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देहात के आठ गांवों के बीच से गुजरेगा लिंक हाईवे
सार
देहात के आठ गांवों के बीच से गुजरेगा लिंक हाईवेबुलंदशहर।इसके बाद संबंधित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है।करीब तीन साल पहले हाईवे का कार्य पूरा हो गया था, लेकिन अभी तक एनएच 91 और एनएच 334 को आपस में लिंक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया था।
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विस्तार
देहात के आठ गांवों के बीच से गुजरेगा लिंक हाईवे
बुलंदशहर। बुलंदशहर-मेरठ (एनएच 334) और बुलंदशहर-गाजियाबाद (एनएच 91) को अब लिंक किया जाएगा। इस योजना के तहत एनएचएआइ और जिला प्रशासन की टीम ने हाईवे के प्रस्तावित रूट के लिए संयुक्त निरीक्षण कर लिया है। इसके बाद संबंधित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। जिसके बाद अब एनएचएआई के अधिकारी नक्शा बनाकर स्वीकृति की तैयारी में जुट गए हैं।
मेरठ से बुलंदशहर का सफर सुहाना करने के लिए केंद्र सरकार ने करीब 700 करोड़ की लागत से नेशनल हाईवे 334 का निर्माण कराया था। करीब तीन साल पहले हाईवे का कार्य पूरा हो गया था, लेकिन अभी तक एनएच 91 और एनएच 334 को आपस में लिंक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया था। हाईवे के टेंडर के दौरान ही इस लिंक हाईवे को भी प्रस्तावित किया गया था। पूर्व में एनएचएआइ के अधिकारियों ने लिंक हाईवे के लिए योजना बनाई थी और जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी, लेकिन अगस्त माह में इस योजना को रद्द कर जमीन के बैनामा के लिए हरी झंडी दे दी थी। अब एक बार फिर से लिंक हाईवे बनाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों ने कदम उठाया है। इसके लिए अधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से सर्वे करते हुए प्रस्तावित कार्य को हरी झंडी दी है और सभी आठ गांवों में जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी है। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रस्तावित कार्य को पूरा करने में अभी करीब एक वर्ष का समय लगेगा।
इन गांवों से गुजरेगा हाईवे
मेरठ हाईवे से दिल्ली हाईवे को लिंक करने के लिए कुड़वल बनारस, काजमपुर देवली, कमालपुर, औढेरा उर्फ नवादा, असदुल्लापुर, अड़ौली से होकर दरियापुर गांव पर हाईवे को आपस में जोड़ा जाएगा। इसकी कुल लंबाई तीन किमी होगी। इस संबंध में पहले नक्शा तैयार करते हुए स्वीकृति ली जाएगी और इसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करते हुए किसानों को मुआवजा वितरण और दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद हाईवे निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।
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मेरठ से अलीगढ़, अलीगढ़ से मेरठ वाले वाहन नहीं करेंगे शहर में प्रवेश
लिंक हाईवे का काम पूरा होने के बाद मेरठ, हापुड़ से खुर्जा, अलीगढ़, अलीगढ़, खुर्जा से मेरठ, हापुड़, बागपत, सहारनपुर, बड़ौत, उत्तराखंड के लिए जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए लिंक हाईवे के माध्यम से वाहन चालक हाईवे बदलकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे शहर में वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।
लिंक हाईवे निर्माण के लिए एनएचएआई के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से सर्वे कर लिया गया है। इसके लिए आगे की प्रक्रिया एनएचएआई के अधिकारी करेंगे। जबकि आठों गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन
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बुलंदशहर। बुलंदशहर-मेरठ (एनएच 334) और बुलंदशहर-गाजियाबाद (एनएच 91) को अब लिंक किया जाएगा। इस योजना के तहत एनएचएआइ और जिला प्रशासन की टीम ने हाईवे के प्रस्तावित रूट के लिए संयुक्त निरीक्षण कर लिया है। इसके बाद संबंधित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। जिसके बाद अब एनएचएआई के अधिकारी नक्शा बनाकर स्वीकृति की तैयारी में जुट गए हैं।
मेरठ से बुलंदशहर का सफर सुहाना करने के लिए केंद्र सरकार ने करीब 700 करोड़ की लागत से नेशनल हाईवे 334 का निर्माण कराया था। करीब तीन साल पहले हाईवे का कार्य पूरा हो गया था, लेकिन अभी तक एनएच 91 और एनएच 334 को आपस में लिंक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया था। हाईवे के टेंडर के दौरान ही इस लिंक हाईवे को भी प्रस्तावित किया गया था। पूर्व में एनएचएआइ के अधिकारियों ने लिंक हाईवे के लिए योजना बनाई थी और जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी, लेकिन अगस्त माह में इस योजना को रद्द कर जमीन के बैनामा के लिए हरी झंडी दे दी थी। अब एक बार फिर से लिंक हाईवे बनाने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों ने कदम उठाया है। इसके लिए अधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से सर्वे करते हुए प्रस्तावित कार्य को हरी झंडी दी है और सभी आठ गांवों में जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी है। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रस्तावित कार्य को पूरा करने में अभी करीब एक वर्ष का समय लगेगा।
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इन गांवों से गुजरेगा हाईवे
मेरठ हाईवे से दिल्ली हाईवे को लिंक करने के लिए कुड़वल बनारस, काजमपुर देवली, कमालपुर, औढेरा उर्फ नवादा, असदुल्लापुर, अड़ौली से होकर दरियापुर गांव पर हाईवे को आपस में जोड़ा जाएगा। इसकी कुल लंबाई तीन किमी होगी। इस संबंध में पहले नक्शा तैयार करते हुए स्वीकृति ली जाएगी और इसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करते हुए किसानों को मुआवजा वितरण और दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद हाईवे निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।
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मेरठ से अलीगढ़, अलीगढ़ से मेरठ वाले वाहन नहीं करेंगे शहर में प्रवेश
लिंक हाईवे का काम पूरा होने के बाद मेरठ, हापुड़ से खुर्जा, अलीगढ़, अलीगढ़, खुर्जा से मेरठ, हापुड़, बागपत, सहारनपुर, बड़ौत, उत्तराखंड के लिए जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए लिंक हाईवे के माध्यम से वाहन चालक हाईवे बदलकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे शहर में वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।
लिंक हाईवे निर्माण के लिए एनएचएआई के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से सर्वे कर लिया गया है। इसके लिए आगे की प्रक्रिया एनएचएआई के अधिकारी करेंगे। जबकि आठों गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन