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Bulandshahar News: ईरान में गांव सांखनी के नौ छात्र, सभी सुरक्षित
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जहांगीराबाद के गांव सांखनी में इरान में अपने बच्चों को लेकर चर्चा करते परिजन। संवाद
जहांगीराबाद/शिकारपुर। ईरान में जहांगीराबाद क्षेत्र के नौ छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार बच्चों से लगातार संपर्क हो रहा है और उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं है। वहां शिकारपुर के दो लोगों के परिवार भी हैं। उन्होंने बताया कि ईरान में हालात इतने बुरे नहीं हैं। उनके सभी परिजनों से लगातार बातचीत हो रही है।
जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव सांखनी के पूर्व प्रधान आजाद अली ने बताया कि उनकी भांजी बाफिया वतुल पुत्री सहजाद अली, जोया अब्बास पुत्री कमर अब्बास, मौलाना मुन्व्वर अब्बास की भतीजी सेबी जेहरा, सना फातमा पुत्री अफजाल हुसैन, एनुल हुदा पुत्री अफजाल हुसैन, हसन तुराबी पुत्र गम खेरा हैदर, मौ. अब्बास पुत्र जाकिर अली, नजीर हैदर पुत्र मुजफर अली, मौलाना अजहर पुत्र हुसैन अली ईरान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
यह सभी छात्र-छात्रा ईरान के शहरे कुम स्थिति ईमान खुमेरी यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत हैं। बाफिया से उनकी फोन पर बात हुई तो बताया कि वहां पर उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं है।
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दूसरी ओर शिकारपुर के मोहल्ला गंज सादात निवासी हाशिम अली ईरान में 1998 से परिवार समेत रहते हैं। हाशिम अली के भाई हाजी ऐवज अली ने बताया कि उनकी छोटे भाई की पत्नी हुमैरा एक सप्ताह पहले ही शिकारपुर तथा अपने मायके हैदराबाद से होकर ईरान लौटीं हैं। उनसे फोन पर बात हुई तो बताया कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
कुतुब दरवाजा निवासी शफ़ाहत अली ने बताया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे जुड़े हैं जिसके द्वारा उनसे बातचीत होती रहती है। उनका परिवार वहां सुरक्षित है।
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जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव सांखनी के पूर्व प्रधान आजाद अली ने बताया कि उनकी भांजी बाफिया वतुल पुत्री सहजाद अली, जोया अब्बास पुत्री कमर अब्बास, मौलाना मुन्व्वर अब्बास की भतीजी सेबी जेहरा, सना फातमा पुत्री अफजाल हुसैन, एनुल हुदा पुत्री अफजाल हुसैन, हसन तुराबी पुत्र गम खेरा हैदर, मौ. अब्बास पुत्र जाकिर अली, नजीर हैदर पुत्र मुजफर अली, मौलाना अजहर पुत्र हुसैन अली ईरान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
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यह सभी छात्र-छात्रा ईरान के शहरे कुम स्थिति ईमान खुमेरी यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत हैं। बाफिया से उनकी फोन पर बात हुई तो बताया कि वहां पर उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं है।
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दूसरी ओर शिकारपुर के मोहल्ला गंज सादात निवासी हाशिम अली ईरान में 1998 से परिवार समेत रहते हैं। हाशिम अली के भाई हाजी ऐवज अली ने बताया कि उनकी छोटे भाई की पत्नी हुमैरा एक सप्ताह पहले ही शिकारपुर तथा अपने मायके हैदराबाद से होकर ईरान लौटीं हैं। उनसे फोन पर बात हुई तो बताया कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
कुतुब दरवाजा निवासी शफ़ाहत अली ने बताया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे जुड़े हैं जिसके द्वारा उनसे बातचीत होती रहती है। उनका परिवार वहां सुरक्षित है।