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Bulandshahar News: जिला अस्पताल में अब 30 बेड की होगी इमरजेंसी
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल की इमरजेंसी अब छह बेड से बढ़कर 30 बेड की हो जाएगी। इसको लेकर कॉलेज की प्राचार्य ने निरीक्षण कर सीएमएस को बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इमरजेंसी में 10 बेड पर मॉनिटर लगेंगे तो 15 बेड प्राइवेट वार्ड में इमरजेंसी के रहेंगे। इसको लेकर अस्पताल में तैयारियां शुरू हो गई हैं। बेड व संसाधन बढ़ने से गंभीर मरीजों को भी लाभ मिल सकेगा।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अभी तक छह बेड हैं। इन पर कुछ देर मरीज को रखने के बाद वार्ड में भर्ती कर दिया जाता है या फिर संबंधित की हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। अप्रैल माह से जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हो गए। इसके बाद से सुविधाओं में लगातार बदलाव और बढ़ोतरी की जा रही है। इमरजेंसी परिसर दो बेड का एक वार्ड भी बनाया गया है और तीन बेड इमरजेंसी के मुख्य द्वार के पास रखे जाएंगे। जहां पर मरीजों को प्राथमिक उपचार करने के बाद संबंधित बेड पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। अस्पताल परिसर में संचालित नए प्राइवेट वार्ड भवन को इमरजेंसी के लिए आरक्षित किया गया है। इसमें बने छह कमरों में 15 बेड यलो जोन के रहेंगे।
इमरजेंसी की ओटी भी होगी संचालित
इमरजेंसी परिसर में ऑपरेशन थियेटर बना हुआ है। जहां पर आधुनिक मशीनें भी रखी हैं। इनका प्रयोग नहीं किया जाता। अब मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य ने इमरजेंसी परिसर स्थित ऑपरेशन थियेटर को भी संचालन करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी छह बेड से बढ़ाकर 30 बेड की करने को व्यवस्था की जा रही है। मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी 30 बेड की होती है। इसमें छह आईसीयू के, चार रेड जोन के, 15 येलो जोन के और पांच ग्रीन जोन के बेड की सुविधा मरीजों को दी जाएगी। - डॉ. मनीषा जिंदल, प्रधानाचार्य कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में अभी तक छह बेड हैं। इन पर कुछ देर मरीज को रखने के बाद वार्ड में भर्ती कर दिया जाता है या फिर संबंधित की हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। अप्रैल माह से जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हो गए। इसके बाद से सुविधाओं में लगातार बदलाव और बढ़ोतरी की जा रही है। इमरजेंसी परिसर दो बेड का एक वार्ड भी बनाया गया है और तीन बेड इमरजेंसी के मुख्य द्वार के पास रखे जाएंगे। जहां पर मरीजों को प्राथमिक उपचार करने के बाद संबंधित बेड पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। अस्पताल परिसर में संचालित नए प्राइवेट वार्ड भवन को इमरजेंसी के लिए आरक्षित किया गया है। इसमें बने छह कमरों में 15 बेड यलो जोन के रहेंगे।
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इमरजेंसी की ओटी भी होगी संचालित
इमरजेंसी परिसर में ऑपरेशन थियेटर बना हुआ है। जहां पर आधुनिक मशीनें भी रखी हैं। इनका प्रयोग नहीं किया जाता। अब मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य ने इमरजेंसी परिसर स्थित ऑपरेशन थियेटर को भी संचालन करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी छह बेड से बढ़ाकर 30 बेड की करने को व्यवस्था की जा रही है। मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी 30 बेड की होती है। इसमें छह आईसीयू के, चार रेड जोन के, 15 येलो जोन के और पांच ग्रीन जोन के बेड की सुविधा मरीजों को दी जाएगी। - डॉ. मनीषा जिंदल, प्रधानाचार्य कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज