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Bulandshahar News: जिले में 1.50 लाख बच्चों की 15 फीसदी फीस का नहीं हुआ समायोजन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 07 Apr 2023 10:52 PM IST
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No adjustment of 15 percent fees
संवाद न्यूज एजेंसी
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बुलंदशहर। हाईकोर्ट ने कोरोना काल के दौरान स्कूलों को 15 फीसदी फीस समायोजित करने और वापस करने के आदेश दिए थे, लेकिन जिले के निजी स्कूलों ने अभी तक न तो फीस वापस की है और न ही उसका समायोजन किया है। जिले में कोरोना काल के दौरान 2.30 लाख बच्चे निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। अभिभावकों का कहना है कि फीस समायोजन करने के लिए स्कूलों से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन इस प्रकरण में कोई जवाब नहीं मिल रहा है। पूरी फीस जमा करनी पड़ रही है।
हाईकोर्ट ने माह जनवरी में निर्देश जारी किया कि साल 2020-21 में कोरोना काल के समय सभी स्कूलों में ली गई कुल फीस पर 15 प्रतिशत माफ किया जाए। लेकिन इस आदेश के करीब तीन माह बीत जाने के बाद भी जिले के स्कूलों में इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। जिले में 410 से अधिक निजी स्कूलों में लगभग 2.30 लाख छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई की। इनमें सीबीएसई के 110, बेसिक और माध्यमिक से मान्यता प्राप्त करीब 300 निजी स्कूल शामिल हैं। कोर्ट ने आदेश जारी किया था कि कोरोना काल के दौरान निजी स्कूल बंद रहे थे। उनका खर्चा भी कम हुआ था। ऑनलाइन कक्षाएं संचालित हुई थीं, इस कारण स्कूलों को 15 फीसदी फीस समायोजित करने और जो छात्र स्कूल छोड़कर गए हैं, उन्हें 15 फीसदी फीस वापस करनी है। स्कूलों को आदेश जारी होने के बाद एक भी विद्यालय ने अभी तक फीस समायोजित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। जो भी अभिभावक स्कूल में जाकर फीस के बारे में जानकारी करते हैं, उन्हें सही जवाब नहीं दिया जा रहा है। अभिभावकों से कहा जा रहा है कि शासन से अभी लिखित में कोई गाइड लाइन जारी नहीं हुई है, जिस आधार पर फीस समायोजित कर सकें। वहीं अभिभावकों की समस्या को देखते हुए भाकियू महाशक्ति ने प्रदर्शन कर अभिभावकों को न्याय दिलाने की मांग की थी। अभिभावक दिनेश शर्मा, मोहित सोलंकी, ममता सिंह ने बताया कि बच्चों के स्कूलों में फीस समायोजन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पहले ही काफी फीस छोड़ दी गई है। ऐसी स्थिति में फीस का समायोजन नहीं किया जाएगा। अभिभावकों ने कहा कि सभी को स्कूलों के खिलाफ सड़क पर उतरना पड़ेगा। तभी न्याय मिल सकेगा। डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने बताया कि सभी स्कूलों को इससे संबंधित पत्र जारी कर शासन का आदेश उपलब्ध करा दिया। इससे संबंधित शिकायत निस्तारण के लिए डीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी का भी गठन हो चुका है। सभी स्कूलों से फीस का समायोजन कराया जाएगाा।
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अभिभावक इस तरह कर सकते हैं शिकायत डीआईओएस के अनुसार यदि कोई स्कूल कोर्ट व शासन के निर्देश का पालन नहीं कर रहा तो उसकी शिकायत जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में की जा सकती है। शिकायत मिलने पर उसका डीएम की अध्यक्षता वाली जिला शुल्क नियामक समिति में निस्तारण किया जाएगा। यदि किसी छात्र के पास साक्ष्य या रसीद नहीं है तो उसकी भी शिकायत कर निस्तारण कराया जा सकता है। ऐसी शिकायत मिलने पर समिति इसका स्कूल से सत्यापन कराएगी। साथ ही उसे इसका लाभ भी दिलाएगी।
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