{"_id":"5867ece84f1c1b425ceed48b","slug":"maternal-hospital-management-made-to-pay-the-outstanding-mortgage","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रसूता को बकाया अदा न करने पर अस्पताल प्रबंधन ने बनाया बंधक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रसूता को बकाया अदा न करने पर अस्पताल प्रबंधन ने बनाया बंधक
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 31 Dec 2016 11:08 PM IST
विज्ञापन
क्राइम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए पहुंची गर्भवती महिला को एक आशा बहलाकर निजी अस्पताल ले गई। वहां आपरेशन के दौरान की गई, जिसमें बच्चे की मौत हो गई। बाद मंे अस्पताल का बिल न चुकाने पर उसको अस्पताल संचालक ने बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता को बंधनमुक्त कराया।
प्रसूता ने अस्पताल संचालक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है। मामले की शिकायत सीएमओ और एसएसपी से भी की गई है। डिबाई स्थित गोस्वामी ईंट भट्टे पर मजदूरी करने वाला अजय पत्नी कौशल्या को 26 दिसंबर को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल लाया था।
विज्ञापन
आरोप है कि एक आशा अजय व कौशल्या को महिला अस्पताल से बहलाकर एक निजी अस्पताल में ले गई। वहां उससे ऑपरेशन से पहले 19500 रुपये जमा करा लिए। डिलीवरी के दौरान नवजात बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद कौशल्या को अस्पताल प्रबंधन ने बंधक बना लिया।
विज्ञापन
तीन दिन तक वह पत्नी को डिस्चार्ज कराने के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन अस्पताल प्रबंधन उससे 12 हजार रुपये और मांग रहा था। सूचना पर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर महिला को डिस्चार्ज कराया गया।
जांच कर सीएमओ और एसएसपी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। -पोषीराम शर्मा, प्रभारी, नगर कोतवाली
निजी अस्पताल ले जाने वाली आशा को भी चिह्नित किया जाएगा। जांच कर अस्पताल संचालक पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
मरीज के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। प्रसूता को बंधक नहीं बनाया गया। बल्कि वह तो खुद उसे ले जाने के लिए परिजनों से कह रहीं थी। - अस्पताल संचालिका