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वैज्ञानिक बेटे की मुश्किलों से बूढ़े माता-पिता सदमे में

Thu, 25 May 2017 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Thu, 25 May 2017 12:32 AM IST
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Old parents in shock by the difficulties of scientific son
अन्य - फोटो : अमर उजाला

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अमेरिका में नजरबंद भारतीय परमाणु वैज्ञानिक बेटे को भारत लाने के लिए बूढ़े माता-पिता मंत्रियों के दरवाजों के चक्कर लगाते-लगाते थक गए हैं। अब बेटे का मकान नीलामी होने की सूचना ने उन्हें झकझोर कर रख दिया है। वह गहरे सदमे में हैं, लेकिन बेटे को न्याय दिलाने के लिए हौसला नहीं खोया है।

उनका कहना है बेटे को न्याय के लिए लड़ते रहेंगे। कसबा निवासी डीएपी इंटर कॉलेज के रिटायर शिक्षक रामकिशन शर्मा के पुत्र डॉ. तरुण भारद्वाज सात साल पहले अमेरिका के टैक्सास स्थित ए एंड एम यूनिवर्सिटी में बतौर परमाणु वैज्ञानिक नियुक्त हुए थे। वह अमेरिका की नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी पर काम कर रहा था।
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पांच माह पहले उसे ब्राजोस काउंटी डिटेंशन ब्रायन टैक्सास में मिसविहेव रिस्ट्रेन व डिटेनेशन का विरोध करने पर डिटेन कर लिया था। विवि ने उसे नौकरी से भी निकाल दिया था। इस फैसले के विरुद्ध अदालत में जाने पर विवि के प्रेसीडेंट व अन्य पांच अन्य वैज्ञानिक उससे निजी दुश्मनी मानने लगे।
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पांच माह से अधिक समय से वह डिटेंशन सेन्टर में है। बेटे की रिहाई के लिए माता-पिता पीएमओ और विदेश मंत्रालयों के दर्जनों चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। वैज्ञानिक बेटे की यह बात सुनकर कि रिहाई के बदले कोर्ट द्वारा उसे सात लाख का बॉन्ड भरने तथा कर्ज पर लिए गए मकान की किश्त न भरने के चलते छह जून को उसकी नीलामी होने की बात सुनकर सदमे में आ गए हैं।

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