{"_id":"58a09fce4f1c1b5733d842bc","slug":"nobody-has-taken-any-hangover-matrix","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसी ने उतारी खुमारी तो किसी ने किया गुणा-भाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसी ने उतारी खुमारी तो किसी ने किया गुणा-भाग
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 12 Feb 2017 11:18 PM IST
विज्ञापन
राजनीति
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का दंगल खत्म हो चुका है। सभी की निगाहें अब परिणाम पर हैं। मतदान के बाद प्रत्याशियों ने भी राहत की सांस ली है। किसी ने चुनाव में हुई थकान की खुमारी उतारी तो किसी ने गुणा-भाग में दिन निकाला। कुछ प्रत्याशी ऐसे भी रहे, जिन्होंने समर्थकों के बीच रहकर क्षेत्र का फीडबैक जाना।
विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान शनिवार को हो गया। चुनाव के बाद अधिकांश प्रत्याशियों ने अपनी थकान उतारी। कई प्रत्याशी ऐसे भी रहे, जिन्होंने समर्थकों के साथ अपना दिन गुजारा। बुलंदशहर से रालोद प्रत्याशी श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित रविवार की सुबह काफी रिलेक्स दिखे।
विज्ञापन
वह अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वसत दिखे। उन्होंने डीएवी मैदान में बच्चों के साथ क्रिकेट मैच खेला तो उसके बाद बाइक से अपने समर्थकों के साथ शहर का भ्रमण किया। बसपा प्रत्याशी हाजी अलीम ने रविवार को चुनावी खुमारी उतरने के बाद दिन भर समर्थकों के साथ बैठकर हार-जीत का गुणा-भाग किया।
विज्ञापन
अनूपशहर से भाजपा प्रत्याशी संजय शर्मा ने भी समर्थकों के साथ बैठकर चुनावी समीकरण बैठाए और समर्थकों को उन्हें दिए समर्थन के लिए आभार जताया। बसपा प्रत्याशी गजेंद्र सिंह, सपा-कांग्रेस प्रत्याशी हिमायत अली ने भी अपने समर्थकों के साथ चुनावी चर्चा की।
शिकारपुर से भाजपा प्रत्याशी अनिल शर्मा ने सुबह उठकर सांईं मंदिर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद समर्थकों के साथ चुनावी चर्चा की। रालोद प्रत्याशी मुकेश पंडित भी बुलंदशहर स्थित आवास पर समर्थकों के साथ मशगूल दिखे। बसपा प्रत्याशी मुकुल उपाध्याय ने भी समर्थकों के साथ चर्चा की।
डिबाई से सपा-कांग्रेस प्रत्याशी हरीश लोधी ने समर्थकों का आभार जताते हुए दिनभर उन्हीं से क्षेत्र का फीडबैक लिया। बसपा प्रत्याशी देवेन्द्र भारद्वाज सुबह से ही समर्थकों से घिरे रहे ।
सिकंदराबाद के प्रत्याशियों ने ऐसे गुजारा रविवार का दिन
बसपा प्रत्याशी हाजी इमरान देर रात तक बूथों की रिपोर्ट लेते रहे। रविवार को सवेरे ही कार्यकर्ताओं, और समर्थक उनके कैंप कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं, और समर्थकों के साथ बूथ वाइज वोटिंग की समीक्षा की। दलित-मुस्लिमों के अलावा अन्य वर्गों का भी उन्हें वोट मिला है।
भाजपा प्रत्याशी विमला सोलंकी रविवार को सवेरे ही कैंप कार्यालय पहुंच गईं। वहां समर्थक और कार्यकर्ता पहले ही मौजूद थे। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के हर एक बूथ की वोटिंग का बारीकी से आंकलन किया। भाजपा के परंपरागत वोट के अलावा समाज के सभी वर्गो ने उन्हें वोट किया है।
रालोद प्रत्याशी आशा यादव ने रविवार का दिन परिवार के साथ गुजारा। हालांकि उनके पति जिलापंचायत अध्यक्ष हरेंद्र यादव पार्टी कार्यकताओं और समर्थकों से वोटिंग की जानकारी लेने में व्यस्त रहे। हरेंद्र यादव ने बताया कि आशा यादव को लोकदल के बेस वोट के अलावा समाज के सभी वर्गो ने वोट किया है।
सपा प्रत्याशी राहुल यादव ने रविवार गाजियाबाद स्थित उनके आवास पर परिवार के लोगों के बीच गुजरा। राहुल ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान व्यस्तता के चलते वह थकान महसूस कर रहे थे। खुद को रिफ्रेश करने के लिए उन्होंने रविवार का दिन परिवार के लोगों के बीच गुजारा।
परिवार के साथ समय बिताया
भाजपा प्रत्याशी विजेंद्र सिंह खटिक जहां पिछले कई दिनों से जनसंपर्क और अन्य चुनावी कार्यो के चलते सुबह पांच बजे उठ जाते थे। वहीं शनिवार को मतदान के दूसरे दिन रविवार सुबह वह थोड़ा लेट सो कर उठे। उन्होंने बताया कि रविवार को सारा वक्त परिवार के साथ बिताया।
परिवार के लोगों से फोन पर की बात
बसपा प्रत्याशी अर्जुन सिंह ने बताया कि मतदान से पहले तक व्यस्तता के कारण परिवार से हाल चाल लेने तक की फुर्सत नहीं मिलती थी। रविवार को सुबह उठने के बाद परिवार के लोगों से फोन पर बातचीत की। इसके बाद कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव को लेकर आकलन किया।
सुबह उठकर अखबारों पर दौड़ाई नजर
कांग्रेस-सपा संयुक्त प्रत्याशी बंशी सिंह पहाड़िया ने बताया कि पिछले कई दिनों से आराम नहीं मिल रहा था। मतदान के दूसरे दिन सुबह उठकर अखबारों पर नजरें दौड़ाई और काफी सुकून के साथ घर पर चाय पी। कुछ समर्थक भी आ गए उनके साथ बैठकर चुनाव को लेकर चर्चा की।
अधिकतर प्रत्याशियों के फोन हुए बंद जैसा कि हर चुनाव में होता आया है कि नेताजी चुनाव के दौरान मतदान होने तक ही जनता के लिए उपलब्ध होते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही इस बार भी हुआ है। मतदान के बाद निकली सुबह में नेताजी नॉट रीचेबल रहे।
समर्थक नेताजी का फोन मिलाते रहे, लेकिन उधर से यही सुनने को मिलता रहा कि ‘दिस नंबर इज नॉट रिचेबल, प्लीज ट्राई आफ्टर सम टाइम।’ विधानसभा चुनाव के दौरान आम जनता के लिए हर समय उपलब्ध रहने वाले नेताजी मतदान होने के अगले दिन गायब नजर आए। हालांकि कुछ प्रत्याशी समर्थकों के संपर्क में जरूर रहे।