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मदर डेयरी के दूध में दम मिला कम

Tue, 22 Dec 2015 10:15 PM IST
अमर उजाला, बुलंदशहर
अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Tue, 22 Dec 2015 10:15 PM IST
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Mother Dairy milk found substandard.
मदर डेयरी के दूध में उतना दम नहीं जिसकी उम्मीद सेहत बनाने के लिए की जाती है। प्रयोगशाला की जांच में मदर डेयरी के फुल क्रीम दूध में 28 प्रतिशत वसा कम पाई गई है।
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एसएनएफ (सोलिड नोट फेट) की मात्रा नौ के बजाय 8.1 प्रतिशत निकला है। इसके अलावा डबल हिरन ब्रांड सरसों के तेल की पैकेजिंग और लेबलिंग में नियमों का उल्लंघन के साथ-साथ रायता बूंदी भी सबस्टैंडर्ड मिली है।
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जून, जुलाई और अगस्त माह में फूड सेफ्टी विभाग ने खाद्य सामग्री के 25 से अधिक नमूने जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजे थे।

जिनमें सात नमूनों की रिपोर्ट मंगलवार को फूड सेफ्टी विभाग के डेजिगनेटिड अफसर रणधीर सिंह को प्राप्त हुई। सात में पांच नमूने दूध के थे।

एक नमूना सरसों के तेल का और एक नमूना रायते की बूंदी का है। सभी नमूने शुद्धता की कसौटी पर अधोमानक निकले हैं। मदर डेयरी ब्रांड के फुल क्रीम दूध का एक नमूना गुलावठी स्थित सैदपुर रोड से लिया गया था।
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मदर डेयरी के दूध में 28 फीसदी वसा कम पाई गई है। मानक के मुताबिक फुल क्रीम मिल्क में वसा की मात्रा 6 प्रतिशत होनी चाहिए। मदर डेयरी के फुल क्रीम दूध में 4.3 प्रतिशत वसा निकली।

फुल क्रीम मिल्क में एसएनएफ नौ फीसदी होना चाहिए था। जबकि  जांच में एसएनएफ 8.1 प्रतिशत पाया गया है। कुल मिलाकर कंपनी ने मानक की आड़ में उपभोक्ताओं से धोखा किया है।

डबल हिरन ब्रांड का सरसों का तेल भी अधोमानक पाया गया है। सरसों के तेल में पैकेजिंग और लेवलिंग का वॉयलेशन पाया गया है। रायते की बूंदी भी सब स्टैंडर्ड निकली है।

नोटिस जारी
कंपनी को नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद एडीएम प्रशासन की कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

नामचीन कंपनियां कर रही धोखा
फूड आइटम बनाने वाली नामचीन कंपनियां उपभोक्ताओं के साथ धोखा कर रही है। कंप्लान बनाने वाली हींज कंपनी का आइम मानक पर खरा नहीं उतरा था। इसलिए एडीएम ने कंपनी पर जुर्माना लगाया था।


कोका कोला कंपनी पर भी जुर्माना ठोका जा चुका है। दूध बनाने वाली कंपनी गोपाल जी और मधुसूदन  के उत्पादन भी मानक पर खरे नहीं उतरे हैं।  

दूध के 424 नमूने फेल
पिछले साल और इस साल अब तक  दूध के 424 नमूने मानक पर खरे नहीं उतर पाए। ये संख्या जांच को भेजे गए कुल नमूनों की 55 फीसदी है।

मानक पर यदि दूध खरा नहीं है तो ऐसे दूध को पीने से शरीर का विकास बाधित होगा। ये सीधे तौर उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। -डॉ. डीके शर्मा, फिजिशयन

मदर डेयरी के फुल क्रीम मिल्म में वसा की मात्रा 28 प्रतिशत कम पाई गई है। एसएनएफ नौ प्रतिशत के बजाय 8.1 प्रतिशत पाया गया है। कुल मिलाकर दूध मानक की कसौटी पर खरा नहीं है। नोटिस जारी कर दिया गया है। जल्द ही वाद दायर कराया जाएगा।-रणधीर सिंह, डीओ, फूड सेफ्टी
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