{"_id":"65de161ff7066cd86b0f2561","slug":"life-imprisonment-to-three-including-wife-and-her-lover-bulandshahr-news-c-133-1-bul1003-112214-2024-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: पति की हत्या की दोषी पत्नी और उसके प्रेमी समेत तीन को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: पति की हत्या की दोषी पत्नी और उसके प्रेमी समेत तीन को आजीवन कारावास
विज्ञापन
मृतक योगेंद्र का फाइल फोटो। संवाद
बुलंदशहर। प्रेम प्रसंग में आड़े आने पर पति की हत्या करने वाली पत्नी, उसके प्रेमी व एक अन्य साथी को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर सात-सात हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है। जहांगीरपुर थाना क्षेत्र में नौ अप्रैल 2017 को जवां गांव निवासी योगेंद्र की फावड़े से वार कर हत्या कर दी गई थी।
पिता रतनपाल सिंह ने मामले में तहरीर देकर बताया था कि बेटा योगेंद्र खेत में गेहूं काटने की बात कहकर निकला था। खेत में उसका लहूलुहान शव पड़ा मिला। अभियोजन अधिवक्ता पीएस लोधी व देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रतनपाल ने रंजिशन हत्या का आरोप लगाते हुए गांव निवासी तीन लोगों को नामजद कराया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। जांच में तीनों की नामजदगी गलत पाई गई। पुलिस जांच में योगेंद्र की पत्नी मंजू की स्थिति संदिग्ध पाई गई। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की तो उसने हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया।
मंजू का जवां गांव निवासी मनोज उर्फ चौटाला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। योगेंद्र उसका विरोध कर रहा था। कई बार योगेंद्र ने उसे समझाया भी था। इसके बाद भी दोनों बाज नहीं आए। योगेंद्र को अपने रास्ते से हटाने के लिए मंजू ने प्रेमी मनोज के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। नौ अप्रैल 2017 को मनोज ने अपने एक अन्य साथी रूपेश निवासी गांव उदयपुर थाना खैर जनपद अलीगढ़ के साथ मिलकर योगेंद्र को खेत पर बुलाया। वहां पहले उसे शराब पिलाई, इसके बाद हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने मंजू, मनोज और रूपेश के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में पेश किया। अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार के न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर तीनों को दोषी करार दिया है। उन्हें आजीवन कारावास की सजा देने के साथ साथ सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया गया है।
विज्ञापन
पिता रतनपाल सिंह ने मामले में तहरीर देकर बताया था कि बेटा योगेंद्र खेत में गेहूं काटने की बात कहकर निकला था। खेत में उसका लहूलुहान शव पड़ा मिला। अभियोजन अधिवक्ता पीएस लोधी व देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रतनपाल ने रंजिशन हत्या का आरोप लगाते हुए गांव निवासी तीन लोगों को नामजद कराया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। जांच में तीनों की नामजदगी गलत पाई गई। पुलिस जांच में योगेंद्र की पत्नी मंजू की स्थिति संदिग्ध पाई गई। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की तो उसने हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया।
विज्ञापन
मंजू का जवां गांव निवासी मनोज उर्फ चौटाला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। योगेंद्र उसका विरोध कर रहा था। कई बार योगेंद्र ने उसे समझाया भी था। इसके बाद भी दोनों बाज नहीं आए। योगेंद्र को अपने रास्ते से हटाने के लिए मंजू ने प्रेमी मनोज के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। नौ अप्रैल 2017 को मनोज ने अपने एक अन्य साथी रूपेश निवासी गांव उदयपुर थाना खैर जनपद अलीगढ़ के साथ मिलकर योगेंद्र को खेत पर बुलाया। वहां पहले उसे शराब पिलाई, इसके बाद हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने मंजू, मनोज और रूपेश के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में पेश किया। अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार के न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर तीनों को दोषी करार दिया है। उन्हें आजीवन कारावास की सजा देने के साथ साथ सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया गया है।