फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   light theap

मीटर रीडिंग कम दिखाने से विभाग को हो रहा आर्थिक नुकसान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2022 10:39 PM IST
विज्ञापन
light theap
मीटर रीडिंग कम दिखाने से विभाग को हो रहा आर्थिक नुकसान
विज्ञापन

बुलंदशहर। बिजली चोरी के मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद बिजली चोरी पर लगाम लगा पाना अफसरों के लिए चुनौती साबित हो रहा है। कहीं पर मीटर रीडर ही रीडिंग स्टोर कर कम यूनिट दिखाकर विभाग को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो कहीं, मीटर का गड़बड़झाला विभाग को घाटे में ले जा रहा है। वहीं अफसर जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई करने का दंभ भर रहे हैं।
मीटर रीडिंग लेने के मैनुअली और एमआरआइ दो तरीके होते हैं। मैनुअली में रीडिंग स्टोर करना आसान होता है। वह हर महीने मीटर में रीडिंग स्टोर करता रहता है। धीरे-धीरे ये रीडिंग मीटर में स्टोर होती रहती हैं। एमआरआई तकनीक में मीटर पर चुंबक लगाकर मोबाइल को मशीन से कनेक्ट किया जाता है। इससे मीटर पुरानी रीडिंग के साथ करंट रीडिंग भी जुड़ जाती है। इससे मीटर में रीडिंग स्टोर नहीं हो पाती है। इसमें उपभोक्ता के साथ मीटर रीडर का आर्थिक हित भी जुड़ा होता है।
विज्ञापन

कुछ समय पूर्व देवीपुरा इलाके में एक उपभोक्ता के मीटर में करीब 28 हजार यूनिट थीं। लेकिन मीटर रीडर ने मात्र 25 हजार यूनिट का ही बिल भेजा। जबकि करीब तीन हजार यूनिट स्टोर कर ली गई। हालांकि, मामला बाद में संज्ञान में आने पर मीटर रीडर ने भूलवश ऐसा होने की बात कही। जिस पर उसे हिदायत देकर छोड़ दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

मीटर खराब होने पर भी होता है खेल
कई बार उपभोक्ता का मीटर खराब होता है और उसे इस संबंध में जानकारी नहीं हो पाती है। बिजली उपभोग के सापेक्ष कभी अधिक तो कभी कम बिल आने पर उसे जानकारी होती है कि मीटर खराब है। साथ ही इसके बाद जब मीटर बदला जाता है तो कई बार सामने आया है कि मीटर रीडिंग में गड़बड़ी हुई है। चाहे वह जानबूझ कर की गई हो या अनजाने में की गई हो।

मीटर रीडरों की रीडिंग क्रॉस चेक की जाती है। इस संबंध में अभियान चलाकर लगातार जांच की जा रही है और भविष्य में भी जारी रहेगी। - अभिषेक कुमार, शहर एक्सीएन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed