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दहेज उत्पीड़न में बरी हत्या में आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Mon, 04 Jul 2016 11:15 PM IST
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हत्या
- फोटो : ब्यूरो
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कोतवाली देहात में एक साल पहले हुई दहेज उत्पीड़न के मामले में कोर्ट ने पति, जेठ और ससुर को बरी कर दिया लेकिन महिला की हत्या का दोषी मानते हुए कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
साथ ही जुर्माना नहीं देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए हैं। यह फैसला एफटीसी द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एचजेएस ध्रुव कुमार तिवारी की कोर्ट ने सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि गौतमबुद्धनगर थाना सूरजपुर के कुलेसरा गांव निवासी चंद्रप्रकाश पुत्र रमेश चंद्र ने थाना कोतवाली देहात में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उसने अपनी बहन सुमन की शादी 14 जुलाई 2010 को हसनपुर लड़ूकी निवासी महेश पुत्र पदम सिंह के साथ करने की बात बताई थी।
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शादी में हैसियत के हिसाब से दान-दहेज दिया था लेकिन इससे पति महेश, ससुर पदम सिंह, जेठ सुरेश खुश नहीं थे। शादी के बाद से ही सुमन से एक बाइक और एक लाख रुपये नगद की मांग करनी शुरू कर दी थी। मांग पूरी न होने पर आरोपी सुमन का आए दिन प्रताड़ित करते थे।
1 मार्च 2015 की शाम आरोपियों ने सुमन के ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा दी। पुलिस ने विवेचना कर तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की। केस की सुनवाई के दौरान वादी सहित 10 गवाह पेश किए गए।
न्यायाधीश ने दहेज हत्या के मामले में तीनों को दोषमुक्त कर दिया लेकिन सुमन की हत्या के मामले में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया।
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साथ ही जुर्माना नहीं देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए हैं। यह फैसला एफटीसी द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एचजेएस ध्रुव कुमार तिवारी की कोर्ट ने सुनाया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि गौतमबुद्धनगर थाना सूरजपुर के कुलेसरा गांव निवासी चंद्रप्रकाश पुत्र रमेश चंद्र ने थाना कोतवाली देहात में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उसने अपनी बहन सुमन की शादी 14 जुलाई 2010 को हसनपुर लड़ूकी निवासी महेश पुत्र पदम सिंह के साथ करने की बात बताई थी।
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शादी में हैसियत के हिसाब से दान-दहेज दिया था लेकिन इससे पति महेश, ससुर पदम सिंह, जेठ सुरेश खुश नहीं थे। शादी के बाद से ही सुमन से एक बाइक और एक लाख रुपये नगद की मांग करनी शुरू कर दी थी। मांग पूरी न होने पर आरोपी सुमन का आए दिन प्रताड़ित करते थे।
1 मार्च 2015 की शाम आरोपियों ने सुमन के ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेलकर आग लगा दी। पुलिस ने विवेचना कर तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की। केस की सुनवाई के दौरान वादी सहित 10 गवाह पेश किए गए।
न्यायाधीश ने दहेज हत्या के मामले में तीनों को दोषमुक्त कर दिया लेकिन सुमन की हत्या के मामले में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया।