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सीएमएस ने डीएम पर लगाया अभद्रता का आरोप, मंत्री को भेजी चिट्ठी
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सीएमएस ने डीएम पर लगाया अभद्रता का आरोप, मंत्री को भेजी चिट्ठी
बुलंदशहर। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव प्रसाद ने जिलाधिकारी पर बैठक के दौरान अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री और प्रमुख सचिव समेत अन्य अफसरों को शिकायती पत्र भेजा है। साथ ही मामले मेें कार्रवाई नहीं होने पर इस्तीफा देने की बात कही है। सीएमएस ने प्रकरण में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ से कार्रवाई के लिए सहयोग मांगा है।
सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने प्रमुख सचिव को भेजे गए पत्र में बताया कि नौ सितंबर को कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित हुई मुख्यमंत्री की वीसी के बाद जिला अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीजों के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा कुछ सवाल पूछे गए। जिनका सम्मानपूर्वक जवाब दिया गया। आरोप है कि जवाब सुन डीएम ने अभद्र/अर्मयादित भाषा में डांटना शुरू कर दिया। जबकि, वीसी में सीएमओ समेत जिला स्तरीय अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। डीएम द्वारा संयुक्त निदेशक की अर्हता रखने वाले वरिष्ठ अधिकारी से इस तरह की भाषा का प्रयोग किया जाना असहनीय है। मामले में डीएम रविंद्र कुमार ने अपना पक्ष नहीं रखा।
इन्हें भी भेजा गया पत्र
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद द्वारा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव के अलावा स्वास्थ्य मंत्री, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, मेरठ मंडल आयुक्त, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सीएमओ, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश व जनपद अध्यक्ष और सचिव आदि को पत्र भेजा है।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने की निंदा
सीएमएस ने प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश, जनपद अध्यक्ष और सचिव को भी पत्र भेजकर प्रकरण से अवगत कराया है। संघ के अध्यक्ष डॉ. आशीष प्रकाश ने बताया कि डीएम द्वारा ऐसी अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। संघ ने मामले की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा काफी चुनौतीपूर्ण कार्य किया गया। इसके बावजूद दुत्कार का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रकार के शब्द कहे जाने से मानसिक रूप से आहत हूं और कार्रवाई नहीं होने पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्त (इस्तीफा) लेना पसंद करुंगा। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस, जिला अस्पताल
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव प्रसाद ने जिलाधिकारी पर बैठक के दौरान अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री और प्रमुख सचिव समेत अन्य अफसरों को शिकायती पत्र भेजा है। साथ ही मामले मेें कार्रवाई नहीं होने पर इस्तीफा देने की बात कही है। सीएमएस ने प्रकरण में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ से कार्रवाई के लिए सहयोग मांगा है।
सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने प्रमुख सचिव को भेजे गए पत्र में बताया कि नौ सितंबर को कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित हुई मुख्यमंत्री की वीसी के बाद जिला अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीजों के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा कुछ सवाल पूछे गए। जिनका सम्मानपूर्वक जवाब दिया गया। आरोप है कि जवाब सुन डीएम ने अभद्र/अर्मयादित भाषा में डांटना शुरू कर दिया। जबकि, वीसी में सीएमओ समेत जिला स्तरीय अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। डीएम द्वारा संयुक्त निदेशक की अर्हता रखने वाले वरिष्ठ अधिकारी से इस तरह की भाषा का प्रयोग किया जाना असहनीय है। मामले में डीएम रविंद्र कुमार ने अपना पक्ष नहीं रखा।
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इन्हें भी भेजा गया पत्र
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद द्वारा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव के अलावा स्वास्थ्य मंत्री, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, मेरठ मंडल आयुक्त, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सीएमओ, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश व जनपद अध्यक्ष और सचिव आदि को पत्र भेजा है।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने की निंदा
सीएमएस ने प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश, जनपद अध्यक्ष और सचिव को भी पत्र भेजकर प्रकरण से अवगत कराया है। संघ के अध्यक्ष डॉ. आशीष प्रकाश ने बताया कि डीएम द्वारा ऐसी अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। संघ ने मामले की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा काफी चुनौतीपूर्ण कार्य किया गया। इसके बावजूद दुत्कार का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रकार के शब्द कहे जाने से मानसिक रूप से आहत हूं और कार्रवाई नहीं होने पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्त (इस्तीफा) लेना पसंद करुंगा। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस, जिला अस्पताल