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एनजीटी की क्लीनचिट पर ही चलेगी मिल
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 14 Nov 2015 04:45 PM IST
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एनजीटी की क्लीनचिट पर ही इस पेराई सत्र में अनूपशहर शुगर मिल चल पाएगी। प्रदूषण के कारण वेव शुगर मिल पर पहले से ही ताला लटका हुआ है।
ऐसे में अब अनूपशहर शुगर मिल को एनओसी नहीं मिली तो मौजूदा पेराई सत्र में गन्ना किसानों की परेशानी बढ़ना तय है। 17 नवंबर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों की टीम मिल का निरीक्षण करेगी।
अनूपशहर शुगर मिल प्रदूषण के मानक पूरे नहीं कर रही थी। इसलिए एनजीटी ने बीते वर्ष अनूपशहर शुगर मिल को प्रदूषण के मानकों को पूरा करने का आदेश दिया था।
एनजीटी के नोटिस के क्रम में अनूपशहर शुगर मिल प्रबंधन ने मानक पूरे करने का दावा किया है। प्रदूषण को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित उपकरण लगाए गए हैं।
मिल में प्रदूषण नियंत्रण पर काम जरूर हुआ है लेकिन यह एनजीटी के निर्देशानुसार है या नहीं, इसका फैसला 17 नवंबर को एनजीटी की टीम करेगी।
बता दें कि अनूपशहर शुगर मिल ने एनजीटी के सामने प्रगति रिपोर्ट पेश कर दी है। 17 नवंबर को मिल का निरीक्षण करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम मिल में पहुंचेगी।
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निरीक्षण टीम की आख्या के आधार पर एनजीटी एनओसी पर निर्णय लेगी। बता दें कि यदि मिल को एनओसी नहीं मिली तो करीब 50 हजार किसानों के सामने गन्ना बिक्री का संकट खड़ा हो जाएगा।
वेव शुगर मिल पहले से ही है बंद
प्रदूषण की आड़ और प्रशासन की शह पर वेव शुगर मिल पहले से ही बंद है।
खास बात यह है कि पेराई सत्र से कुछ दिन पहले ही वेव शुगर मिल ने प्रशासन को बताया कि अधिक लागत के कारण मिल में प्रदूषण नियंत्रण के मानक पूरे नहीं किए जा सकते।
दिलचस्प यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने मिल प्रबंधन से एक बार भी प्रदूषण नियंत्रण का स्टेटस जानने का प्रयास नहीं किया।
अनूपशहर शुगर मिल में मानक पूरे कर लिए गए हैं। एनजीटी को रिपोर्ट भी भेज दी गई है। 17 नवंबर को एनजीटी के आदेश के क्रम में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम मिल का निरीक्षण करेगी।
- एसडी सिंह, प्रबंधक, अनूपशहर शुगर मिल
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ऐसे में अब अनूपशहर शुगर मिल को एनओसी नहीं मिली तो मौजूदा पेराई सत्र में गन्ना किसानों की परेशानी बढ़ना तय है। 17 नवंबर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों की टीम मिल का निरीक्षण करेगी।
अनूपशहर शुगर मिल प्रदूषण के मानक पूरे नहीं कर रही थी। इसलिए एनजीटी ने बीते वर्ष अनूपशहर शुगर मिल को प्रदूषण के मानकों को पूरा करने का आदेश दिया था।
एनजीटी के नोटिस के क्रम में अनूपशहर शुगर मिल प्रबंधन ने मानक पूरे करने का दावा किया है। प्रदूषण को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित उपकरण लगाए गए हैं।
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मिल में प्रदूषण नियंत्रण पर काम जरूर हुआ है लेकिन यह एनजीटी के निर्देशानुसार है या नहीं, इसका फैसला 17 नवंबर को एनजीटी की टीम करेगी।
बता दें कि अनूपशहर शुगर मिल ने एनजीटी के सामने प्रगति रिपोर्ट पेश कर दी है। 17 नवंबर को मिल का निरीक्षण करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम मिल में पहुंचेगी।
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निरीक्षण टीम की आख्या के आधार पर एनजीटी एनओसी पर निर्णय लेगी। बता दें कि यदि मिल को एनओसी नहीं मिली तो करीब 50 हजार किसानों के सामने गन्ना बिक्री का संकट खड़ा हो जाएगा।
वेव शुगर मिल पहले से ही है बंद
प्रदूषण की आड़ और प्रशासन की शह पर वेव शुगर मिल पहले से ही बंद है।
खास बात यह है कि पेराई सत्र से कुछ दिन पहले ही वेव शुगर मिल ने प्रशासन को बताया कि अधिक लागत के कारण मिल में प्रदूषण नियंत्रण के मानक पूरे नहीं किए जा सकते।
दिलचस्प यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने मिल प्रबंधन से एक बार भी प्रदूषण नियंत्रण का स्टेटस जानने का प्रयास नहीं किया।
अनूपशहर शुगर मिल में मानक पूरे कर लिए गए हैं। एनजीटी को रिपोर्ट भी भेज दी गई है। 17 नवंबर को एनजीटी के आदेश के क्रम में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम मिल का निरीक्षण करेगी।
- एसडी सिंह, प्रबंधक, अनूपशहर शुगर मिल