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Bulandshahar News: एसएनसीयू में बढ़ाई जाएगी बेड की संख्या
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बुलंदशहर। अब गंभीर बच्चों को बेड की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में जल्द तीन बेड और बढ़ाए जाएंगे। साथ ही पीकू और नीकू वार्ड का भी जल्द संचालन शुरू हो जाएगा। अभी तक एसएनसीयू वार्ड में 12 बेड की सुविधा है।
जिला महिला अस्पताल में अभी तक एसएनसीयू में 12 बेड की सुविधा है। एसएनसीयू में कम वजन वाले बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। साथ ही एमएनसीयू में 20 बेड की सुविधा दी जा रही है। एमएनसीयू में बच्चों को मां के साथ भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। वहीं, ये सभी बेड फुल हो जाने पर नवजात को रेफर कर दिया जाता है। इससे नवजात के परिजनों को निजी अस्पताल या मेरठ-दिल्ली तक की दौड़ लगानी पड़ती है। लेकिन बेड बढ़ने से कुछ राहत मिलेगी।
अस्पताल में अभी तक 12 बेड का एसएनसीयू वार्ड संचालित है। जल्द ही तीन बेड बढ़ जाएंगे। साथ ही पीकू और नीकू वार्ड भी तैयार हो चुके हैं। इनका संचालन शुरू होने से गंभीर नवजातों का इलाज हो सकेगा। - डॉ. अजय पटेल, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
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जिला महिला अस्पताल में अभी तक एसएनसीयू में 12 बेड की सुविधा है। एसएनसीयू में कम वजन वाले बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। साथ ही एमएनसीयू में 20 बेड की सुविधा दी जा रही है। एमएनसीयू में बच्चों को मां के साथ भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। वहीं, ये सभी बेड फुल हो जाने पर नवजात को रेफर कर दिया जाता है। इससे नवजात के परिजनों को निजी अस्पताल या मेरठ-दिल्ली तक की दौड़ लगानी पड़ती है। लेकिन बेड बढ़ने से कुछ राहत मिलेगी।
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अस्पताल में अभी तक 12 बेड का एसएनसीयू वार्ड संचालित है। जल्द ही तीन बेड बढ़ जाएंगे। साथ ही पीकू और नीकू वार्ड भी तैयार हो चुके हैं। इनका संचालन शुरू होने से गंभीर नवजातों का इलाज हो सकेगा। - डॉ. अजय पटेल, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
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