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Bulandshahar News: निराश्रित गोवंशों की देखभाल के लिए अब मिलेंगे 50 रुपये
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बुलंदशहर। निराश्रित गोवंशों को चारा, भूसा उपलब्ध कराने के लिए अब प्रत्येक गोवंश के लिए 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। पूर्व में प्रतिदिन 30 रुपये की राशि को बढ़ाने के आदेश के बाद अब जिले में करीब दो हजार गोवंशों को चारा, भूसा उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी।
जिले में संचालित 70 से अधिक गोशालाओं में 1600 से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इन गोवंशों को प्रतिदिन चारा और भूसा, पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रति गोवंश 30 रुपये का भुगतान सरकार की ओर से दिया जाता है। महंगाई अधिक होने और प्रति गोवंश खर्च की राशि अधिक होने के चलते गोशालाओं को भूसे और चारे की पूर्ति के लिए लोगों के दान पर निर्भर रहना पड़ता है। अब सरकार ने इस धनराशि को बढ़ाकर 50 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन कर दिया है। इसके चलते अब चारा और भूसा उपलब्ध कराने के लिए दान पर अधिक निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
15 दिन में 250 से अधिक गोवंश पकड़े
सड़कों पर खुले में घूमते गोवंशों को अभियान चलाकर पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है। एक नवंबर से चलाए जा रहे अभियान के तहत दो सप्ताह में 250 से अधिक गोवंशों को पकड़कर गोशाला में संरक्षित कराया गया है। जबकि अभी भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 200 से अधिक गोवंश सड़क पर घूम रहे हैं।
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गाय गोद लेने के लिए आगे नहीं आए लोग
गोशालाओं पर निर्भरता कम करने और गोवंशों की देखभाल के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए सरकार ने योजना बनाई थी। योजना के तहत गोवंशों को लोगों को गोद दिया जाना था। इसके लिए प्रति गोवंश प्रतिदिन के खर्च के लिए सरकार की ओर से धनराशि दी जानी है, लेकिन अभी तक कोई भी व्यक्ति गायों को गोद लेने के लिए आगे नहीं आया है।
गोशाला में संरक्षित गोवंशों के चारे, भूसे के लिए उपलब्ध कराई जानी वाली धनराशि सरकार ने बढ़ाई है। इससे गोशालाओं में गोवंशों को भरपेट चारा और भूसा मिल सकेगा। गोवंशों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। जल्द सभी गोवंशों को गोशाला में संरक्षित कराया जाएगा।-- डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन
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जिले में संचालित 70 से अधिक गोशालाओं में 1600 से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इन गोवंशों को प्रतिदिन चारा और भूसा, पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रति गोवंश 30 रुपये का भुगतान सरकार की ओर से दिया जाता है। महंगाई अधिक होने और प्रति गोवंश खर्च की राशि अधिक होने के चलते गोशालाओं को भूसे और चारे की पूर्ति के लिए लोगों के दान पर निर्भर रहना पड़ता है। अब सरकार ने इस धनराशि को बढ़ाकर 50 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन कर दिया है। इसके चलते अब चारा और भूसा उपलब्ध कराने के लिए दान पर अधिक निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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15 दिन में 250 से अधिक गोवंश पकड़े
सड़कों पर खुले में घूमते गोवंशों को अभियान चलाकर पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है। एक नवंबर से चलाए जा रहे अभियान के तहत दो सप्ताह में 250 से अधिक गोवंशों को पकड़कर गोशाला में संरक्षित कराया गया है। जबकि अभी भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 200 से अधिक गोवंश सड़क पर घूम रहे हैं।
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गाय गोद लेने के लिए आगे नहीं आए लोग
गोशालाओं पर निर्भरता कम करने और गोवंशों की देखभाल के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए सरकार ने योजना बनाई थी। योजना के तहत गोवंशों को लोगों को गोद दिया जाना था। इसके लिए प्रति गोवंश प्रतिदिन के खर्च के लिए सरकार की ओर से धनराशि दी जानी है, लेकिन अभी तक कोई भी व्यक्ति गायों को गोद लेने के लिए आगे नहीं आया है।
गोशाला में संरक्षित गोवंशों के चारे, भूसे के लिए उपलब्ध कराई जानी वाली धनराशि सरकार ने बढ़ाई है। इससे गोशालाओं में गोवंशों को भरपेट चारा और भूसा मिल सकेगा। गोवंशों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। जल्द सभी गोवंशों को गोशाला में संरक्षित कराया जाएगा।