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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Namaz will not be read on the streets, sacrifice is banned in public places

Bulandshahar News: सड़कों पर नहीं पढ़ी जाएगी नमाज, सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी प्रतिबंधित

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jun 2023 10:30 PM IST
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बुलंदशहर। ईद-उल-अजहा को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बृहस्पतिवार को नगर की ईदगाह में सुबह सात बजे नमाज पढ़ी जाएगी। इसी तरह अन्य ईदगाह व मस्जिदों में नमाज के लिए अलग-अलग समय तय किया गया है। किसी को भी खुले में नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी। साथ ही खुले में कुर्बानी करना भी प्रतिबंधित है।
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शहर काजी मौलाना जैनुअल आबीदीन ने बताया कि ईद-उल-अजहा बकरीद में पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत कुर्बानी देकर अदा की जाती है। ईदगाह में बृहस्पतिवार को ईद की नमाज सुबह सात बजे पढ़ाई जाएगी। इस बार जिले में नमाज पढ़ने के लिए 248 स्थान तय किए गए हैं। इनमें 155 ईदगाह और 93 मस्जिद शामिल हैं। सभी जगह अलग-अलग समय पर नमाज पढ़ाई जाएगी। किसी भी ईदगाह व मस्जिद के बाहर नमाज नहीं होगी। इसका सभी को पालन करना होगा। सुरक्षा के मद्देनजर जिले को सात जोन और 27 सेक्टरों में बांटा गया है। इस दिन बड़ी ईदगाह व मस्जिदों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। इस दिन पीएसी की दो कंपनी तैनात रहेंगी। 200 प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर समेत सभी थानों की पुलिस की ईदगाह व मस्जिदों पर तैनाती रहेगी। डीएम सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार समेत अन्य अधिकारी जिले भर के अलग-अलग स्थानों पर पैनी नजर रखेंगे।
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नमाज का समय
बुलंदशहर
ईदगाह: सुबह 07:00 बजे
जामा मस्जिद: सुबह 08:00 बजे
ऊपर कोट स्थित काल्री मस्जिद : 07:15 बजे
कसाई बाड़ा स्थित मस्जिद : 06:30 बजे
सिकंदराबाद
ईदगाहः सुबह 7:15 बजे

जामा मस्जिदः सुबह 8.00 बजे
किले वाली मस्जिदः 7.30 बजे

कैत वाली मस्जिदः 7.45 बजे




सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील
ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष हाजी वाहिद और सदस्य/प्रवक्ता हाजी नूर मोहम्मद कुरैशी ने कहा कि ईद पर सड़कों पर नमाज नहीं होगी। सभी ईदगाह, जामा मस्जिद, शाही मस्जिद या अपने इलाके की बड़ी मस्जिदों में नमाज पढ़ें। कुर्बानी करते समय दूसरों की भावनाओं का ख्याल रखें। खुले और सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करें। कुर्बानी के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड न करें। कुर्बानी के बाद पशु के अवशेष पाॅलीथिन में डालकर प्रशासन द्वारा तय स्थानों पर ही फेंकें। सफाई का विशेष ध्यान रखें।
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