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Bulandshahar News: गाजियाबाद से अपहृत बच्ची की बुलंदशहर में हत्या कर फेंका शव

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2022 10:15 PM IST
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murder
गाजियाबाद से अपहृत बच्ची की बुलंदशहर में हत्या कर फेंका शव
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बुलंदशहर। गाजियाबाद नंदग्राम थाना क्षेत्र के नई बस्ती अपहृत 11 वर्षीय खुशी की हत्या कर दी गई। शव बुलंदशहर के देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव सराय छबील के जंगल में फेंक दिया गया। मंगलवार को नंदग्राम पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया। खुशी के पड़ोसी ने ही अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है।
11 वर्षीय खुशी गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र के नई बस्ती स्थित अपने ननिहाल में रह रही थी। रविवार को उसका अपहरण हो गया था। दोपहर करीब दो बजे अपहरणकर्ता ने परिवार को फोन कर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। तीन दिन में फिरौती न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। मामले में पुलिस ने खुशी के पड़ोस में रहने वाले युवक बबलू को हिरासत में लिया था। सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपी ने खुशी की हत्या करने की बात कुबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि उसे जानकारी थी कि खुशी के पिता की मौत के बाद क्लेम की धनराशि आने वाली है। इसके बाद उसने खुशी के अपहरण की साजिश रची। रविवार को वह उस समय खुशी के घर पहुंचा, जब वह घर पर अकेली थी। बबलू उसे घर से ले गया और नंदग्राम में शनि मंदिर के पास दोस्त अमित को दे दिया। अमित उसे बाइक से दादरी बाईपास ले गया और अपने साथी गंभीर को दे दिया। गंभीर स्कूटी से उसे बुलंदशहर के गांव सराय छबील ले गया और शाम करीब छह बजे गमछे से गला घोंट कर हत्या कर दी और शव को खेत में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी बबलू को गिरफ्तार कर लिया। अमित और गंभीर को हिरासत में लिया। मंगलवार दोपहर दोनों आरोपियों को लेकर बुलंदशहर पहुंची और उनकी निशानदेही पर शव को बरामद कर लिया। बच्ची के परिजनों ने भी शव की शिनाख्त कर ली है। बुलंदशहर के एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि गाजियाबाद के नंदग्राम थाने की पुलिस मामले की जांच कर रही है। बच्ची का बुलंदशहर में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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पिता की हो चुकी है मौत
खुशी के पिता की 2015 में एक सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजनों की सहमति के बाद खुशी के चाचा सोनू ने उसकी मां के साथ विवाह कर लिया था। खुशी की मां सोनू के साथ हरियाणा के सोनीपत में रह रही है। सोनू सोनीपत में ठेके पर जेसीबी मशीन चलवाता है। सोनू ने ही खुशी के अपहरण की तहरीर पुलिस को दी थी।
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नाना खरीदने वाले थे खुशी के नाम प्लाट
खुशी के पिता की मौत के मामले में बीमा कंपनी से करीब 26 लाख रुपये क्लेम का आने वाला था। खुशी की मां और चाचा सोनू ने तय किया था कि यह रकम उसके नाना-नानी को दे दी जाएगी, जिससे कि वह खुशी की अच्छे से परवरिश कर सकें। खुशी के नाना ने उसके नाम घर के पास ही एक प्लाट खरीदने की योजना बनाई हुई थी।

जिसे अपना समझा.. वही बन बैठा कातिल
वारदात का राजफाश होने के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका कहना है कि बबलू का उनके घर अच्छा आना जाना था। खुशी के नाना ने बीते दिनों बबलू को बताया था कि खुशी को मिलने वाली क्लेम राशि से वह उसके नाम एक प्लाट खरीदने वाले हैं। तभी से बबलू ने खुशी के अपहरण की साजिश रचनी शुरू कर दी। परिजन बिलखते हुए बार बार खुद को भी दोष दे रहे थे कि आखिर उन्होंने बाहरी व्यक्ति पर इतना भरोसा कैसे कर लिया।
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