{"_id":"578534904f1c1b0e7913e40d","slug":"now-the-industry-will-have-to-find-10-million-easy","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब 10 करोड़ की इंडस्ट्री लगाना होगा आसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब 10 करोड़ की इंडस्ट्री लगाना होगा आसान
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Tue, 12 Jul 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
इंडस्ट्रीज व ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन की सेमिनार में मौजूद पदाधिकारी।
- फोटो : ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इनवेस्टमेंट की मंशा से उद्योगों का दायरा बढ़ाने के लिए उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत 10 करोड़ की लागत वाले उद्योग लगाने की अनुमति डीएम कार्यालय से मिलेगी। 50 करोड़ के उद्योगों की अनुमति कमिश्नर देंगे। अब तक शासन स्तर से बड़े उद्योग लगाने की अनुमति मिलती थी।
विज्ञापन
उद्योग स्थापना के लिए उद्योग, जिला उद्योग बंधु और मंडल उद्योग बंधु, यूपीएसआईडीसी, पर्यावरण, प्रदूषण, अग्निशमन की अनुमति के लिए लखनऊ तक फाइल चलानी पड़ती है। इस प्रक्रिया में धनराशि और समय दोनों की ही बर्बादी होती है।
विज्ञापन
नई व्यवस्था अमल में आने से समय और धन की बर्बादी से निजात मिलेगी। दरअसल, 10 करोड़ रुपये की लागत वाले सभी उद्योगों की अनुमति डीएम देंगी। कमिश्नर को 50 करोड़ रुपये के उद्योगों की अनुमति देने की पावर शासन ने दी है।
विज्ञापन
उद्योग, जिला उद्योग बंधु और मंडल उद्योग बंधु, यूपीएसआईडीसी, पर्यावरण, प्रदूषण, अग्निशमन विभाग से अनुमति भी जनपद में ही मिल जाएगी। अब तक 10 और 50 करोड़ की एनओसी शासन स्तर से हुआ करती थी।
इससे कारोबारियों और सरकार को कई फायदे होंगे। अव्वल तो जनपद में निवेश का दायरा बढ़ेगा। दूसरा फायदा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
जनपद में निवेश का दायरा बढ़ाने के लिए शर्तों को आसान किया गया है। इस कदम से उद्योग लगाने में तेजी आएगी। इससे सिकंदराबाद, गुलावठी और बुलंदशहर में काफी संभावनाए बढ़ी हैं। - शुभ्रा सक्सेना, डीएम