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लापरवाही : इमरजेंसी में मोबाइल की टॉर्च जलाकर हो रहा इलाज
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मोबाइल की टॉर्च जलाकर खड़े तीमारदार। स्त्रोत - वायरल वीडियो
बुलंदशहर। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मोबाइल की टॉर्च जलाकर उपचार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में इमरजेंसी में अंधेरा होने के साथ मोबाइल की टॉर्च में मरीज कराहते हुए नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो सोमवार रात का बताया जा रहा है। इस दौरान करीब 40 मिनट बिजली गुल की समस्या बनी रही। जबकि, सीएमएस वायरल वीडियो को पुराना बता रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं आपातकालीन सेवाओं में शामिल होने के कारण जिला अस्पताल में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है, लेकिन यहां आए दिन बिजली गुल की समस्या बनी रहती है। जबकि बिजली गुल रहने पर जनरेटर की सुविधा है, लेकिन जनरेटर का संचालन नहीं किया जाता। ऐसे में अस्पताल परिसर व इमरजेंसी अंधेरे में डूब जाता है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर इमरजेंसी में टॉर्च जलाकर इलाज करने का एक वीडियो वायरल हुआ। 26 सेकेंड के इस वीडियो में मरीज कराहते हुए नजर आ रहे हैं, मरीजों के पास खड़े तीमारदार मोबाइल की टॉर्च जलाकर उन्हें दिलासा देते हैं। वहीं, ईएमओ कुर्सी पर आराम से बैठे रहते हैं। वायरल वीडियो सोमवार रात का बताया जा रहा है। एक कर्मी ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे बिजली गुल हो गई। बिजली गुल होने के कुछ देर बाद इन्वर्टर भी जवाब दे गया। ऐसे में परिसर में अंधेरा छा गया।
इस दौरान एक मेडिकोलीगल व एक सड़क हादसे के मामले में घायल उपचार कराने आए। तीमारदार संदीप ने बताया कि अपने मरीज को दिखाने के लिए ईएमओ से कहा तो वे कुर्सी से नहीं उठे। लाइट आने का इंतजार करने लगे। इमरजेंसी में मौजूद लोगों ने अपने-अपने मोबाइल की टॉर्च जलाई तो भी ईएमओ कुर्सी से नहीं हिले।
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पूर्व में भी कई बार बिजली गुल की बन चुकी है समस्या
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बिजली गुल का मामला पहला नहीं है। इससे पूर्व भी समय-समय पर बिजली गुल की समस्या सामने आ चुकी है। कई बार दो से तीन घंटे तक बिजली गुल की समस्या बनी रही। बिजली गुल होने पर जहां मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है तो वहीं, इस समस्या का समाधान करने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा।
रविवार रात आंधी आने पर बिजली गुल हो गई। बिजली जाने पर कूलर-पंखा इन्वर्टर से चलाने पर वह भी डाउन हो गया। ऐसे में करीब 10 मिनट बिजली गुल रही। इसके बाद आपूर्ति सुचारु कर दी गई।
- डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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स्वास्थ्य सेवाएं आपातकालीन सेवाओं में शामिल होने के कारण जिला अस्पताल में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है, लेकिन यहां आए दिन बिजली गुल की समस्या बनी रहती है। जबकि बिजली गुल रहने पर जनरेटर की सुविधा है, लेकिन जनरेटर का संचालन नहीं किया जाता। ऐसे में अस्पताल परिसर व इमरजेंसी अंधेरे में डूब जाता है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर इमरजेंसी में टॉर्च जलाकर इलाज करने का एक वीडियो वायरल हुआ। 26 सेकेंड के इस वीडियो में मरीज कराहते हुए नजर आ रहे हैं, मरीजों के पास खड़े तीमारदार मोबाइल की टॉर्च जलाकर उन्हें दिलासा देते हैं। वहीं, ईएमओ कुर्सी पर आराम से बैठे रहते हैं। वायरल वीडियो सोमवार रात का बताया जा रहा है। एक कर्मी ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे बिजली गुल हो गई। बिजली गुल होने के कुछ देर बाद इन्वर्टर भी जवाब दे गया। ऐसे में परिसर में अंधेरा छा गया।
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इस दौरान एक मेडिकोलीगल व एक सड़क हादसे के मामले में घायल उपचार कराने आए। तीमारदार संदीप ने बताया कि अपने मरीज को दिखाने के लिए ईएमओ से कहा तो वे कुर्सी से नहीं उठे। लाइट आने का इंतजार करने लगे। इमरजेंसी में मौजूद लोगों ने अपने-अपने मोबाइल की टॉर्च जलाई तो भी ईएमओ कुर्सी से नहीं हिले।
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पूर्व में भी कई बार बिजली गुल की बन चुकी है समस्या
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बिजली गुल का मामला पहला नहीं है। इससे पूर्व भी समय-समय पर बिजली गुल की समस्या सामने आ चुकी है। कई बार दो से तीन घंटे तक बिजली गुल की समस्या बनी रही। बिजली गुल होने पर जहां मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है तो वहीं, इस समस्या का समाधान करने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा।
रविवार रात आंधी आने पर बिजली गुल हो गई। बिजली जाने पर कूलर-पंखा इन्वर्टर से चलाने पर वह भी डाउन हो गया। ऐसे में करीब 10 मिनट बिजली गुल रही। इसके बाद आपूर्ति सुचारु कर दी गई।
- डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल