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Bulandshahar News: मीटर रीडरों ने मांग पूरी न होने पर दिया सामूहिक इस्तीफा
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बुलंदशहर। निजी कंपनी पर तय पारिश्रमिक और सेवा लाभ प्रदान नहीं कराने का आरोप लगाने वाले मीटर रीडरों की हड़ताल रविवार को भी जारी रही। अभी तक समस्या का कोई सकारात्मक हल नहीं पर उन्होंने बैठक कर निजी कंपनी के जोनल मैनेजर को सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। इसे लेकर अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
रविवार को मलका पार्क में मीटर रीडर एकत्रित हुए। उन्होंने कहा कि निजी कंपनी ने ऊर्जा निगम की ओर से उपभोक्ताओं के यहां लगाए बिजली मीटर की रीडिंग लेने की जिम्मेदारी साैंपी है। आरोप लगाया कि निजी कंपनी मीटर रीडरों के पारिश्रमिक के नाम पर घोटाला कर रही है।
तय पारिश्रमिक से कम भुगतान किया जाता है। हाउस एलांउस, पीएफ आदि का लाभ भी नियमानुसार नहीं दिया जा रहा है। कई बार निजी कंपनी के अधिकारियों से समस्या के समाधान को लेकर वार्ता की गई, लेकिन कोई सकारात्मक हल नहीं निकला।
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इस पर सभी मीटर रीडरों की हड़ताल जारी है। साथ ही अब एकजुट होकर इस्तीफा सौंपने का निर्णय लिया है। वह यमुनापुरम स्थित निजी कंपनी के कार्यालय पहुंचे। जोनल मैनेजर ललित शर्मा को इस्तीफा सौंपा। इस पर जोनल मैनेजर ने मीटर रीडरों को समझाया। अधिकारियों तक उनकी समस्या पहुंचाकर समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी मीटर रीडर अपनी मांग पर अड़े रहे। इस मौके पर मीटर रीडर नरेंद्र कुमार, जगदीश सैनी, लवकुश, अमित कुमार, मनोज कुमार, मो. दानिश, विपिन शर्मा, दौलतराम, वेद प्रकाश, जितेंद्र कुमार व राकेश आदि मौजूद रहे।
दूसरी ओर ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता संजीव कुमार का कहना है कि मीटर रीडर निजी कंपनी की ओर से रखे गए हैं। इनके द्वारा इस्तीफा सौंपने की जानकारी नहीं है। सोमवार को कंपनी प्रतिनिधि एवं मीटर रीडरों को कार्यालय बुलाकर वार्ता की जाएगी। उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। बिजली बिल को लेकर उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
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रविवार को मलका पार्क में मीटर रीडर एकत्रित हुए। उन्होंने कहा कि निजी कंपनी ने ऊर्जा निगम की ओर से उपभोक्ताओं के यहां लगाए बिजली मीटर की रीडिंग लेने की जिम्मेदारी साैंपी है। आरोप लगाया कि निजी कंपनी मीटर रीडरों के पारिश्रमिक के नाम पर घोटाला कर रही है।
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तय पारिश्रमिक से कम भुगतान किया जाता है। हाउस एलांउस, पीएफ आदि का लाभ भी नियमानुसार नहीं दिया जा रहा है। कई बार निजी कंपनी के अधिकारियों से समस्या के समाधान को लेकर वार्ता की गई, लेकिन कोई सकारात्मक हल नहीं निकला।
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इस पर सभी मीटर रीडरों की हड़ताल जारी है। साथ ही अब एकजुट होकर इस्तीफा सौंपने का निर्णय लिया है। वह यमुनापुरम स्थित निजी कंपनी के कार्यालय पहुंचे। जोनल मैनेजर ललित शर्मा को इस्तीफा सौंपा। इस पर जोनल मैनेजर ने मीटर रीडरों को समझाया। अधिकारियों तक उनकी समस्या पहुंचाकर समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी मीटर रीडर अपनी मांग पर अड़े रहे। इस मौके पर मीटर रीडर नरेंद्र कुमार, जगदीश सैनी, लवकुश, अमित कुमार, मनोज कुमार, मो. दानिश, विपिन शर्मा, दौलतराम, वेद प्रकाश, जितेंद्र कुमार व राकेश आदि मौजूद रहे।
दूसरी ओर ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता संजीव कुमार का कहना है कि मीटर रीडर निजी कंपनी की ओर से रखे गए हैं। इनके द्वारा इस्तीफा सौंपने की जानकारी नहीं है। सोमवार को कंपनी प्रतिनिधि एवं मीटर रीडरों को कार्यालय बुलाकर वार्ता की जाएगी। उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा। बिजली बिल को लेकर उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।