग, चर्म रोग, बाल रोग, दंत रोग और हाई रिस्क प्रेगनेंसी समेत 33 बीमारियों व समस्याओं से संबंधित मरीजों का डाटा इस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
यह होगा पोर्टल से लाभ
- क्षेत्रवार संक्रामक व अन्य रोगों के प्रसार पर नजर रखी जा सकेगी।
- किसी भी क्षेत्र में किसी एक ही बीमारी या समस्या से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ने पर समय से रोकथाम के उपाय व कार्य किए जा सकेंगे।
- क्षेत्रवार बीमारियों व मरीजों का सर्विलांस हो सकेगा।
- मरीजों का पर्चा खो भी जाता है और कुछ समय या महीनों बाद दोबारा मरीज दवा लेने जाता है तो उसका पुराना रिकार्ड उपलब्ध हो जाएगा। जिससे परामर्श व उपचार में आसानी होगी।
- मरीज का नाम, पता व मोबाइल नंबर दर्ज होने के कारण पुराने उपचार की डिटेल आसानी से प्राप्त हो सकेगी।
- जिले वर हर क्षेत्र की स्थिति से उच्च अधिकारी से लेकर शासन तक लगातार अपडेट रह सकेंगे।
अभी तक क्षेत्रवार बीमारियों के प्रसार और मरीजों से जुड़ी जानकारी का डाटा एकत्र करने में समय लग जाता है। पोर्टल के शुरू होने से निगरानी करने में आसानी हो सकेगी। यह पोर्टल ऐसे ही कार्य करेगा जैसे कोविन पोर्टल कार्य कर रहा है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए कोरोना का रिकॉर्ड रखने वाले कोविन पोर्टल की तरह एक और पोर्टल तैयार किया जा रहा है। इससे हर सीएचसी-पीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक में प्रतिदिन 33 बीमारियों के उपचार को आने वाले मरीजों का ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इस पोर्टल से सरकार को हेल्थ पॉलिसी बनाने में भी लाभ मिलेगा।
कोविड मरीजों के लिए कोविन पोर्टल बनाया गया था। जिस पर सभी कोविड मरीजों का डाटा एकत्र किया गया। इसी तरह अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भारत सरकार द्वारा इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉरमेशन प्लेटफॉर्म (आईएचएपी) पोर्टल बनाया गया है। इस पर मरीजों को कौन सी बीमारी है और उसका किस सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है। उसका सारा रिकॉर्ड रहेगा। जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जो लोग इलाज कराने आते हैं, उन्हें क्या-क्या बीमारियां हो रही हैं। इनकी 33 बीमारियों का डाटा प्रतिदिन अपडेट किया जाएगा।
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ये है योजना
जिला डाटा मैनेजर विजय यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने इंटीग्रटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इस पोर्टल पर हर छोटे-बड़े केस को पंजीकृत करना होगा। मरीज को कौन सी बीमारी है और उसका इलाज किस सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहा है, मरीज का नाम, पता व मोबाइल नंबर आदि की सूचना भी पोर्टल पर अपलोड होगी।
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इन बीमारियों की अपडेट होगी सूचना
शुरुआत में पोर्टल पर हेपेटाइटिस, डेंगू, चिकनगुनिया, डिप्थीरिया, बुखार, मानसिक रोग, कालाजार, फाइलेरिया, कैंसर, हृदय रोग, गुर्दा रोग, चर्म रोग, बाल रोग, दंत रोग और हाई रिस्क प्रेगनेंसी समेत 33 बीमारियों व समस्याओं से संबंधित मरीजों का डाटा इस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
यह होगा पोर्टल से लाभ
- क्षेत्रवार संक्रामक व अन्य रोगों के प्रसार पर नजर रखी जा सकेगी।
- किसी भी क्षेत्र में किसी एक ही बीमारी या समस्या से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ने पर समय से रोकथाम के उपाय व कार्य किए जा सकेंगे।
- क्षेत्रवार बीमारियों व मरीजों का सर्विलांस हो सकेगा।
- मरीजों का पर्चा खो भी जाता है और कुछ समय या महीनों बाद दोबारा मरीज दवा लेने जाता है तो उसका पुराना रिकार्ड उपलब्ध हो जाएगा। जिससे परामर्श व उपचार में आसानी होगी।
- मरीज का नाम, पता व मोबाइल नंबर दर्ज होने के कारण पुराने उपचार की डिटेल आसानी से प्राप्त हो सकेगी।
- जिले वर हर क्षेत्र की स्थिति से उच्च अधिकारी से लेकर शासन तक लगातार अपडेट रह सकेंगे।
अभी तक क्षेत्रवार बीमारियों के प्रसार और मरीजों से जुड़ी जानकारी का डाटा एकत्र करने में समय लग जाता है। पोर्टल के शुरू होने से निगरानी करने में आसानी हो सकेगी। यह पोर्टल ऐसे ही कार्य करेगा जैसे कोविन पोर्टल कार्य कर रहा है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ