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Bulandshahar News: 15 दिन से लेबर रूम में नहीं बिजली, टाॅर्च की रोशनी में कराए 15 प्रसव
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ऊंचागांव सीएचसी पर पसरा अंधेरा। संवाद
ऊंचागांव। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लेबर रूम में वायरिंग खराब होने के कारण पिछले 15 दिन से बिजली नहीं है। स्टाफ ने दिन में खिड़की खोलकर और रात में मोबाइल की टॉर्च जलाकर 15 प्रसव कराए। कर्मचारियों का आरोप है कि सूचना के बाद भी उच्चाधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार दोपहर तक वायरिंग को ठीक नहीं किया गया था।
अस्पताल के एक स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिन के समय प्रसव के लिए खिड़की खोलकर रोशनी की व्यवस्था की जाती थी, जबकि रात के समय मोबाइल की टॉर्च या अन्य टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराया गया। रात के समय एक से अधिक प्रसूता के अस्पताल पहुंचने पर उसे रेफर किया जाता था। अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि कई बार सीएचसी के अधिकारियों से इसे ठीक करने के लिए कहा लेकिन अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
बताया जा रहा है कि पूर्व में भी कई बार वायरिंग खराब होने के कारण लेबर रूम की बिजली सप्लाई प्रभावित हो चुकी है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंची गर्भवती राजकली, चन्दा देवी, पूनम देवी, रानी देवी ने बताया कि महिला डॉक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल जाते हैं तो लेबर रूम में जांच की जाती है। अस्पताल में बिजली न होने के कारण स्टाफ के लोग अंधेरे में ही जांच करते हैं।
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वायरिंग के कारण बिजली सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिसे ठीक करा दिया गया है। सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि यदि वायरिंग में कोई बड़ी समस्या है तो इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें, ताकि उसे ठीक कराया जा सके। - डाॅ. विनय कुमार, सीएमओ
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अस्पताल के एक स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिन के समय प्रसव के लिए खिड़की खोलकर रोशनी की व्यवस्था की जाती थी, जबकि रात के समय मोबाइल की टॉर्च या अन्य टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराया गया। रात के समय एक से अधिक प्रसूता के अस्पताल पहुंचने पर उसे रेफर किया जाता था। अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि कई बार सीएचसी के अधिकारियों से इसे ठीक करने के लिए कहा लेकिन अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
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बताया जा रहा है कि पूर्व में भी कई बार वायरिंग खराब होने के कारण लेबर रूम की बिजली सप्लाई प्रभावित हो चुकी है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंची गर्भवती राजकली, चन्दा देवी, पूनम देवी, रानी देवी ने बताया कि महिला डॉक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल जाते हैं तो लेबर रूम में जांच की जाती है। अस्पताल में बिजली न होने के कारण स्टाफ के लोग अंधेरे में ही जांच करते हैं।
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वायरिंग के कारण बिजली सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिसे ठीक करा दिया गया है। सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि यदि वायरिंग में कोई बड़ी समस्या है तो इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें, ताकि उसे ठीक कराया जा सके। - डाॅ. विनय कुमार, सीएमओ