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दफ्तर की छत गिरी, बाल-बाल बचे जेई-एई
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 24 Jan 2017 11:15 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पावर कारपोरेशन के टेस्ट डिवीजन के दफ्तर की छत गिरने से अधिकारी बाल-बाल बच गए। जर्जर हो रही दफ्तर की छत भरभराकर गिर पड़ी। हादसे के दौरान जेई व एई दफ्तर में मौजूद थे। गनीमत रही कि दोनों अफसर बच गए।
पावर कारपोरेशन के टेस्ट डिवीजन द्वितीय के दफ्तर में एसडीओ विकास शर्मा और जेई जगदीश कुमार काम कर रहे थे। इसी दौरान दफ्तर की जर्जर हो रही छत का एक हिस्सा गिरने लगा। इसको गिरता देख दोनों अफसर दफ्तर से भागकर बाहर निकले।
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जैसे ही वह बाहर निकले, पूरी छत भरभराकर गिर पड़ी। छत गिरने से दफ्तर में रखे कंप्यूटर, फाइलें और फर्नीचर आदि दब गए। बता दें कि यह इमारत काफी पुरानी थी। कई बार पत्र लिखने के बावजूद इमारत की मरम्मत नहीं कराई गई थी।
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अधीक्षण अभियंता राजेश सिंह ने बताया कि दफ्तर की इमारत काफी पुरानी है। मरम्मत के लिए पत्र लिखा गया है।
जर्जर हाल में सरकारी इमारतें और स्कूल
बुलंदशहर (ब्यूरो)। जिले के सरकारी विभागों की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं। हालात ऐसे हैं कि पावर कारपोरेशन की बिल्डिंग से लेकर नगर कोतवाली, कलक्ट्रेट, कचहरी, बीएसए, डीआईओएस समेत कई इमारतें मरम्मत की बाट जोह रहे हैं।
दरअसल, नगर कोतवाली और बिजली दफ्तरों की हालत खराब हो चुकी है। टेस्ट डिवीजन, फर्स्ट डिवीजन और थर्ड डिवीजन की इमारत में तो दीमक तक लग चुकी है। इसके अलावा जिले की कई सरकारी स्कूलों की इमारतें भी जर्जर हो चुकी हैं।
नेपाल में आए भूकंप के बाद चिन्हित किए थे 3700 जर्जर स्कूलभवन
पिछले वर्ष नेपाल में आए भूकंप के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी बी. चंद्रकला ने पीडब्ल्यूडी अफसरों से सर्वे कराया था। सर्वे में जो स्थिति आई, वह चौंकाने वाली थी। जिले के 3700 सरकारी स्कूल भवन जर्जर हालत में पाए गए। जिले के 80 फीसदी से ज्यादा सरकारी स्कूलों के भवन भूकंप के एक झटके को भी सहन नहीं कर सकते थे।
इसके अलावा जर्जर सरकारी भवन और आवासों को आज तक चिह्नित नहीं किया जा सका है।
जनपद में जर्जर सरकारी भवन, आवास, स्कूलों आदि का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। - आंजनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी