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Bulandshahar News: नवरात्र आज से, 10 दिनों तक होगी मां शक्ति की आराधना

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2026 11:47 PM IST
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Navratri begins today; Goddess Shakti will be worshipped for 10 days.
दिल्ली कालका से माता की जोत लेकर जाते श्रद्धालु। संवाद
बुलंदशहर। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ रविवार से हो रहा है। इससे पूर्व रविवार को नगर से लेकर देहात तक के सभी मंदिरों में सजावट व साफ-सफाई की गई। श्रद्धालुओं ने पूजा और फलाहार आदि सामान की खरीदारी। दिल्ली से मां कालका के मंदिर से जोत लेकर भक्त लौट आए हैं। रविवार सुबह मंदिरों और घरों में कलश स्थापित कर मां भगवती की आराधना की जाएगी।
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पंडित कैलाश शर्मा ने बताया कि इस बार नवरात्र का रविवार से प्रारंभ हो रहा है। माता रानी गजराज पर सवार होकर आ रही हैं। यह शुभ संयोग देने वाला माना जाता है। नवरात्र इस बार 10 दिनों तक चलेगें। इस बीच सप्तमी दो दिन की रहेगी।
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पूजा की विधि
पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाएगी। नवरात्र के पहले दिन घर में कलश की स्थापना की जाती है। नवरात्र के पहले दिन रविवार की सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर शुभ मुहूर्त में माता रानी की चौकी स्थापित करें। इसके बाद आसन लगाकर माता रानी की मूर्ति या तस्वीर को चौकी पर रखें। उसके बाद वस्त्र, चुनरी, फूल माला से मां का शृंगार करें। चौकी के सामने कलश स्थापित कर उसमें जौ बोएं। फल और मिठाई से माता रानी को भोग लगाकर सुख शांति और समृद्धि की कामना करें।
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कलश स्थापना का मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह सुबह 4:15 से 5:05 बजे तक
शुभ मुहूर्त सुबह 06:19 बजे से 10:12 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा
मां कालका से जोत लेकर लौटे भक्त
शारदीय नवरात्र के एक दिन पहले शनिवार को जिले की सड़कों पर मां भगवती के जयकारे गूंजते रहे। शनिवार को पूरे दिन दिल्ली कालका मंदिर से मां की जोत लेकर श्रद्धालुओं के लौटने का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालु रंग-गुलाल उड़ाते और डीजे पर झूमते हुए गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे।

रविवार को प्रथम शारदीय नवरात्र के दौरान लाई गई मां की जोत को मंदिरों व घरों में स्थापित किया जाएगा। माता की जोत लाने वालों में बच्चे, युवा और महिला-पुरुष शामिल रहे। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सेवादार भी जगह-जगह शिविर लगाकर प्रसाद ग्रहण कराने में जुटे रहे।
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