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80 आदर्श गांवों में विकास का खाका तैयार, राशि का इंतजार
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80 आदर्श गांवों में विकास का खाका तैयार, राशि का इंतजार
बुलंदशहर। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में शामिल जिले के 80 गांवों में भी विकास का खाका तैयार हो गया है। इसके लिए शासन से राशि मिलने का इंतजार है। इससे पूर्व योजना में शामिल 20 गांवों को 10-10 लाख की राशि जारी कर दी गई है।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) प्रमुख योजनाओं में से एक है। इस योजना में उन गांवों को शामिल करने का प्रावधान है, जहां 50 फीसदी से अधिक अनुसूचित जाति जनसंख्या निवास करती हो। ताकि इन गांवों को शत प्रतिशत आदर्श ग्राम का दर्जा दिया जा सके। इन गांवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित किया जा सके। ऐसे गांवों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए वहां अपेक्षित सभी भौतिक सुविधाएं और सामाजिक संरचना हो सके। इस राशि से गांव में पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, समाज सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें और आवास, विद्युत व्यवस्था आदि विकास के कार्य कराए जाएंगे। इस योजना से अब तक जिले के 100 गांव शामिल हो चुके हैं। योजना को संचालित करने की जिम्मेदारी जिला समाज कल्याण अधिकारी को दी गई है। योजना में शामिल एक गांव के विकास के लिए 20 लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में चयनित गांवों में अनेक विकास कार्य करवाएं जाएंगे। इनमें गांव की गलियों को पक्का कर और नालियां बनाई जाएंगी। साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था के साथ अन्य जरूरी विकास कार्य भी करवाए जाएंगे। इनमें इंटरलॉकिंग और सीसी मार्ग बनाने के अलावा पानी निकासी आदि विकास कार्य भी होंगे।
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बुलंदशहर। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में शामिल जिले के 80 गांवों में भी विकास का खाका तैयार हो गया है। इसके लिए शासन से राशि मिलने का इंतजार है। इससे पूर्व योजना में शामिल 20 गांवों को 10-10 लाख की राशि जारी कर दी गई है।
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) प्रमुख योजनाओं में से एक है। इस योजना में उन गांवों को शामिल करने का प्रावधान है, जहां 50 फीसदी से अधिक अनुसूचित जाति जनसंख्या निवास करती हो। ताकि इन गांवों को शत प्रतिशत आदर्श ग्राम का दर्जा दिया जा सके। इन गांवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित किया जा सके। ऐसे गांवों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए वहां अपेक्षित सभी भौतिक सुविधाएं और सामाजिक संरचना हो सके। इस राशि से गांव में पेयजल और स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, समाज सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें और आवास, विद्युत व्यवस्था आदि विकास के कार्य कराए जाएंगे। इस योजना से अब तक जिले के 100 गांव शामिल हो चुके हैं। योजना को संचालित करने की जिम्मेदारी जिला समाज कल्याण अधिकारी को दी गई है। योजना में शामिल एक गांव के विकास के लिए 20 लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में चयनित गांवों में अनेक विकास कार्य करवाएं जाएंगे। इनमें गांव की गलियों को पक्का कर और नालियां बनाई जाएंगी। साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था के साथ अन्य जरूरी विकास कार्य भी करवाए जाएंगे। इनमें इंटरलॉकिंग और सीसी मार्ग बनाने के अलावा पानी निकासी आदि विकास कार्य भी होंगे।
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