{"_id":"67fe8d51252eca359902e1d1","slug":"nine-year-old-rudra-won-first-place-by-doing-plank-for-21-minutes-bulandshahr-news-c-137-1-krj1001-107657-2025-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: 21 मिनट तक प्लैंक लगाने पर नौ वर्षीय रुद्र ने जीता प्रथम स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: 21 मिनट तक प्लैंक लगाने पर नौ वर्षीय रुद्र ने जीता प्रथम स्थान
विज्ञापन
मेरठ में आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभाग करता खुर्जा निवासी रुद्र । स्रोत : जागरूक पाठक
खुर्जा। स्थिर रहकर 21 मिनट तक बिना रुके प्लैंक लगाने वाले नौ वर्षीय रुद्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मेरठ में आयोजित प्रतियोगिता में रुद्र अपनी उम्र से तीन से चार गुना बड़े बॉडी बिल्डरों को मात दी। रुद्र को नौ हजार रुपये नकद पुरस्कार और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
खुर्जा के नगला कोठी मोहल्ला निवासी रुद्र के पिता प्रकाश कुमार ने बताया कि सोमवार को मेरठ के शास्त्री नगर में डायमाटाइज कंपनी की ओर से प्लैंक (काष्ठफलक) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्लैंक एक व्यायाम मुद्रा है, जो हाथ से कोहने के हिस्से और पैरों के पंजे के हिस्से के सहारे पूरे शरीर को बिना हिले स्थिर रखना होता है। प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों के लगभग 100 बॉडी बिल्डर व जिम्नास्टिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
नौ वर्षीय उनके बेटे रुद्र कुमार ने भी प्रतिभाग किया। जब प्रतियोगिता शुरू हुई तो कुछ लोग एक से दो मिनट में ही हार मान गए। कुछ अधिकतम पांच से सात मिनट तक रहे। इसमें रुद्र बिना हिले 21 मिनट तक प्लैंक लगाता रहा, जिसको निर्णायक ने ही रोक दिया। अपनी फिटनेस और व्यायाम को लेकर रुद्र पहले भी पुरस्कार जीत चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
खुर्जा के नगला कोठी मोहल्ला निवासी रुद्र के पिता प्रकाश कुमार ने बताया कि सोमवार को मेरठ के शास्त्री नगर में डायमाटाइज कंपनी की ओर से प्लैंक (काष्ठफलक) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्लैंक एक व्यायाम मुद्रा है, जो हाथ से कोहने के हिस्से और पैरों के पंजे के हिस्से के सहारे पूरे शरीर को बिना हिले स्थिर रखना होता है। प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों के लगभग 100 बॉडी बिल्डर व जिम्नास्टिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
विज्ञापन
नौ वर्षीय उनके बेटे रुद्र कुमार ने भी प्रतिभाग किया। जब प्रतियोगिता शुरू हुई तो कुछ लोग एक से दो मिनट में ही हार मान गए। कुछ अधिकतम पांच से सात मिनट तक रहे। इसमें रुद्र बिना हिले 21 मिनट तक प्लैंक लगाता रहा, जिसको निर्णायक ने ही रोक दिया। अपनी फिटनेस और व्यायाम को लेकर रुद्र पहले भी पुरस्कार जीत चुके हैं।
विज्ञापन