{"_id":"67c1e806df10cc09c40f657c","slug":"models-of-waste-management-and-contaminated-water-treatment-system-dominate-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-130237-2025-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: कचरा प्रबंधन एवं दूषित जल उपचार तंत्र के माॅडल छाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: कचरा प्रबंधन एवं दूषित जल उपचार तंत्र के माॅडल छाए
विज्ञापन
उच्च प्राथमिक विद्यालय दरियापुर में विज्ञान प्रदर्शनी में छात्राओं के बनाए मॉडल का अवलोकन करते
बुलंदशहर। उच्च प्राथमिक विद्यालय दरियापुर में शुक्रवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने कचरा प्रबंधन एवं दूषित जल उपचार तंत्र, पृथ्वी व सौर मंडल समेत विज्ञान से संबंधित अनेक माॅडल पेश किए। उनके द्वारा बनाए गए मॉडल को खूब सराहा गया। चयनित छात्र-छात्राओं को पुरस्कार दिया गया।
विज्ञान प्रदर्शनी की शुरुआत जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा व बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडे ने फीता काटकर की। अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए मॉडलों का बारी-बारी से अवलोकन किया। साथ ही बच्चों से मॉडलों के बनाने की क्रिया के विषय में उनके अनुभवों को जाना।
सुभाष नेमा ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विज्ञान की उपयोगिता और महत्व पर प्रकाश डाला। बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक डॉ. सीवी रमन द्वारा 1928 में खोजे गए रमन प्रभाव की याद में मनाया जाता है। डाॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमें विज्ञान और तकनीक के महत्व को समझने और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का अवसर देता है।
विज्ञापन
यह दिन विज्ञान और तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को वैज्ञानिक अनुसंधान में प्रोत्साहित करने का भी कार्य करता है। इस प्रदर्शनी के आयोजन में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अलका एवं शिक्षिका शशि राठी के साथ-साथ समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा।
विज्ञापन
विज्ञान प्रदर्शनी की शुरुआत जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा व बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडे ने फीता काटकर की। अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए मॉडलों का बारी-बारी से अवलोकन किया। साथ ही बच्चों से मॉडलों के बनाने की क्रिया के विषय में उनके अनुभवों को जाना।
विज्ञापन
सुभाष नेमा ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विज्ञान की उपयोगिता और महत्व पर प्रकाश डाला। बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक डॉ. सीवी रमन द्वारा 1928 में खोजे गए रमन प्रभाव की याद में मनाया जाता है। डाॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमें विज्ञान और तकनीक के महत्व को समझने और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का अवसर देता है।
विज्ञापन
यह दिन विज्ञान और तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को वैज्ञानिक अनुसंधान में प्रोत्साहित करने का भी कार्य करता है। इस प्रदर्शनी के आयोजन में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अलका एवं शिक्षिका शशि राठी के साथ-साथ समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा।