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Bulandshahar News: प्रशिक्षु आरक्षी की हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव आलमगीर नैनसुख में वर्ष 2016 में अवकाश पर घर आए प्रशिक्षु आरक्षी की गांव के ही दो युवकों ने धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी थी। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विजयपाल ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केशव कुमार शर्मा और विजय कुमार शर्मा ने बताया कि वादी वीरपाल निवासी गांव आलमगिर नैनसुख (छोटी सराय) ने बताया कि उनके बेटे शिवकुमार का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में हुआ था और पुलिस लाइन बुलंदशहर में वह ट्रेनिंग पर था। 29 सितंबर 2016 को अवकाश पर घर आए शिवकुमार और उसका भाई खेतों पर पानी देने गए थे। शिवकुमार देर शाम को खाना खाने खेतों से घर लौट रहा था। इसी दौरान गांव के ही छह युवकों ने क्रिकेट खेलने के दौरान पूर्व में हुए विवाद के चलते धारदार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। कोतवाली देहात पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही जांच पड़ताल के बाद दो आरोपी दीपक और राहुल के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश विजय पाल ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्य का अवलोकन कर दीपक और राहुल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों को 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोनों दोषियों को कोर्ट से जेल भेज दिया है।
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बुलंदशहर। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव आलमगीर नैनसुख में वर्ष 2016 में अवकाश पर घर आए प्रशिक्षु आरक्षी की गांव के ही दो युवकों ने धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी थी। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विजयपाल ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केशव कुमार शर्मा और विजय कुमार शर्मा ने बताया कि वादी वीरपाल निवासी गांव आलमगिर नैनसुख (छोटी सराय) ने बताया कि उनके बेटे शिवकुमार का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में हुआ था और पुलिस लाइन बुलंदशहर में वह ट्रेनिंग पर था। 29 सितंबर 2016 को अवकाश पर घर आए शिवकुमार और उसका भाई खेतों पर पानी देने गए थे। शिवकुमार देर शाम को खाना खाने खेतों से घर लौट रहा था। इसी दौरान गांव के ही छह युवकों ने क्रिकेट खेलने के दौरान पूर्व में हुए विवाद के चलते धारदार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। कोतवाली देहात पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही जांच पड़ताल के बाद दो आरोपी दीपक और राहुल के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश विजय पाल ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्य का अवलोकन कर दीपक और राहुल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों को 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोनों दोषियों को कोर्ट से जेल भेज दिया है।
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