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3.82 करोड़ रुपये से मॉडल बनेंगे 10 गांव
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3.82 करोड़ रुपये से मॉडल बनेंगे 10 गांव
बुलंदशहर। ओडीएफ प्लस योजना के तहत जिले के 10 गांव को मॉडल बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने 3.82 करोड़ रुपये का बजट जिला पंचायती राज विभाग को भेज दिया है। जल्द ही इन 10 गांव में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसमें मुख्य रूप से नाली, सोख्ता गड्ढे, कूड़ा प्रबंधन, तालाबों की सफाई, पॉलीथिन और प्लास्टिक का निस्तारण किया जाएगा। यह सभी गांव 10 हजार से अधिक आबादी वाले हैं। कूड़े से खाद बनाकर यहां के लोगों की आमदनी भी बढ़ाई जाएगी। इसकी कार्य योजना तैयार हो चुकी है।
ओडीएफ प्लस योजना के तहत 10 गांवों के लिए मिले 3.82 रुपये से गांव में उन जगहों पर नालियों का निर्माण होगा, जहां से पानी निकासी की समस्या है। तालाबों की सफाई होगी। गांव को जलभराव से निजात दिलाने के लिए नालियों का पानी तालाब तक पहुंचाया जाएगा। गांवों में कूड़ा उठाने के लिए ई-रिक्शा व ट्रैक्टर-ट्रॉली खरीदी जाएगी। गीला व सूखा कूड़ा प्रबंधन के साथ ही खाद बनाने के लिए गड्ढे बनाए जाएंगे और वहां खाद तैयार करके गांव की आमदनी बढ़ाने को उसे बेचा जाएगा। गांवों में प्लास्टिक बैंक बनाए जाएंगे। जिसके माध्यम से मशीन लगाकर इसे नष्ट किया जाएगा। पूरे गांव से पॉलीथिन और प्लास्टिक को एकत्रित करने की अलग से व्यवस्था की जाएगी। यह सभी 10 ग्राम पंचायत 10 हजार से अधिक आबादी वाली हैं। खुर्जा क्षेत्र के गांव शहजादपुर कनैनी को पहले ही मॉडल गांव के रूप में चयन किया जा चुका है।
तय किए जाएंगे जिम्मेदारों के काम
डीपीआरओ के अनुसार योजना को सफल बनाने के लिए सभी जिम्मेदारों के काम तय किए जाएंगे। प्लॉस्टिक पर प्रतिबंध की घोषणा के साथ ही ग्राम सभा में निगरानी के लिए कमेटी भी बनाई जाएगी। कमेटी में सदस्य के रूप में ग्रामीण शामिल किए जाएंगे। ये टीम कोई प्लास्टिक उपयोग तो नहीं कर रहा, इसकी निगरानी करेगी। इस कार्य में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और ग्रामीण सफाईकर्मी से लेकर जिला मुख्यालय तक विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य, गांव के जागरूक लोगों आदि का भी सहयोग लिया जाएगा।
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इन गांवों का किया गया है चयन
ओडीएफ प्लास योजना जिले से प्रथम चरण में इन गांवों का चयन किया गया है। इनमें ब्लॉक अगौता की ग्राम पंचायत मालागढ़, गुलावठी क्षेत्र की ग्राम पंचायत बराल, ऊंचागांव की पंचायत अमरपुर, दानपुर की ग्राम पंचायत रसूलपुर नारायणपुर, डिबाई की ग्राम पंचायत जरगवां, लखावटी की ग्राम पंचायत शेरपुर गढ़वा, शिकारपुर की ग्राम पंचायत सलेमपुर, स्याना की ग्राम पंचायत जलालपुर, सिकंदराबाद की ग्राम पंचायत गेसुपुर और बीबीनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मडोना जाफराबाद शामिल हैं।
ओडीएफ प्लस योजना के तहत मिली राशि से इन गांवों की हालत काफी सुधर जाएगी और कूड़ा प्रबंधन से लेकर खाद बनाने तक का कार्य होगा। इस बजट से जल्द ही कार्य शुरू कराए जाएंगे। - डॉ. प्रीतम सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी।
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बुलंदशहर। ओडीएफ प्लस योजना के तहत जिले के 10 गांव को मॉडल बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने 3.82 करोड़ रुपये का बजट जिला पंचायती राज विभाग को भेज दिया है। जल्द ही इन 10 गांव में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसमें मुख्य रूप से नाली, सोख्ता गड्ढे, कूड़ा प्रबंधन, तालाबों की सफाई, पॉलीथिन और प्लास्टिक का निस्तारण किया जाएगा। यह सभी गांव 10 हजार से अधिक आबादी वाले हैं। कूड़े से खाद बनाकर यहां के लोगों की आमदनी भी बढ़ाई जाएगी। इसकी कार्य योजना तैयार हो चुकी है।
ओडीएफ प्लस योजना के तहत 10 गांवों के लिए मिले 3.82 रुपये से गांव में उन जगहों पर नालियों का निर्माण होगा, जहां से पानी निकासी की समस्या है। तालाबों की सफाई होगी। गांव को जलभराव से निजात दिलाने के लिए नालियों का पानी तालाब तक पहुंचाया जाएगा। गांवों में कूड़ा उठाने के लिए ई-रिक्शा व ट्रैक्टर-ट्रॉली खरीदी जाएगी। गीला व सूखा कूड़ा प्रबंधन के साथ ही खाद बनाने के लिए गड्ढे बनाए जाएंगे और वहां खाद तैयार करके गांव की आमदनी बढ़ाने को उसे बेचा जाएगा। गांवों में प्लास्टिक बैंक बनाए जाएंगे। जिसके माध्यम से मशीन लगाकर इसे नष्ट किया जाएगा। पूरे गांव से पॉलीथिन और प्लास्टिक को एकत्रित करने की अलग से व्यवस्था की जाएगी। यह सभी 10 ग्राम पंचायत 10 हजार से अधिक आबादी वाली हैं। खुर्जा क्षेत्र के गांव शहजादपुर कनैनी को पहले ही मॉडल गांव के रूप में चयन किया जा चुका है।
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तय किए जाएंगे जिम्मेदारों के काम
डीपीआरओ के अनुसार योजना को सफल बनाने के लिए सभी जिम्मेदारों के काम तय किए जाएंगे। प्लॉस्टिक पर प्रतिबंध की घोषणा के साथ ही ग्राम सभा में निगरानी के लिए कमेटी भी बनाई जाएगी। कमेटी में सदस्य के रूप में ग्रामीण शामिल किए जाएंगे। ये टीम कोई प्लास्टिक उपयोग तो नहीं कर रहा, इसकी निगरानी करेगी। इस कार्य में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और ग्रामीण सफाईकर्मी से लेकर जिला मुख्यालय तक विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य, गांव के जागरूक लोगों आदि का भी सहयोग लिया जाएगा।
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इन गांवों का किया गया है चयन
ओडीएफ प्लास योजना जिले से प्रथम चरण में इन गांवों का चयन किया गया है। इनमें ब्लॉक अगौता की ग्राम पंचायत मालागढ़, गुलावठी क्षेत्र की ग्राम पंचायत बराल, ऊंचागांव की पंचायत अमरपुर, दानपुर की ग्राम पंचायत रसूलपुर नारायणपुर, डिबाई की ग्राम पंचायत जरगवां, लखावटी की ग्राम पंचायत शेरपुर गढ़वा, शिकारपुर की ग्राम पंचायत सलेमपुर, स्याना की ग्राम पंचायत जलालपुर, सिकंदराबाद की ग्राम पंचायत गेसुपुर और बीबीनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मडोना जाफराबाद शामिल हैं।
ओडीएफ प्लस योजना के तहत मिली राशि से इन गांवों की हालत काफी सुधर जाएगी और कूड़ा प्रबंधन से लेकर खाद बनाने तक का कार्य होगा। इस बजट से जल्द ही कार्य शुरू कराए जाएंगे। - डॉ. प्रीतम सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी।